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GK24
पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिन

ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के अंतर्गत अधिसूचित ऊर्जा-गहन उद्योग और प्रतिष्ठान किस नाम से जाने जाते हैं?

  1. A.नामित उपभोक्ता
  2. B.बाध्य संस्थाएँ
  3. C.मान्यताप्राप्त लेखापरीक्षक
  4. D.राज्य नामित अभिकरण

सही उत्तर

A. नामित उपभोक्ता

व्याख्या

सही उत्तर A, नामित उपभोक्ता है। अधिनियम की अनुसूची में ऊर्जा-गहन क्षेत्र गिनाए गए हैं, और उनमें अधिसूचित वार्षिक ऊर्जा खपत से ऊपर की इकाइयाँ नामित उपभोक्ता बन जाती हैं; प्रत्येक को ऊर्जा प्रबंधक नियुक्त करना, निर्धारित अंतराल पर ऊर्जा ऑडिट कराना, खपत का रिकॉर्ड रखना और अपने लिए तय मानदंड पूरे करने होते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि बाध्य संस्था शब्द नवीकरणीय खरीद बाध्यता के अंतर्गत वितरण लाइसेंसधारी या बड़े उपभोक्ता के लिए प्रयुक्त होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि मान्यताप्राप्त ऊर्जा लेखापरीक्षक वह प्रमाणित पेशेवर है जो नामित उपभोक्ता का ऑडिट करता है, स्वयं उपभोक्ता नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि राज्य नामित अभिकरण वह राज्य सरकारी निकाय है जो राज्य में अधिनियम लागू कराता है। पैट के लक्ष्य इन्हीं नामित उपभोक्ताओं पर रखे जाते हैं।

पूरा लेख पढ़ें: ऊर्जा संरक्षण: बीईई, स्टार लेबलिंग और उजाला

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Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

ऊर्जा दक्षता ब्यूरो की स्थापना निम्नलिखित में से किस अधिनियम के अंतर्गत हुई?

  1. A.विद्युत अधिनियम, 2003
  2. B.ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001
  3. C.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
  4. D.वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001

इसी अधिनियम ने ऊर्जा दक्षता ब्यूरो को वैधानिक निकाय के रूप में बनाया और उसे दक्षता मानक तय करने, लेबलिंग कार्यक्रम चलाने तथा भवन संहिता तैयार करने की शक्ति दी; ब्यूरो 1 मार्च 2002 को विद्युत मंत्रालय के अधीन अस्तित्व में आया।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

ऊर्जा दक्षता ब्यूरो किस केंद्रीय मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?

  1. A.पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
  2. B.नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
  3. C.विद्युत मंत्रालय
  4. D.भारी उद्योग मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. विद्युत मंत्रालय

बीईई विद्युत मंत्रालय से संबद्ध वैधानिक निकाय है और उसकी गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष केंद्रीय विद्युत मंत्री होते हैं।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

किसी उपकरण पर लगे बीईई स्टार लेबल में अधिक स्टार का अर्थ है कि वह उपकरण

  1. A.उतने ही काम के लिए कम बिजली खर्च करता है
  2. B.उतने ही काम के लिए अधिक बिजली खर्च करता है
  3. C.कम स्टार वाले मॉडल से सस्ता है
  4. D.अधिक लंबी वारंटी के साथ आता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. उतने ही काम के लिए कम बिजली खर्च करता है

स्टार लेबल उपकरण को उसके ऊर्जा प्रदर्शन के आधार पर एक स्टार से पाँच स्टार तक के वर्ग में रखता है, इसलिए पाँच स्टार मॉडल सबसे दक्ष होता है और अपने आकार वर्ग में सबसे कम वार्षिक ऊर्जा खपत दिखाता है।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

दक्ष प्रकाश व्यवस्था की सरकारी योजना उजाला का पूरा नाम क्या है?

  1. A.उन्नत ज्योति बाय अफोर्डेबल एलईडीज फॉर ऑल
  2. B.यूनिवर्सल ज्योति एंड लाइटिंग असिस्टेंस
  3. C.अर्बन ज्योति एंड अफोर्डेबल लैंप्स फॉर ऑल
  4. D.उन्नत जन आधार लाइटिंग अभियान
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. उन्नत ज्योति बाय अफोर्डेबल एलईडीज फॉर ऑल

यह कार्यक्रम घरेलू दक्ष प्रकाश कार्यक्रम के रूप में शुरू हुआ और 5 जनवरी 2015 को उजाला नाम से आरंभ किया गया, जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं को एलईडी बल्ब, ट्यूबलाइट और दक्ष पंखे खुदरा दर से बहुत कम मूल्य पर दिए जाते हैं।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

उजाला और स्ट्रीट लाइटिंग राष्ट्रीय कार्यक्रम का कार्यान्वयन कौन करता है?

  1. A.ऊर्जा दक्षता ब्यूरो
  2. B.एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड
  3. C.केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण
  4. D.सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड

सही उत्तर B, एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड है, जो विद्युत मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक उपक्रमों का संयुक्त उद्यम है और एलईडी बल्ब तथा स्ट्रीट लाइट थोक में खरीदकर लागत उपभोक्ताओं से या नगरपालिका के बिजली बिल में हुई बचत से वसूलता है।