ऊर्जा दक्षता ब्यूरो किस केंद्रीय मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?
- A.पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- B.नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
- C.विद्युत मंत्रालय
- D.भारी उद्योग मंत्रालय
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर C, विद्युत मंत्रालय है। बीईई विद्युत मंत्रालय से संबद्ध वैधानिक निकाय है और उसकी गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष केंद्रीय विद्युत मंत्री होते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय वन, वन्यजीव, प्रदूषण नियंत्रण और जलवायु वार्ताओं का काम देखता है, उपकरणों के दक्षता मानक नहीं। विकल्प B आम जाल है: नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय सौर, पवन और बायोमास से नई आपूर्ति बढ़ाता है, जबकि ऊर्जा दक्षता का अर्थ है उपलब्ध आपूर्ति का कम उपयोग, और यह विद्युत मंत्रालय का विषय है। विकल्प D गलत है क्योंकि भारी उद्योग मंत्रालय इंजीनियरिंग और वाहन क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम देखता है। याद रखें कि बीईई, ईईएसएल और ऊर्जा संरक्षण अधिनियम तीनों विद्युत मंत्रालय के साथ हैं, और ब्यूरो का प्रमुख महानिदेशक होता है जो मंत्रालय के प्रति उत्तरदायी रहता है। कथन आधारित प्रश्नों में अक्सर मंत्रालय बदलकर पूछा जाता है, इसलिए यह जोड़ी विशेष रूप से याद रखने योग्य है।
पूरा लेख पढ़ें: ऊर्जा संरक्षण: बीईई, स्टार लेबलिंग और उजाला
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंऊर्जा दक्षता ब्यूरो की स्थापना निम्नलिखित में से किस अधिनियम के अंतर्गत हुई?
- A.विद्युत अधिनियम, 2003
- B.ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001
- C.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
- D.वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981
उत्तर देखें
इसी अधिनियम ने ऊर्जा दक्षता ब्यूरो को वैधानिक निकाय के रूप में बनाया और उसे दक्षता मानक तय करने, लेबलिंग कार्यक्रम चलाने तथा भवन संहिता तैयार करने की शक्ति दी; ब्यूरो 1 मार्च 2002 को विद्युत मंत्रालय के अधीन अस्तित्व में आया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी उपकरण पर लगे बीईई स्टार लेबल में अधिक स्टार का अर्थ है कि वह उपकरण
- A.उतने ही काम के लिए कम बिजली खर्च करता है
- B.उतने ही काम के लिए अधिक बिजली खर्च करता है
- C.कम स्टार वाले मॉडल से सस्ता है
- D.अधिक लंबी वारंटी के साथ आता है
उत्तर देखें
स्टार लेबल उपकरण को उसके ऊर्जा प्रदर्शन के आधार पर एक स्टार से पाँच स्टार तक के वर्ग में रखता है, इसलिए पाँच स्टार मॉडल सबसे दक्ष होता है और अपने आकार वर्ग में सबसे कम वार्षिक ऊर्जा खपत दिखाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दक्ष प्रकाश व्यवस्था की सरकारी योजना उजाला का पूरा नाम क्या है?
- A.उन्नत ज्योति बाय अफोर्डेबल एलईडीज फॉर ऑल
- B.यूनिवर्सल ज्योति एंड लाइटिंग असिस्टेंस
- C.अर्बन ज्योति एंड अफोर्डेबल लैंप्स फॉर ऑल
- D.उन्नत जन आधार लाइटिंग अभियान
उत्तर देखें
यह कार्यक्रम घरेलू दक्ष प्रकाश कार्यक्रम के रूप में शुरू हुआ और 5 जनवरी 2015 को उजाला नाम से आरंभ किया गया, जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं को एलईडी बल्ब, ट्यूबलाइट और दक्ष पंखे खुदरा दर से बहुत कम मूल्य पर दिए जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उजाला और स्ट्रीट लाइटिंग राष्ट्रीय कार्यक्रम का कार्यान्वयन कौन करता है?
- A.ऊर्जा दक्षता ब्यूरो
- B.एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड
- C.केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण
- D.सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया
उत्तर देखें
सही उत्तर B, एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड है, जो विद्युत मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक उपक्रमों का संयुक्त उद्यम है और एलईडी बल्ब तथा स्ट्रीट लाइट थोक में खरीदकर लागत उपभोक्ताओं से या नगरपालिका के बिजली बिल में हुई बचत से वसूलता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आईएसईईआर अर्थात भारतीय मौसमी ऊर्जा दक्षता अनुपात का उपयोग निम्नलिखित में से किसकी रेटिंग के लिए होता है?
- A.सीलिंग फैन
- B.रूम एयर कंडीशनर
- C.एलईडी बल्ब
- D.वितरण ट्रांसफॉर्मर
उत्तर देखें
आईएसईईआर पूरे शीतलन मौसम में एयर कंडीशनर द्वारा दी गई कुल शीतलता को उस मौसम में खर्च बिजली से भाग देकर निकाला जाता है, इसलिए यह एक निश्चित तापमान के बजाय भारतीय जलवायु में आंशिक भार पर काम को दर्शाता है; अधिक आईएसईईआर का अर्थ अधिक दक्ष मशीन है और…
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