UNEP द्वारा समर्थित 'कॉमन कार्बन मेट्रिक' किसके लिए विकसित किया गया है?
- A.विश्व भर में भवनों के संचालन के कार्बन पदचिह्न का आकलन करने के लिए
- B.विश्व भर की वाणिज्यिक कृषि इकाइयों को कार्बन उत्सर्जन व्यापार में प्रवेश दिलाने के लिए
- C.सरकारों को अपने देशों द्वारा उत्पन्न कुल कार्बन पदचिह्न का आकलन करने में सक्षम बनाने के लिए
- D.विश्व द्वारा इकाई समय में जीवाश्म ईंधनों के उपयोग से उत्पन्न कुल कार्बन पदचिह्न का आकलन करने के लिए
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, विश्व भर में भवनों के संचालन के कार्बन पदचिह्न का आकलन करने के लिए। कॉमन कार्बन मेट्रिक उपयोग में चल रहे भवनों की ऊर्जा खपत और उत्सर्जन को मापने व बताने का एक मानक तरीका है।
इसे UNEP की सस्टेनेबल बिल्डिंग्स एंड क्लाइमेट इनिशिएटिव (UNEP-SBCI) ने विकसित किया। विश्व की ऊर्जा खपत और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का बड़ा भाग भवनों से आता है, पर अलग-अलग देश इसे अलग-अलग ढंग से मापते थे, जिससे आँकड़ों की तुलना नहीं हो पाती थी। यह मेट्रिक प्रति वर्ग मीटर प्रति वर्ष और प्रति निवासी उत्सर्जन बताता है, जिससे भवनों के प्रदर्शन, जलवायु नीतियों और निर्माण क्षेत्र की कार्बन रिपोर्टिंग के लिए एक समान आधार मिलता है।
B गलत है: यह खेतों को कार्बन व्यापार में लाने का साधन नहीं है।
C गलत है: देशों का कुल उत्सर्जन UNFCCC की राष्ट्रीय सूचियों से बताया जाता है, इस भवन मेट्रिक से नहीं।
D गलत है: यह इकाई समय में विश्व के जीवाश्म ईंधन उत्सर्जन को नहीं मापता।
परीक्षा टिप: कॉमन कार्बन मेट्रिक = UNEP-SBCI, भवन संचालन का कार्बन पदचिह्न (kgCO2e प्रति m² प्रति वर्ष)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंवायु प्रदूषण घटाने के लिए कृत्रिम रूप से वर्षा कराने में किसका उपयोग होता है?
- A.सिल्वर आयोडाइड और पोटैशियम आयोडाइड
- B.सिल्वर नाइट्रेट और पोटैशियम आयोडाइड
- C.सिल्वर आयोडाइड और पोटैशियम नाइट्रेट
- D.सिल्वर नाइट्रेट और पोटैशियम क्लोराइड
उत्तर देखें
कृत्रिम वर्षा यानी क्लाउड सीडिंग में यही लवण आम तौर पर प्रयोग होते हैं। क्लाउड सीडिंग में नमी वाले बादलों में विमान, रॉकेट या ज़मीनी जनरेटर से बहुत छोटे कण छिड़के जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले को अपशिष्ट को पाँच श्रेणियों में अलग करना होता है।
- B.ये नियम केवल अधिसूचित नगरीय स्थानीय निकायों, अधिसूचित नगरों और सभी औद्योगिक बस्तियों पर लागू होते हैं।
- C.ये नियम भराव क्षेत्रों और अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाओं के स्थलों की पहचान के लिए सटीक और विस्तृत मानदंड देते हैं।
- D.अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले के लिए यह अनिवार्य है कि एक ज़िले में उत्पन्न अपशिष्ट दूसरे ज़िले में न ले जाया जाए।
उत्तर देखें
2016 के नियम भराव क्षेत्रों और अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाओं के स्थल चुनने के लिए विस्तृत मानदंड तय करते हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत बने और इन्होंने 2000 के नगरपालिका ठोस अपशिष्ट नियमों का स्थान लिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जैविक ऑक्सीजन माँग (BOD) किसके लिए एक मानक कसौटी है?
- A.रक्त में ऑक्सीजन स्तर मापने
- B.वन पारितंत्रों में ऑक्सीजन स्तर की गणना करने
- C.जलीय पारितंत्रों में प्रदूषण आकलन
- D.अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन स्तर के आकलन
उत्तर देखें
BOD बताता है कि किसी जल में कितना कार्बनिक प्रदूषण है। जैविक या जैव-रासायनिक ऑक्सीजन माँग घुली हुई ऑक्सीजन की वह मात्रा है जिसे वायवीय सूक्ष्मजीव पानी के नमूने के कार्बनिक पदार्थ को तोड़ने में खर्च करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 भारत सरकार को अधिकार देता है कि वह 1. पर्यावरण संरक्षण की प्रक्रिया में जन-भागीदारी की आवश्यकता तथा उसे प्राप्त करने की प्रक्रिया और रीति बताए 2. विभिन्न स्रोतों से पर्यावरणीय प्रदूषकों के उत्सर्जन या निस्सरण के मानक निर्धारित करे उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
यह अधिनियम केंद्र को उत्सर्जन और निस्सरण के मानक तय करने का अधिकार देता है, पर इसमें जन-भागीदारी का कोई प्रावधान नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित गतिविधियों पर विचार कीजिए : 1. खेतों में बड़े पैमाने पर बारीक पिसी बेसाल्ट चट्टान फैलाना 2. चूना मिलाकर महासागरों की क्षारीयता बढ़ाना 3. विभिन्न उद्योगों से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड को पकड़कर कार्बोनेटेड जल के रूप में परित्यक्त भूमिगत खदानों में पंप करना उपर्युक्त में से कितनी गतिविधियों पर कार्बन प्रग्रहण और पृथक्करण के लिए प्रायः विचार और चर्चा की जाती है?
- A.केवल एक
- B.केवल दो
- C.तीनों
- D.कोई नहीं
उत्तर देखें
ये तीनों गतिविधियाँ कार्बन डाइऑक्साइड को वातावरण से हटाकर लंबे समय तक बंद रखने के मान्य तरीके हैं।
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