स्वतंत्रता के तुरंत बाद भारत में खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के लिए भारत सरकार द्वारा अपनाई गई रणनीतियों में निम्नलिखित में से कौन-सी शामिल नहीं थी?
- A.पहले से जोती जा रही भूमि पर फ़सलों का गहनीकरण
- B.कृषि योग्य और परती भूमि को जुताई में लाकर कृषि क्षेत्र बढ़ाना
- C.अधिक उपज देने वाली किस्मों (HYV) के बीजों का प्रयोग
- D.नकदी फ़सलों के स्थान पर खाद्य फ़सलें उगाना
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, अधिक उपज देने वाली किस्मों (HYV) के बीजों का प्रयोग। अधिक उपज देने वाली किस्मों के बीज 1960 के दशक के मध्य में हरित क्रांति के साथ आए, स्वतंत्रता के तुरंत बाद नहीं।
विभाजन के बाद भारत की सिंचित गेहूँ और धान वाली बहुत-सी भूमि पाकिस्तान में चली गई और देश में अनाज की कमी हो गई। पहला उपाय था नकदी फ़सलों की भूमि पर खाद्य फ़सलें उगाना, पहले से जोती जा रही भूमि पर अधिक फ़सलें लेना, और कृषि योग्य बंजर तथा परती भूमि को जुताई में लाना। 1960 में सघन कृषि ज़िला कार्यक्रम आया। केवल 1966-67 में गेहूँ और धान के HYV बीजों ने उर्वरक और सिंचाई के साथ पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हरित क्रांति शुरू की।
A गलत है क्योंकि मौजूदा कृषि भूमि पर सघन खेती शुरुआती कदमों में से एक थी। B गलत है क्योंकि कृषि योग्य और परती भूमि तक खेती फैलाना भी उसी शुरुआती योजना का हिस्सा था। D गलत है क्योंकि जूट और कपास जैसी नकदी फ़सलों की भूमि पर खाद्य फ़सलें उगाना सबसे पहला उपाय था।
परीक्षा टिप: शुरुआती रणनीति (1947-60): नकदी से खाद्य फ़सलें, गहनीकरण, क्षेत्र विस्तार; IADP 1960; HYV और हरित क्रांति 1966-67 से।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकिसी मेघ प्रकार की निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए : 1. वे संवहन से उत्पन्न होते हैं। 2. यही एकमात्र मेघ प्रकार है जो ओले, गर्जन और तड़ित उत्पन्न कर सकता है। 3. वे फूलगोभी के आकार की बड़ी मीनारें होते हैं, जिनके शीर्ष प्रायः 'निहाई' जैसे होते हैं। दी गई विशेषताओं के आधार पर मेघ के प्रकार की पहचान कीजिए।
- A.स्तरी कपासी (स्ट्रैटोक्यूमुलस)
- B.कपासी वर्षी (क्यूम्यलोनिम्बस)
- C.पक्षाभ कपासी (सिरोक्यूमुलस)
- D.वर्षा स्तरी (निम्बोस्ट्रेटस)
उत्तर देखें
क्यूम्यलोनिम्बस मेघ प्रबल संवहन से बनते हैं, फूलगोभी जैसी विशाल मीनारों में बढ़ते हैं जिनका शीर्ष चपटा और निहाई जैसा होता है, और यही एकमात्र मेघ हैं जो ओले, गर्जन और बिजली लाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सिंधु जल संधि के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. 'पूर्वी नदियाँ' पद का अर्थ सतलुज, ब्यास और रावी को एक साथ लेना है। 2. 'पश्चिमी नदियाँ' पद का अर्थ सिंधु, झेलम और चिनाब को एक साथ लेना है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
1960 की सिंधु जल संधि पूर्वी नदियों के रूप में सतलुज, ब्यास और रावी को तथा पश्चिमी नदियों के रूप में सिंधु, झेलम और चिनाब को परिभाषित करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा मत्स्यन बैंक यूनाइटेड किंगडम के तट के पास स्थित है?
- A.ग्रेट फिशर बैंक
- B.ग्रैंड बैंक्स
- C.डॉगर बैंक
- D.रीड बैंक
उत्तर देखें
डॉगर बैंक उत्तरी सागर में इंग्लैंड के पूर्वी तट से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित एक बड़ा उथला रेतीला तट है, जो यूरोप के सबसे समृद्ध मत्स्यन क्षेत्रों में से एक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी लूनी नदी की सहायक नदी नहीं है?
- A.खारी
- B.सुकड़ी
- C.जवाई
- D.बनास
उत्तर देखें
बनास लूनी की सहायक नदी नहीं है; यह पूर्व की ओर बहकर चंबल में मिलती है, जो गंगा बेसिन का भाग है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हिमस्खलन निम्नलिखित में से किस प्रकार की आपदा है?
- A.वायुमंडलीय
- B.स्थलीय
- C.जलीय
- D.जैविक
उत्तर देखें
हिमस्खलन पर्वतीय ढलान से बर्फ़, हिम और मलबे का अचानक नीचे खिसकना है, यानी भू-सतह पर पदार्थ की गति, इसलिए इसे स्थलीय आपदाओं में रखा जाता है।
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