सूर्यकिरण टीम के हॉक एमके-132 विमानों में रंगीन धुआं छोड़ने वाले उपकरण भारतीय वायु सेना के किस शहर स्थित बेस रिपेयर डिपो में लगाए गए?
- A.नाशिक
- B.बेंगलुरु
- C.कानपुर
- D.चंडीगढ़
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर नाशिक है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार हॉक एमके-132 विमानों में देश में ही एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है, जिसके तहत रंगीन धुआं छोड़ने वाले उपकरण लगाए गए हैं। यह बदलाव भारतीय वायु सेना के नाशिक स्थित बेस रिपेयर डिपो में किया गया। इसी कारण टीम आसमान में राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंग, केसरिया, सफेद और हरा, बिखेर पाती है।
विज्ञप्ति में इस बदलाव के संबंध में बेंगलुरु, कानपुर या चंडीगढ़ का कोई उल्लेख नहीं है, इसलिए विकल्प B, C और D गलत हैं। दो अलग तथ्यों को आपस में न मिलाएं: हॉक एमके-132 विमान एचएएल भारत में लाइसेंस के तहत बनाता है, जबकि रंगीन धुएं वाला बदलाव वायु सेना के अपने नाशिक स्थित बेस रिपेयर डिपो में हुआ। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण से जुड़े प्रश्नों में ऐसे ही तथ्य पूछे जाते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने पहली बार मेरठ के आसमान में दिखाए करतब
अभ्यास प्रश्न
सितंबर 2026 में पहली बार मेरठ में प्रदर्शन करने वाली भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम कौन-सा विमान उड़ाती है?
- A.एचएएल तेजस
- B.हॉक एमके-132
- C.किरण एमके-II
- D.पिलेटस पीसी-7
उत्तर देखें
रक्षा मंत्रालय के अनुसार सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम नौ विशेष लाल और सफेद रंग के हॉक एमके-132 विमान उड़ाती है, जिन्हें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) भारत में लाइसेंस के तहत बनाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (एसकेएटी) का गठन किस वर्ष हुआ था?
- A.1982
- B.1996
- C.2002
- D.2011
उत्तर देखें
रक्षा मंत्रालय के अनुसार एसकेएटी का गठन वर्ष 1996 में हुआ था और यह एशिया की नौ विमानों वाली एकमात्र एरोबैटिक टीम है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सुकना में सैनिकों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए कौन सा शब्द प्रयोग किया?
- A.देश का अंतिम छोर
- B.देश का पहला छोर
- C.पूर्वी प्रवेश द्वार
- D.सात बहनों का क्षेत्र
उत्तर देखें
दीवाली की पूर्व संध्या पर आयोजित बड़ाखाना में सैनिकों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को देश का अंतिम छोर नहीं, बल्कि पहला छोर बताया और कहा कि यह क्षेत्र देश के भौगोलिक तथा सांस्कृतिक विस्तार की शुरुआत है, क्योंकि यहीं सूर्य की पहली किरण पहुँचती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सुकना दौरे में रक्षा मंत्री को किस सीमा रेखा के साथ बने ढाँचे की जानकारी दी गई?
- A.नियंत्रण रेखा
- B.रेडक्लिफ रेखा
- C.वास्तविक नियंत्रण रेखा
- D.ड्यूरंड रेखा
उत्तर देखें
सुकना में रक्षा मंत्री को वास्तविक नियंत्रण रेखा, जिसे संक्षेप में एलएसी कहा जाता है, के साथ हो रहे ढाँचागत विकास तथा परिचालन क्षमता और युद्धक प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए तैनात आधुनिक सैन्य उपकरणों एवं उभरती तकनीकों की जानकारी दी गई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →7 नवंबर 2026 को जिस त्रिशक्ति कोर की तैयारियों की समीक्षा हुई, उसका मुख्यालय कहाँ है?
- A.तेजपुर, असम
- B.सुकना, पश्चिम बंगाल
- C.बागडोगरा, पश्चिम बंगाल
- D.दीमापुर, नागालैंड
उत्तर देखें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुकना में त्रिशक्ति कोर की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की, जहाँ उन्हें वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ बनाए जा रहे ढाँचे तथा आधुनिक सैन्य उपकरणों और उभरती तकनीकों की तैनाती के बारे में जानकारी दी गई।
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