स्तनधारियों का हृदय पेशीजनित (मायोजेनिक) होता है और तंत्रिकाओं द्वारा नियंत्रित होता है। हृदय की धड़कन कहाँ से उत्पन्न होती है?
- A.शिरा-आलिंद नोड (साइनोएट्रियल नोड)
- B.QRS तरंग
- C.T तरंग
- D.यकृत निवाहिका तंत्र
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, शिरा-आलिंद नोड (साइनोएट्रियल नोड)। SA नोड दाएँ आलिंद की दीवार में विशेष पेशियों का एक छोटा भाग है, जो हर धड़कन शुरू करने वाला विद्युत आवेग पैदा करता है, इसीलिए इसे हृदय का पेसमेकर कहते हैं। धड़कन हृदय की पेशी में ही शुरू होती है, इसलिए स्तनधारियों का हृदय पेशीजनित कहलाता है; तंत्रिकाएँ केवल इसकी गति बढ़ाती या घटाती हैं। आवेग दोनों आलिंदों में फैलकर आलिंद-निलय (AV) नोड, हिस के बंडल और पुरकिंजे तंतुओं तक पहुँचता है, जिससे निलय सिकुड़ते हैं। आराम की अवस्था में एक वयस्क में SA नोड सामान्यतः मिनट में लगभग 70 से 75 बार आवेग देता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि QRS तरंग ECG का वह भाग है जो निलयों में आवेग के फैलने को दर्ज करता है; यह एक माप है, स्रोत नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि T तरंग हर धड़कन के बाद निलयों की पुनर्प्राप्ति दिखाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यकृत निवाहिका तंत्र आँत से रक्त यकृत तक ले जाता है। परीक्षा टिप: SA नोड प्राकृतिक पेसमेकर है; उसके विफल होने पर कृत्रिम पेसमेकर लगाया जाता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसब्जी फसलों की जड़ों पर गाँठें बनाने वाला मूल ग्रंथि रोग किससे होता है?
- A.एक सूत्रकृमि
- B.एक कवक
- C.एक विषाणु
- D.नाइट्रोजन की अधिकता
उत्तर देखें
मूल ग्रंथि रोग मेलॉइडोगाइनी वंश के सूक्ष्मदर्शीय मृदा गोल कृमियों से होता है, जो नई जड़ में प्रवेश कर वहीं बस जाते हैं और आसपास के ऊतक को फुलाकर गाँठ बना देते हैं; इसके बाद पौधा ठीक से जल नहीं खींच पाता और मिट्टी नम रहने पर भी दोपहर की…
पूरी व्याख्या पढ़ें →बैंगन की छोटी पत्ती रोग का फाइटोप्लाज्मा किस कीट द्वारा फैलता है?
- A.सफेद मक्खी
- B.फुदका (जैसिड)
- C.मधुमक्खी
- D.केंचुआ
उत्तर देखें
फाइटोप्लाज्मा कोशिका भित्ति रहित जीवाणु हैं, जो पौधे के खाद्य संवहन ऊतक में रहते हैं और रस चूसने वाले फुदकों, जिन्हें जैसिड भी कहा जाता है, द्वारा एक पौधे से दूसरे पौधे तक पहुँचते हैं; बैंगन की छोटी पत्ती में पत्तियाँ बहुत छोटी और अधिक संख्या में हो जाती हैं…
पूरी व्याख्या पढ़ें →कृषि में प्रयुक्त बोर्डो मिश्रण किससे बनाया जाता है?
- A.कॉपर सल्फेट और चूना
- B.जिंक सल्फेट और यूरिया
- C.गंधक और साधारण नमक
- D.फेरस सल्फेट और जिप्सम
उत्तर देखें
बोर्डो मिश्रण कॉपर सल्फेट के घोल को चूने के घोल में मिलाकर बनाया गया निलंबन है और नियमित प्रयोग में आने वाला सबसे पुराना कवकनाशी है; इसे फ्रांस के बोर्डो क्षेत्र में अंगूर के मृदुरोमिल आसिता रोग के विरुद्ध बनाया गया था और आज भी फलदार वृक्षों, आलू तथा सब्जियों…
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन पौधों का विषाणु जनित रोग है?
- A.गन्ने की लाल सड़न
- B.केले का बंची टॉप
- C.नीबू वर्गीय कैंकर
- D.गेहूँ का खुला कंडुआ
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सही उत्तर है B, केले का बंची टॉप, एक विषाणु रोग जिसमें पौधा अत्यधिक बौना रह जाता है और उसकी पत्तियाँ छोटी, सँकरी तथा शीर्ष पर गुच्छे में भीड़ जाती हैं; यह माहू द्वारा तथा रोपण के लिए प्रयुक्त संक्रमित प्रकंदों से फैलता है, इसलिए नियंत्रण स्वच्छ रोपण सामग्री और…
पूरी व्याख्या पढ़ें →फूलगोभी का व्हिपटेल रोग किस तत्व की कमी से होता है?
- A.जिंक
- B.लोहा
- C.मॉलिब्डेनम
- D.मैंगनीज
उत्तर देखें
जहाँ इस सूक्ष्म पोषक तत्व की कमी होती है, वहाँ फूलगोभी का पर्ण फलक फैलता नहीं और पत्ती मध्य शिरा के साथ एक पतली, चाबुक जैसी पट्टी भर रह जाती है, जिससे रोग को यह नाम मिला; फूल छोटा बनता है अथवा बनता ही नहीं।
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