बैंगन की छोटी पत्ती रोग का फाइटोप्लाज्मा किस कीट द्वारा फैलता है?
- A.सफेद मक्खी
- B.फुदका (जैसिड)
- C.मधुमक्खी
- D.केंचुआ
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, फुदका। फाइटोप्लाज्मा कोशिका भित्ति रहित जीवाणु हैं, जो पौधे के खाद्य संवहन ऊतक में रहते हैं और रस चूसने वाले फुदकों, जिन्हें जैसिड भी कहा जाता है, द्वारा एक पौधे से दूसरे पौधे तक पहुँचते हैं; बैंगन की छोटी पत्ती में पत्तियाँ बहुत छोटी और अधिक संख्या में हो जाती हैं, पौधा झाड़ीनुमा बन जाता है और फल नहीं लगता। विकल्प A गलत है, क्योंकि सफेद मक्खी कपास और मिर्च की पत्ती मरोड़ तथा भिंडी के पीला शिरा मोजैक के विषाणु ढोती है, जो भिन्न रोग वर्ग है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मधुमक्खी परागणकर्ता है और इस प्रकार का कोई महत्वपूर्ण पादप रोगजनक नहीं ढोती। विकल्प D गलत है, क्योंकि केंचुआ मिट्टी की संरचना तथा वायु संचार सुधारता है और वाहक ही नहीं है। तीन वाहक जोड़ियाँ याद रखें — पत्ती मरोड़ तथा पीला शिरा मोजैक के साथ सफेद मक्खी, अधिकांश मोजैक और बंची टॉप के साथ माहू, तथा फाइटोप्लाज्मा रोगों के साथ फुदका।
पूरा लेख पढ़ें: पादप रोग और उनके कारक: परीक्षा नोट्स
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंआलू का पछेती अंगमारी रोग किस जीव से होता है?
- A.एक विषाणु
- B.फाइटोफ्थोरा इन्फेस्टैंस
- C.जैंथोमोनास सिट्राई
- D.मेलॉइडोगाइनी इनकॉग्निटा
उत्तर देखें
1840 के दशक की महामारी ने आयरलैंड की आलू फसल नष्ट कर दी और अकाल लाया, और उस प्रकोप के अध्ययन से एंटन डी बैरी ने पादप रोग विज्ञान को विज्ञान के रूप में स्थापित किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गेहूँ का रतुआ रोग किस वंश के कवक से होता है?
- A.पक्सीनिया
- B.अस्टिलैगो
- C.फ्यूजेरियम
- D.क्लैविसेप्स
उत्तर देखें
गेहूँ के रतुआ रोग, जिन्हें तने और पत्तियों पर उठने वाली फुंसियों के रंग के अनुसार काला, भूरा और पीला रतुआ कहा जाता है, पक्सीनिया की प्रजातियों से होते हैं, और इनके प्रति प्रतिरोध हरित क्रांति की बौनी गेहूँ किस्मों में चुने गए गुणों में से एक था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गन्ने के सर्वाधिक गंभीर रोगों में से एक लाल सड़न किससे होता है?
- A.कोलेटोट्राइकम फालकेटम
- B.रैल्स्टोनिया सोलैनेसिएरम
- C.एक फाइटोप्लाज्मा
- D.एक सूत्रकृमि
उत्तर देखें
सही उत्तर है A, कोलेटोट्राइकम फालकेटम, एक कवक जो गन्ने के भीतरी ऊतक को सड़ाकर उसे सफेद चकत्तों सहित लाल कर देता है और उसमें खट्टी गंध उत्पन्न करता है, तथा मुख्यतः रोपण के लिए प्रयुक्त संक्रमित टुकड़ों से फैलता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पौधों में नीबू वर्गीय कैंकर रोग किससे होता है?
- A.एक कवक
- B.एक जीवाणु
- C.एक विषाणु
- D.बोरॉन की कमी
उत्तर देखें
नीबू वर्गीय कैंकर जैंथोमोनास की एक प्रजाति से होता है, जो घावों, कीटों के छेदों तथा रंध्रों से प्रवेश करती है और पत्तियों, टहनियों तथा फलों पर प्रायः पीले घेरे सहित उभरे हुए कॉर्क जैसे भूरे घाव बनाती है; यह छींटे पड़ती वर्षा, औजारों तथा संक्रमित नर्सरी पौधों से फैलता…
पूरी व्याख्या पढ़ें →धान का खैरा रोग किस पोषक तत्व की कमी से होता है?
- A.जिंक
- B.बोरॉन
- C.मॉलिब्डेनम
- D.कॉपर
उत्तर देखें
खैरा रोग में धान के नए पौधों की पत्तियों पर जंग जैसे भूरे धब्बे बनते हैं, जो फैलकर फसल को झुलसा हुआ दिखाते हैं, कल्ले कम बनते हैं और वृद्धि रुक जाती है; मिट्टी में अथवा पत्तियों पर जिंक सल्फेट देने से यह ठीक हो जाता है, जिससे पुष्ट होता…
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