सोडा-अम्ल अग्निशामक में होता है
- A.सल्फ्यूरिक अम्ल और सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट का विलयन
- B.नाइट्रिक अम्ल और सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट का विलयन
- C.सल्फ्यूरिक अम्ल और सोडियम कार्बोनेट का विलयन
- D.सल्फ्यूरिक अम्ल और पोटैशियम कार्बोनेट का विलयन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, सल्फ्यूरिक अम्ल और सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट का विलयन। दोनों के मिलने पर तेज़ी से कार्बन डाइऑक्साइड बनती है, जो पानी को आग पर धकेलती है।
सोडा-अम्ल अग्निशामक में सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट (खाने का सोडा, NaHCO3) के विलयन से भरे सिलेंडर के अंदर तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की एक छोटी शीशी रखी होती है। घुंडी पर चोट करने से शीशी टूटती है और अभिक्रिया 2NaHCO3 + H2SO4 → Na2SO4 + 2H2O + 2CO2 से कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनती है। गैस का दबाव नोज़ल से पानी की धार बाहर फेंकता है। पानी जलती वस्तु को ठंडा करता है और कार्बन डाइऑक्साइड ऑक्सीजन रोकने में मदद करती है। पानी फेंकने के कारण यह लकड़ी, कागज़ और कपड़े की आग के लिए है, बिजली या तेल की आग के लिए नहीं।
विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें नाइट्रिक अम्ल नहीं, सल्फ्यूरिक अम्ल होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि क्षार सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट है, सोडियम कार्बोनेट (धोने का सोडा) नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पोटैशियम कार्बोनेट का भी उपयोग नहीं होता।
परीक्षा टिप: सोडा-अम्ल = NaHCO3 + H2SO4 → CO2; बिजली या तेल की आग के लिए नहीं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंयुग्मक संलयन (सिनगैमी) के परिणामस्वरूप किसका निर्माण होता है?
- A.अगुणित युग्मनज
- B.द्विगुणित युग्मनज
- C.अचल नर युग्मक
- D.चल नर युग्मक
उत्तर देखें
सिनगैमी नर और मादा युग्मक का संलयन है, और प्रत्येक युग्मक अगुणित होने के कारण उनके मेल से द्विगुणित युग्मनज बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मानव इंसुलिन अणु 21 अमीनो अम्लों वाली एक α-शृंखला और 30 अमीनो अम्लों वाली एक β-शृंखला से बना होता है। वयस्क मनुष्यों में कितने कार्यशील इंसुलिन जीन पाए जाते हैं?
- A.एक
- B.दो
- C.तीन
- D.चार
उत्तर देखें
मनुष्य में केवल एक कार्यशील इंसुलिन जीन, INS, गुणसूत्र 11 की छोटी भुजा पर होता है, और इंसुलिन की दोनों शृंखलाएँ इसी से बनती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक नैनोमीटर का मान है?
- A.10⁻⁷ cm
- B.10⁻⁶ cm
- C.10⁻⁴ cm
- D.10⁻³ cm
उत्तर देखें
एक नैनोमीटर 10⁻⁹ मीटर होता है, और एक मीटर में 100 (10²) सेंटीमीटर होते हैं, इसलिए यह 10⁻⁷ सेंटीमीटर के बराबर है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संतृप्त हाइड्रोकार्बनों का सामान्य सूत्र निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.CₙH₂ₙ₊₂
- B.CₙH₂ₙ₋₂
- C.CₙH₂ₙ₊₁
- D.CₙH₂ₙ₋₁
उत्तर देखें
खुली शृंखला वाले संतृप्त हाइड्रोकार्बन एल्केन हैं, और हर एल्केन CₙH₂ₙ₊₂ सूत्र में आता है। संतृप्त हाइड्रोकार्बन में हर कार्बन परमाणु दूसरे परमाणुओं से केवल एकल बंधों से जुड़ा होता है, इसलिए प्रत्येक कार्बन अधिकतम संभव हाइड्रोजन परमाणु रखता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक महामारी रोग नहीं है?
- A.हैजा
- B.मलेरिया
- C.चेचक
- D.फ़ीलपाँव (एलिफ़ेंटियासिस)
उत्तर देखें
फ़ीलपाँव, यानी लसीका फ़ाइलेरिया, एक स्थानिक रोग है: यह कुछ क्षेत्रों में लगातार बना रहता है और वर्षों में धीरे-धीरे विकसित होता है, अचानक बहुत लोगों में नहीं फैलता।
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