सिक्किम के लिए घोषित उत्कृष्टता केंद्र किस स्वदेशी मवेशी नस्ल के संरक्षण पर काम करेगा?
- A.गिर
- B.साहीवाल
- C.सिरी
- D.थारपारकर
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर सिरी है। मंगन की यात्रा का उल्लेख करते हुए, जहां स्थानीय मवेशी औसतन लगभग तीन लीटर दूध प्रतिदिन देते हैं, मंत्री ने घोषणा की कि स्वदेशी सिरी नस्ल के संरक्षण एवं विकास के लिए उत्कृष्टता केंद्र हेतु केंद्रीय धनराशि मंजूर की जाएगी, जिसमें नस्ल की आनुवंशिक क्षमता और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए आईवीएफ सहित उन्नत प्रजनन तकनीकों का उपयोग होगा। विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि गिर, साहीवाल और थारपारकर पश्चिमी तथा उत्तर-पश्चिमी भारत की स्वदेशी नस्लें हैं और घोषणा का विषय नहीं थीं; यहां प्रस्तावित केंद्र पहाड़ी क्षेत्र की नस्ल के लिए है। राज्य सरकार से औपचारिक प्रस्ताव मांगा गया है और मंगन के संयंत्र का आधुनिकीकरण अलग से एनडीडीबी करेगा। मंत्री ने इसी कार्यक्रम में चुरपी ट्रेसेबिलिटी पहल तथा किसान उत्पादक संगठनों के फॉडर प्लस उत्पाद भी शुरू किए और पांच नई डेयरी सहकारी समितियों को पंजीकरण प्रमाण-पत्र सौंपे, जिससे राज्य का सहकारी डेयरी नेटवर्क और मजबूत होगा।
पूरा लेख पढ़ें: सिक्किम में माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला, चुरपी पहल शुरू
अभ्यास प्रश्न
नवंबर 2026 में शुरू की गई चुरपी ट्रेसेबिलिटी पहल किस राज्य के डेयरी क्षेत्र से जुड़ी है?
- A.अरुणाचल प्रदेश
- B.सिक्किम
- C.मिजोरम
- D.नागालैंड
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यह पहल गंगटोक में सिक्किम मिल्क यूनियन के कार्यक्रम में शुरू की गई, जहां केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री ने यूनियन की माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला का उद्घाटन भी किया और किसान उत्पादक संगठनों के फॉडर प्लस उत्पादों का शुभारंभ देखा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गंगटोक के कार्यक्रम में बताया गया कि सिक्किम में दूध उत्पादन पिछले दशक में कितना बढ़ा?
- A.59 प्रतिशत
- B.69 प्रतिशत
- C.79 प्रतिशत
- D.89 प्रतिशत
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मंत्री ने बताया कि राज्य में दूध उत्पादन दशक भर में इतनी वृद्धि के साथ 1.37 लाख लीटर प्रतिदिन से 2.45 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया, जबकि डेयरी सहकारी समितियों की संख्या 88 प्रतिशत बढ़कर 2014-15 के 389 से 2025-26 में 733 हो गई और उपभोक्ताओं को दैनिक दूध आपूर्ति…
पूरी व्याख्या पढ़ें →गाद निकासी समझौते के कार्यान्वयन के लिए बिहार सरकार का नोडल विभाग कौन सा है?
- A.जल संसाधन विभाग
- B.पथ निर्माण विभाग
- C.ग्रामीण विकास विभाग
- D.पर्यावरण एवं वन विभाग
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यही विभाग इस काम के लिए नोडल विभाग का दायित्व संभालेगा और इसकी मदद राज्य स्तरीय समन्वय समिति करेगी, जो प्रस्तावों की जांच करेगी, मंजूरी दिलाने में सहायता देगी, कार्यान्वयन की निगरानी करेगी और परिचालन समस्याएं सुलझाएगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वैज्ञानिक गाद निकासी और राजमार्गों में गाद के उपयोग से जुड़ी सड़क परिवहन मंत्रालय तथा बिहार की पहल का नाम क्या है?
- A.जल संजीवनी
- B.नदी संजीवनी
- C.नदी जीवन
- D.सिल्ट शक्ति
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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा बिहार सरकार के बीच हुए समझौता ज्ञापन को यही नाम दिया गया है, और इसका उद्देश्य नदियों तथा जल निकायों की जल धारण क्षमता बहाल करना, बाढ़ प्रबंधन मजबूत करना, खेती की जमीन बचाना और साथ ही उपयुक्त निकाली गई गाद को राष्ट्रीय राजमार्ग…
पूरी व्याख्या पढ़ें →समझौते के तहत बिहार की चालू राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में कितनी गाद का उपयोग होगा?
- A.16 परियोजनाओं में 243 लाख घन मीटर
- B.16 परियोजनाओं में 835 लाख घन मीटर
- C.27 परियोजनाओं में 243 लाख घन मीटर
- D.39 परियोजनाओं में 500 लाख घन मीटर
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पहले से चल रही इतनी परियोजनाओं के लिए उपयुक्त गाद की यह मात्रा चिह्नित की है, जबकि आगे आने वाली 27 परियोजनाओं के लिए इससे कहीं बड़ी मात्रा 835 लाख घन मीटर प्रस्तावित है; दोनों ही स्थितियों में उपयोग तकनीकी उपयुक्तता और आवश्यक मंजूरी के…
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