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GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

सीएसआईआर-दक्षिण समझौते का मुख्य लक्ष्य किस प्रकार के सहयोग को मजबूत करना है?

  1. A.उत्तर-उत्तर सहयोग
  2. B.दक्षिण-दक्षिण सहयोग
  3. C.ट्रांस-अटलांटिक सहयोग
  4. D.आर्कटिक सहयोग

सही उत्तर

B. दक्षिण-दक्षिण सहयोग

व्याख्या

सही उत्तर दक्षिण-दक्षिण सहयोग है, जो विकासशील देशों के आपसी सहयोग के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द है। पूरे समझौते का ढांचा इसी पर टिका है, क्योंकि दक्षिण ग्लोबल साउथ के देशों के लिए काम करता है और सीएसआईआर अपनी तुरंत लगने वाली, सस्ती तथा ढाली जा सकने वाली तकनीकें इसी समूह तक पहुंचा रहा है।

विकल्प A, उत्तर-उत्तर सहयोग, विकसित अर्थव्यवस्थाओं के आपसी सहयोग को कहा जाता, जो इस व्यवस्था के उद्देश्य के ठीक उलट है। विकल्प C और D ऐसे क्षेत्रीय समूहों के नाम हैं, जिनका इस समझौते से कोई संबंध नहीं है। सहयोग पत्र के चारों घोषित उद्देश्य भी इसी दिशा में इशारा करते हैं: संयुक्त नीति अध्ययन, साझेदार संस्थाओं के जरिये विकास कार्यों का विस्तार, क्षमता निर्माण और कौशल उन्नयन, तथा विकास के अनुभवों को दर्ज करना और बांटना, ताकि ये देश सामूहिक आत्मनिर्भरता हासिल करें।

पूरा लेख पढ़ें: सीएसआईआर और दक्षिण-आरआईएस के बीच समझौता

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सीएसआईआर ने जिस दक्षिण केंद्र के साथ सहयोग पत्र पर हस्ताक्षर किए, वह किस संस्थान में स्थित है?

  1. A.विकासशील देशों के लिए अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली (आरआईएस)
  2. B.भारतीय विश्व मामलों की परिषद
  3. C.नीति आयोग
  4. D.भारतीय विदेश व्यापार संस्थान
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. विकासशील देशों के लिए अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली (आरआईएस)

ग्लोबल साउथ उत्कृष्टता केंद्र दक्षिण इसी संस्थान में स्थित है और इसी हैसियत से उसने 3 नवंबर 2026 को सीएसआईआर के साथ सहयोग पत्र पर हस्ताक्षर किए।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सीएसआईआर के साथ समझौता करने वाला दक्षिण निम्नलिखित में से क्या है?

  1. A.विकास सहायता ज्ञान केंद्र
  2. B.ग्लोबल साउथ उत्कृष्टता केंद्र
  3. C.दक्षिणी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मिशन
  4. D.विकासशील एशिया ज्ञान नेटवर्क
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ग्लोबल साउथ उत्कृष्टता केंद्र

दक्षिण यही है और यह विकासशील देशों के लिए अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली में स्थित है, जहां से वह विकासशील देशों के बीच ज्ञान और आपसी सीख फैलाने का काम करता है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

सीएसआईआर-दक्षिण सहयोग पत्र के तहत निम्नलिखित में से किसे प्रमुख सहयोग क्षेत्र के रूप में नहीं बताया गया?

  1. A.स्वास्थ्य सेवा
  2. B.नील अर्थव्यवस्था
  3. C.अंतरिक्ष प्रक्षेपण सेवाएं
  4. D.डिजिटल अर्थव्यवस्था
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अंतरिक्ष प्रक्षेपण सेवाएं

आरआईएस के महानिदेशक प्रोफेसर सचिन कुमार शर्मा ने पांच क्षेत्रों को विशेष रूप से संभावनाशील बताया था: स्वास्थ्य सेवा, अधोसंरचना, कृषि, नील अर्थव्यवस्था और डिजिटल अर्थव्यवस्था।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

डॉ. जितेंद्र सिंह ने हिंद-प्रशांत में महासागर विज्ञान सहयोग के लिए कौन सा मार्गदर्शक सिद्धांत सुझाया?

  1. A.एक महासागर, साझा ज्ञान और न्यायसंगत समृद्धि
  2. B.एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य
  3. C.क्षेत्र में सबके लिए सुरक्षा और विकास
  4. D.साझा समृद्धि के लिए नील अर्थव्यवस्था
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एक महासागर, साझा ज्ञान और न्यायसंगत समृद्धि

मंत्री ने इसे हिंद-प्रशांत में सहयोग का मार्गदर्शक सिद्धांत बताया और कहा कि महासागर राजनीतिक सीमाओं का पालन नहीं करते, इसलिए समुद्री प्रदूषण या समुद्री तापमान में बदलाव का असर उस देश से बाहर भी जाता है जहां से वह आरंभ होता है।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

मत्स्य पनडुब्बी कितने एक्वानॉट को ले जाने के लिए बनाई गई है?

  1. A.दो
  2. B.तीन
  3. C.चार
  4. D.छह
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. तीन

समुद्रयान मिशन की पनडुब्बी तीन एक्वानॉट को पांच से छह हजार मीटर के बीच की गहराई तक ले जाने के लिए बनाई गई है और यही वाहन भारत के प्रस्तावित मानवयुक्त गोते का आधार है।