सीबीडी कॉप-17 के साइड इवेंट में भारत द्वारा जारी चार प्रकाशनों में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं था?
- A.आई-ओईसीएम को नामित करने के दिशा-निर्देश
- B.कार्टाजेना जैव सुरक्षा प्रोटोकॉल पर पांचवीं राष्ट्रीय रिपोर्ट
- C.भारत वन स्थिति रिपोर्ट
- D.भारत की लाभ-साझाकरण सफलता गाथा
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर भारत वन स्थिति रिपोर्ट है, जो इस आयोजन में जारी नहीं हुई। साइड इवेंट में जो चार प्रकाशन सामने आए, वे इस प्रकार हैं। पहला, भारत के अन्य प्रभावी क्षेत्र-आधारित संरक्षण उपायों को नामित करने के दिशा-निर्देश, जिनसे संरक्षित क्षेत्रों के बाहर हुए संरक्षण कार्य को भी मान्यता मिल सकेगी। दूसरा, कार्टाजेना जैव सुरक्षा प्रोटोकॉल पर पांचवीं राष्ट्रीय रिपोर्ट। तीसरा, जैव विविधता संधि पर एक पुस्तिका, जिसमें संदर्भ सामग्री और भारतीय परिप्रेक्ष्य है। चौथा, लाभ-साझाकरण में भारत की सफलता पर पुस्तक। इसलिए विकल्प A, B और D इसी समूह का हिस्सा हैं और उत्तर नहीं हो सकते। मंत्री ने कहा कि ये चारों प्रकाशन आपस में जुड़ी प्राथमिकताओं को संबोधित करते हैं, जिनमें संरक्षण संबंधी योगदान की पहचान करना, संस्थागत समझ को मजबूत बनाना और कार्यान्वयन की प्रगति पर रिपोर्ट देना शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि महत्वाकांक्षी लक्ष्यों के लिए ठोस दिशा-निर्देश, भरोसेमंद जानकारी तथा सार्वजनिक जवाबदेही जरूरी है।
पूरा लेख पढ़ें: सीबीडी कॉप-17 में भारत ने चार जैव विविधता प्रकाशन जारी किए
अभ्यास प्रश्न
जिस सीबीडी कॉप-17 में भारत ने चार प्रकाशन जारी किए, वह किस शहर में हुआ?
- A.येरेवन
- B.बाकू
- C.त्बिलिसी
- D.अस्ताना
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भारत ने वहां अपने राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण तथा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के साथ एक साइड इवेंट किया और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने उसमें चार प्रकाशन जारी किए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →साइड इवेंट में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग से मिले लाभ के न्यायसंगत बंटवारे का आधार किसे बताया?
- A.कार्टाजेना प्रोटोकॉल
- B.नागोया प्रोटोकॉल
- C.कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता रूपरेखा
- D.पेरिस समझौता
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लाभ-साझाकरण पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि यही प्रोटोकॉल आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग से उत्पन्न लाभ के निष्पक्ष और न्यायसंगत बंटवारे का आधार देता है, और उन्होंने इस सिद्धांत को व्यावहारिक, पारदर्शी तथा न्यायसंगत प्रक्रियाओं में बदलने पर बल दिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →त्रिची में पकड़े गए यात्री किस शहर से आए थे?
- A.कुआलालंपुर
- B.दुबई
- C.बैंकॉक, कोलंबो के रास्ते
- D.सिंगापुर, माले के रास्ते
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राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों ने विशिष्ट खुफिया सूचना पर 26 अक्टूबर 2026 को इसी मार्ग से त्रिची अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे दो भारतीय यात्रियों को रोका।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सरीसृपों के साथ पकड़े गए दोनों यात्रियों की गिरफ्तारी किस कानून के तहत की गई?
- A.वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972
- B.सीमा शुल्क अधिनियम, 1962
- C.जैविक विविधता अधिनियम, 2002
- D.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
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सरीसृपों को जब्त करने के बाद त्रिची की वायु खुफिया इकाई ने दोनों भारतीय यात्रियों को इसी अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया, क्योंकि अपराध सीमा शुल्क सीमा के पार माल, यहां जीवित वन्यजीव, के अवैध आयात का था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →डीआरआई ने त्रिची अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कितने जीवित सरीसृप बरामद किए?
- A.27
- B.35
- C.45
- D.55
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राजस्व खुफिया निदेशालय ने त्रिची की वायु खुफिया इकाई के साथ मिलकर त्रिची अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रास्ते इतने ही जीवित सरीसृपों की तस्करी की कोशिश नाकाम की।
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