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GK24
पर्यावरणमध्यम

सरीसृपों के साथ पकड़े गए दोनों यात्रियों की गिरफ्तारी किस कानून के तहत की गई?

  1. A.वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972
  2. B.सीमा शुल्क अधिनियम, 1962
  3. C.जैविक विविधता अधिनियम, 2002
  4. D.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986

सही उत्तर

B. सीमा शुल्क अधिनियम, 1962

व्याख्या

सही उत्तर सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 है। सरीसृपों को जब्त करने के बाद त्रिची की वायु खुफिया इकाई ने दोनों भारतीय यात्रियों को इसी अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया, क्योंकि अपराध सीमा शुल्क सीमा के पार माल, यहां जीवित वन्यजीव, के अवैध आयात का था। बरामद जीव आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए वायु खुफिया इकाई को सौंप दिए गए। विकल्प A, C और D में दिए कानून देश के महत्वपूर्ण पर्यावरणीय कानून हैं और वन्यजीव मामलों में इनका उपयोग होता है, परंतु इस विशेष मामले में गिरफ्तारी सीमा शुल्क कानून के तहत ही हुई, जैसा राजस्व खुफिया निदेशालय ने बताया। यहां कार्य विभाजन ध्यान देने योग्य है - वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाले डीआरआई ने खुफिया सूचना जुटाई और यात्रियों को रोका, जबकि हवाई अड्डे की सीमा शुल्क इकाई ने गिरफ्तारी की।

पूरा लेख पढ़ें: डीआरआई ने त्रिची हवाई अड्डे पर 45 जीवित सरीसृप जब्त किए

Q1.पर्यावरणआसान

डीआरआई ने त्रिची अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कितने जीवित सरीसृप बरामद किए?

  1. A.27
  2. B.35
  3. C.45
  4. D.55
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 45

राजस्व खुफिया निदेशालय ने त्रिची की वायु खुफिया इकाई के साथ मिलकर त्रिची अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रास्ते इतने ही जीवित सरीसृपों की तस्करी की कोशिश नाकाम की।

Q2.पर्यावरणमध्यम

त्रिची में पकड़े गए यात्री किस शहर से आए थे?

  1. A.कुआलालंपुर
  2. B.दुबई
  3. C.बैंकॉक, कोलंबो के रास्ते
  4. D.सिंगापुर, माले के रास्ते
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बैंकॉक, कोलंबो के रास्ते

राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों ने विशिष्ट खुफिया सूचना पर 26 अक्टूबर 2026 को इसी मार्ग से त्रिची अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे दो भारतीय यात्रियों को रोका।

Q3.पर्यावरणमध्यम

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने निम्न में से किस बंदरगाह को हरित हाइड्रोजन केंद्र के रूप में मान्यता दी है?

  1. A.मोरमुगाओ बंदरगाह
  2. B.पारादीप बंदरगाह
  3. C.विशाखापत्तनम बंदरगाह
  4. D.मुंबई बंदरगाह
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पारादीप बंदरगाह

मंत्रालय ने तीन बंदरगाहों को हरित हाइड्रोजन केंद्र के रूप में मान्यता दी है, यानी गुजरात में कांडला का दीनदयाल बंदरगाह, तमिलनाडु में तूतीकोरिन का वी.ओ. चिदंबरनार बंदरगाह और ओडिशा का पारादीप बंदरगाह, ताकि उत्पादन, खपत और अवसंरचना पास-पास रहें और परियोजनाएं व्यवहार्य बनें।

Q4.पर्यावरणमध्यम

भारत के हरित हाइड्रोजन मानक के अनुसार हाइड्रोजन को हरित मानने के लिए अधिकतम उत्सर्जन कितना होना चाहिए?

  1. A.प्रति किलोग्राम हाइड्रोजन पर 2 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य
  2. B.प्रति किलोग्राम हाइड्रोजन पर 5 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य
  3. C.प्रति किलोग्राम हाइड्रोजन पर 9 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य
  4. D.प्रति किलोग्राम हाइड्रोजन पर 12 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. प्रति किलोग्राम हाइड्रोजन पर 2 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने अगस्त 2023 में यह मानक अधिसूचित किया और यह सीमा वेल-टू-गेट आधार पर बारह महीने के औसत के रूप में लागू होती है; इसी के साथ भारत हरित हाइड्रोजन को औपचारिक रूप से परिभाषित करने वाले पहले कुछ देशों में आ गया।

Q5.पर्यावरणमध्यम

राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कितना परिव्यय मंजूर किया था?

  1. A.8,240 करोड़ रुपये
  2. B.17,490 करोड़ रुपये
  3. C.19,744 करोड़ रुपये
  4. D.24,500 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 19,744 करोड़ रुपये

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनवरी 2023 में इसी परिव्यय के साथ मिशन को मंजूरी दी थी और लक्ष्य रखा कि भारत हरित हाइड्रोजन तथा उसके उत्पादों का वैश्विक केंद्र बने, जिसके लिए 2030 तक कम से कम 5 एमएमटी वार्षिक उत्पादन क्षमता तय की गई।