त्रिची में पकड़े गए यात्री किस शहर से आए थे?
- A.कुआलालंपुर
- B.दुबई
- C.बैंकॉक, कोलंबो के रास्ते
- D.सिंगापुर, माले के रास्ते
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर बैंकॉक, कोलंबो के रास्ते है। राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों ने विशिष्ट खुफिया सूचना पर 26 अक्टूबर 2026 को इसी मार्ग से त्रिची अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे दो भारतीय यात्रियों को रोका। उनके सामान की व्यवस्थित जांच में सत्ताईस खाद्य पैकेटों में छिपाए गए जीवित वन्यजीव बरामद हुए, जो बेहोश अवस्था में थे। विकल्प A, B और D के शहर भारत के अंतरराष्ट्रीय हवाई नेटवर्क के व्यस्त केंद्र हैं, परंतु इस मामले का मार्ग वह नहीं था। बरामदगी में तेईस कॉर्न स्नेक, सोलह बॉल पायथन, पांच अर्जेंटीना ब्लैक एंड व्हाइट टेगु और एक स्नो व्हाइट इगुआना शामिल थे, जिनमें से कोई भी भारत की मूल प्रजाति नहीं है, इसीलिए ऐसी खेपें विदेशी पालतू जीवों के कारोबार के लिए भेजी जाती हैं। डीआरआई ने इसे खुफिया सूचना आधारित प्रवर्तन का उदाहरण बताया।
पूरा लेख पढ़ें: डीआरआई ने त्रिची हवाई अड्डे पर 45 जीवित सरीसृप जब्त किए
अभ्यास प्रश्न
डीआरआई ने त्रिची अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कितने जीवित सरीसृप बरामद किए?
- A.27
- B.35
- C.45
- D.55
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राजस्व खुफिया निदेशालय ने त्रिची की वायु खुफिया इकाई के साथ मिलकर त्रिची अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रास्ते इतने ही जीवित सरीसृपों की तस्करी की कोशिश नाकाम की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सरीसृपों के साथ पकड़े गए दोनों यात्रियों की गिरफ्तारी किस कानून के तहत की गई?
- A.वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972
- B.सीमा शुल्क अधिनियम, 1962
- C.जैविक विविधता अधिनियम, 2002
- D.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
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सरीसृपों को जब्त करने के बाद त्रिची की वायु खुफिया इकाई ने दोनों भारतीय यात्रियों को इसी अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया, क्योंकि अपराध सीमा शुल्क सीमा के पार माल, यहां जीवित वन्यजीव, के अवैध आयात का था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने निम्न में से किस बंदरगाह को हरित हाइड्रोजन केंद्र के रूप में मान्यता दी है?
- A.मोरमुगाओ बंदरगाह
- B.पारादीप बंदरगाह
- C.विशाखापत्तनम बंदरगाह
- D.मुंबई बंदरगाह
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मंत्रालय ने तीन बंदरगाहों को हरित हाइड्रोजन केंद्र के रूप में मान्यता दी है, यानी गुजरात में कांडला का दीनदयाल बंदरगाह, तमिलनाडु में तूतीकोरिन का वी.ओ. चिदंबरनार बंदरगाह और ओडिशा का पारादीप बंदरगाह, ताकि उत्पादन, खपत और अवसंरचना पास-पास रहें और परियोजनाएं व्यवहार्य बनें।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के हरित हाइड्रोजन मानक के अनुसार हाइड्रोजन को हरित मानने के लिए अधिकतम उत्सर्जन कितना होना चाहिए?
- A.प्रति किलोग्राम हाइड्रोजन पर 2 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य
- B.प्रति किलोग्राम हाइड्रोजन पर 5 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य
- C.प्रति किलोग्राम हाइड्रोजन पर 9 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य
- D.प्रति किलोग्राम हाइड्रोजन पर 12 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य
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नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने अगस्त 2023 में यह मानक अधिसूचित किया और यह सीमा वेल-टू-गेट आधार पर बारह महीने के औसत के रूप में लागू होती है; इसी के साथ भारत हरित हाइड्रोजन को औपचारिक रूप से परिभाषित करने वाले पहले कुछ देशों में आ गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कितना परिव्यय मंजूर किया था?
- A.8,240 करोड़ रुपये
- B.17,490 करोड़ रुपये
- C.19,744 करोड़ रुपये
- D.24,500 करोड़ रुपये
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनवरी 2023 में इसी परिव्यय के साथ मिशन को मंजूरी दी थी और लक्ष्य रखा कि भारत हरित हाइड्रोजन तथा उसके उत्पादों का वैश्विक केंद्र बने, जिसके लिए 2030 तक कम से कम 5 एमएमटी वार्षिक उत्पादन क्षमता तय की गई।
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