शैवाल-आधारित जैव ईंधन का उत्पादन संभव है, किंतु इस उद्योग को बढ़ावा देने में विकासशील देशों की संभावित सीमा/सीमाएँ क्या है/हैं? 1. शैवाल-आधारित जैव ईंधन का उत्पादन केवल समुद्रों में संभव है, महाद्वीपों पर नहीं। 2. शैवाल-आधारित जैव ईंधन उत्पादन की स्थापना और अभियांत्रिकी में निर्माण पूरा होने तक उच्च स्तर की विशेषज्ञता/प्रौद्योगिकी की आवश्यकता होती है। 3. आर्थिक रूप से व्यवहार्य उत्पादन के लिए बड़े पैमाने की सुविधाएँ स्थापित करनी पड़ती हैं, जो पारिस्थितिक और सामाजिक चिंताएँ उत्पन्न कर सकती हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 3
- D.1, 2 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल 2 और 3। असली बाधाएँ शैवाल संयंत्र बनाने के लिए आवश्यक उच्च तकनीक और लाभकारी होने के लिए आवश्यक बहुत बड़ा पैमाना हैं; शैवाल ज़मीन पर भी उगाए जा सकते हैं।
शैवाल जैव ईंधन तीसरी पीढ़ी का जैव ईंधन है, जो तेल-समृद्ध सूक्ष्म शैवालों से बनता है और जिसे बायोडीज़ल या विमान ईंधन में बदला जा सकता है। शैवाल तेज़ी से बढ़ते हैं और इन्हें कृषि भूमि नहीं चाहिए, पर खुले रेसवे तालाबों या बंद फोटोबायोरिएक्टरों में इन्हें उगाना, काटना और तेल निकालना उन्नत अभियांत्रिकी और महँगे कौशल माँगता है। सस्ता उत्पादन करने के लिए संयंत्र बड़े क्षेत्र में फैले होने चाहिए और बहुत पानी, कार्बन डाइऑक्साइड और पोषक तत्व लेते हैं, जिससे भूमि, जल और स्थानीय आजीविका की चिंताएँ उठ सकती हैं।
A गलत है, क्योंकि कथन 1 असत्य है: शैवाल आम तौर पर ज़मीन पर तालाबों, टंकियों, फोटोबायोरिएक्टरों और अपशिष्ट जल में भी उगाए जाते हैं।
C गलत है, क्योंकि इसमें सत्य कथन 2 छूट जाता है।
D गलत है, क्योंकि इसमें असत्य कथन 1 शामिल है।
परीक्षा टिप: पहली पीढ़ी = खाद्य फसलें, दूसरी = फसल अवशेष, तीसरी = शैवाल।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंजैव-सूचना विज्ञान (बायोइन्फॉर्मेटिक्स) के विकास के संदर्भ में, समाचारों में कभी-कभी दिखने वाला शब्द 'ट्रांसक्रिप्टोम' किसे संदर्भित करता है?
- A.जीनोम संपादन में प्रयुक्त एंजाइमों की एक शृंखला
- B.किसी जीव द्वारा अभिव्यक्त mRNA अणुओं की पूरी शृंखला
- C.जीन अभिव्यक्ति की क्रियाविधि का विवरण
- D.कोशिकाओं में होने वाले आनुवंशिक उत्परिवर्तनों की एक क्रियाविधि
उत्तर देखें
ट्रांसक्रिप्टोम किसी समय जीनों से बनने वाले सभी RNA प्रतिलेखों, मुख्यतः संदेशवाहक RNA, का पूरा समूह है। कोशिका में पहले DNA की प्रतिलिपि संदेशवाहक RNA में बनती है, जिसे प्रतिलेखन (ट्रांसक्रिप्शन) कहते हैं, और फिर mRNA से प्रोटीन बनते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित विमानों पर विचार कीजिए :
1. राफेल
2. मिग-29
3. तेजस MK-1
उपर्युक्त में से कितने पाँचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान माने जाते हैं?
- A.केवल एक
- B.केवल दो
- C.सभी तीनों
- D.कोई भी नहीं
उत्तर देखें
राफेल, मिग-29 और तेजस Mk-1 सभी चौथी या 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमान हैं; इनमें से कोई पाँचवीं पीढ़ी का नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →"ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी" के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. यह एक सार्वजनिक बहीखाता है जिसकी जाँच हर कोई कर सकता है, पर जिस पर किसी एक उपयोगकर्ता का नियंत्रण नहीं होता।
2. ब्लॉकचेन की संरचना और रूपरेखा ऐसी है कि उसमें सारा डेटा केवल क्रिप्टोकरेंसी के बारे में होता है।
3. ब्लॉकचेन की मूल विशेषताओं पर निर्भर अनुप्रयोग किसी की अनुमति के बिना विकसित किए जा सकते हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 2
- D.केवल 1 और 3
उत्तर देखें
ब्लॉकचेन एक खुला, साझा बहीखाता है जिस पर किसी एक पक्ष का नियंत्रण नहीं होता, और सार्वजनिक ब्लॉकचेन पर कोई भी बिना अनुमति के अनुप्रयोग बना सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दृश्य प्रकाश संचार (Visible Light Communication, VLC) प्रौद्योगिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
1. VLC 375 से 780 nm तरंगदैर्ध्य वाले विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम का उपयोग करता है।
2. VLC को लंबी दूरी के प्रकाशीय बेतार संचार के रूप में जाना जाता है।
3. VLC ब्लूटूथ की तुलना में अधिक तेज़ी से बड़ी मात्रा में डेटा भेज सकता है।
4. VLC में कोई विद्युतचुंबकीय व्यतिकरण नहीं होता।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1, 2 और 3
- B.केवल 1, 2 और 4
- C.केवल 1, 3 और 4
- D.केवल 2, 3 और 4
उत्तर देखें
VLC दृश्य प्रकाश से डेटा भेजता है, जो तेज़ और रेडियो व्यतिकरण से मुक्त है, पर यह केवल कम दूरी तक काम करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मानव प्रजनन प्रौद्योगिकी में हाल की प्रगति के संदर्भ में, "प्रोन्यूक्लियर ट्रांसफ़र" का उपयोग किसके लिए किया जाता है?
- A.दाता शुक्राणु द्वारा अंडे का इन विट्रो निषेचन
- B.शुक्राणु उत्पन्न करने वाली कोशिकाओं का आनुवंशिक रूपांतरण
- C.स्टेम कोशिकाओं का क्रियाशील भ्रूण में विकास
- D.संतान में माइटोकॉन्ड्रियल रोगों की रोकथाम
उत्तर देखें
प्रोन्यूक्लियर ट्रांसफ़र एक माइटोकॉन्ड्रिया प्रतिस्थापन तकनीक है, जो माँ के दोषपूर्ण माइटोकॉन्ड्रिया को बच्चे तक पहुँचने से रोकती है। माइटोकॉन्ड्रिया का अपना छोटा DNA होता है, जो केवल माँ से मिलता है; इसमें दोष होने पर मांसपेशियों, हृदय और मस्तिष्क के गंभीर रोग होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →