संविधान का कौन सा अनुच्छेद राज्यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद की व्यवस्था करता है?
- A.अनुच्छेद 161
- B.अनुच्छेद 163
- C.अनुच्छेद 166
- D.अनुच्छेद 167
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, अनुच्छेद 163 है। यह कहता है कि राज्यपाल को अपने कृत्यों के प्रयोग में सहायता और सलाह देने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक मंत्रिपरिषद होगी, सिवाय उन कृत्यों के जिन्हें उसे स्वविवेक से करना है, और यह भी कि कोई विषय स्वविवेक का था या नहीं, इसकी जाँच किसी न्यायालय में नहीं होगी। यही स्वविवेक का उपबंध राज्यपाल को राष्ट्रपति से अलग करता है, क्योंकि अनुच्छेद 74 में ऐसा अपवाद नहीं है।
विकल्प A, अनुच्छेद 161, राज्यपाल की क्षमादान शक्ति है। विकल्प C, अनुच्छेद 166, कहता है कि राज्य की सारी कार्यपालिका कार्रवाई राज्यपाल के नाम से होगी और वह कार्य संचालन के नियम बना सकता है। विकल्प D, अनुच्छेद 167, मुख्यमंत्री के कर्तव्य गिनाता है। पूरा समूह साथ याद रखें: 163 सलाह, 164 नियुक्ति, 165 महाधिवक्ता, 166 कार्य संचालन और 167 मुख्यमंत्री के कर्तव्य।
पूरा लेख पढ़ें: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल और मंत्रिपरिषद: अनुच्छेद और शक्तियाँ
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंउत्तर प्रदेश के राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है?
- A.भारत का प्रधानमंत्री
- B.भारत का राष्ट्रपति
- C.इलाहाबाद उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश
- D.उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री
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अनुच्छेद 155 कहता है कि राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा करेगा, अर्थात यह पद नियुक्ति से भरा जाता है, चुनाव से कभी नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राज्यपाल पद पर नियुक्ति के लिए न्यूनतम आयु कितनी निर्धारित है?
- A.25 वर्ष
- B.30 वर्ष
- C.35 वर्ष
- D.40 वर्ष
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अनुच्छेद 157 राज्यपाल पद के लिए केवल दो योग्यताएँ रखता है: व्यक्ति भारत का नागरिक हो और पैंतीस वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मुख्यमंत्री सहित उत्तर प्रदेश की मंत्रिपरिषद में अधिकतम कितने मंत्री हो सकते हैं?
- A.40
- B.50
- C.60
- D.80
उत्तर देखें
संविधान के इक्यानबेवें संशोधन अधिनियम, 2003 से जोड़ा गया अनुच्छेद 164(1A) मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या को विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के पंद्रह प्रतिशत तक सीमित करता है और न्यूनतम बारह रखता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर प्रदेश के राज्यपाल किसके समक्ष पद की शपथ लेते हैं?
- A.भारत के राष्ट्रपति
- B.भारत के मुख्य न्यायाधीश
- C.राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
- D.विधानसभा के अध्यक्ष
उत्तर देखें
अनुच्छेद 159 के अनुसार प्रत्येक राज्यपाल पद ग्रहण करने से पूर्व उस राज्य के संबंध में अधिकारिता रखने वाले उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष, और उनकी अनुपस्थिति में उस न्यायालय के उपलब्ध वरिष्ठतम न्यायाधीश के समक्ष, शपथ लेता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अनुच्छेद 161 के अंतर्गत राज्यपाल की क्षमादान शक्ति के बाहर इनमें से क्या है?
- A.राज्य विधि के अपराध में दंड का परिहार
- B.मृत्युदंड का निलंबन
- C.मृत्युदंड की क्षमा
- D.मृत्युदंड का लघुकरण
उत्तर देखें
अनुच्छेद 161 राज्यपाल को उस विधि के विरुद्ध अपराध के लिए दोषसिद्ध व्यक्ति के दंड में क्षमा, प्रविलंबन, विराम या परिहार देने तथा दंड को निलंबित, परिहार या लघुकृत करने की शक्ति देता है जो राज्य की कार्यपालिका शक्ति के विषय से संबंधित है।
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