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GK24
शिखर सम्मेलनमध्यम

समुद्र मंथन योजना को और किस नाम से जाना जाता है?

  1. A.राष्ट्रीय गहरे जल मिशन
  2. B.नीली अर्थव्यवस्था अन्वेषण कार्यक्रम
  3. C.राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना
  4. D.अपतटीय ऊर्जा सुरक्षा मिशन

सही उत्तर

C. राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना

व्याख्या

सही उत्तर राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना है। समुद्र मंथन इस योजना का प्रचलित नाम है, जबकि राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना इसका औपचारिक नाम है। सरकार ने इसे 84,084 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ मंजूरी दी है, ताकि भारतीय तट से दूर समुद्र में मौजूद हाइड्रोकार्बन भंडारों को उत्पादन में लाया जा सके और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो। योजना के तहत अन्वेषण में तेजी लाने, आधुनिक तकनीक अपनाने, साझा बुनियादी ढांचा बनाने और घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा। विकल्प A यानी राष्ट्रीय गहरे जल मिशन, विकल्प B यानी नीली अर्थव्यवस्था अन्वेषण कार्यक्रम और विकल्प D यानी अपतटीय ऊर्जा सुरक्षा मिशन — ये तीनों गढ़े हुए नाम हैं जो सुनने में असली नाम जैसे लगते हैं, पर इनमें से कोई भी समुद्र मंथन का दूसरा नाम नहीं है। परीक्षा में किसी योजना का प्रचलित और औपचारिक नाम साथ पूछा जाता है, इसलिए दोनों याद रखें।

पूरा लेख पढ़ें: एसआरसीसी सम्मेलन: समुद्र मंथन योजना को 84,084 करोड़ रुपये

Q1.शिखर सम्मेलनमध्यम

समुद्र मंथन योजना, यानी राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना, का स्वीकृत परिव्यय कितना है?

  1. A.48,048 करोड़ रुपये
  2. B.84,084 करोड़ रुपये
  3. C.64,064 करोड़ रुपये
  4. D.94,094 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 84,084 करोड़ रुपये

भारत सरकार ने समुद्र मंथन योजना को, जिसे राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना भी कहा जाता है, इसी परिव्यय के साथ मंजूरी दी है।

Q2.शिखर सम्मेलनआसान

दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 'विकसित भारत की राह: शताब्दी सम्मेलन' का आयोजन किस संस्थान ने किया?

  1. A.श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, दिल्ली विश्वविद्यालय
  2. B.भारतीय प्रबंध संस्थान, अहमदाबाद
  3. C.जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय
  4. D.दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, दिल्ली विश्वविद्यालय

एसआरसीसी नाम से पहचाने जाने वाले इस कॉलेज ने अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर यह दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया और इसके सत्र नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर स्थित स्टाइन ऑडिटोरियम में हुए।

Q3.शिखर सम्मेलनमध्यम

केंद्रीय मंत्री ने 'अपशिष्ट से धन' और 'अन्नदाता से ऊर्जादाता' के उदाहरण के रूप में किस योजना का उल्लेख किया?

  1. A.पीएम-कुसुम
  2. B.गोबरधन
  3. C.सतत
  4. D.उज्ज्वला योजना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गोबरधन

ऊर्जा क्षेत्र और सतत आर्थिक विकास पर बोलते हुए हरदीप सिंह पुरी ने एक अक्टूबर को शुरू हुई इस योजना का हवाला दिया और इसे प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण से जोड़ा जिसमें कचरे को धन में बदलने तथा किसान को अन्न देने वाले से ऊर्जा देने वाले में बदलने की…

Q4.शिखर सम्मेलनकठिन

सीएसएसआईएफ की पहली हितधारक बैठक में कितने प्रतिभागी और कितने संस्थान शामिल हुए?

  1. A.50 से अधिक प्रतिभागी, 20 से अधिक संस्थान
  2. B.150 से अधिक प्रतिभागी, 80 से अधिक संस्थान
  3. C.250 से अधिक प्रतिभागी, 40 से अधिक संस्थान
  4. D.500 से अधिक प्रतिभागी, 120 से अधिक संस्थान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 150 से अधिक प्रतिभागी, 80 से अधिक संस्थान

बैठक में सरकारी मंत्रालयों और विभागों, संचालन एजेंसियों, शोध एवं शैक्षणिक संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों, नागरिक समाज तथा निजी क्षेत्र के हितधारक शामिल हुए, जो देश के कई राज्यों से आए थे।

Q5.शिखर सम्मेलनमध्यम

परामर्श बैठक के तकनीकी सत्र में देश के लिए किस प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया गया?

  1. A.राष्ट्रीय आपदा चेतावनी नेटवर्क
  2. B.जलवायु सेवा सूचना प्रणाली
  3. C.एकीकृत मौसम ग्रिड
  4. D.राष्ट्रीय मानसून मिशन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जलवायु सेवा सूचना प्रणाली

तकनीकी सत्र का आरंभिक व्याख्यान विश्व मौसम विज्ञान संगठन के जलवायु अनुप्रयोग एवं सेवा प्रभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. रूपा कुमार कोल्ली ने दिया और बताया कि जलवायु संबंधी जानकारी उन लोगों तक पहुंचाने के लिए देश को ऐसी प्रणाली क्यों चाहिए जिन्हें उस पर कार्रवाई करनी है।