सम्मेलन के अनुसार भारत की कितनी माल ढुलाई सड़क मार्ग से होती है?
- A.लगभग 40 प्रतिशत
- B.लगभग 55 प्रतिशत
- C.लगभग 70 प्रतिशत
- D.लगभग 90 प्रतिशत
सही उत्तर
C. लगभग 70 प्रतिशत
व्याख्या
सही उत्तर है लगभग 70 प्रतिशत। नीति आयोग के सदस्य ने इसी हिस्से के आधार पर कहा कि प्रमुख माल ढुलाई कॉरिडोर का विद्युतीकरण योजनाबद्ध ढंग से होना चाहिए, बिखरी हुई प्रायोगिक परियोजनाओं के भरोसे नहीं। इसके साथ उन्होंने एक और आंकड़ा रखा जो तर्क को और पैना करता है: भारी ट्रक वाहन बेड़े का केवल 3 से 4 प्रतिशत हैं, फिर भी परिवहन क्षेत्र के कार्बन उत्सर्जन का एक तिहाई से अधिक हिस्सा इन्हीं से आता है, यानी थोड़े से वाहन बड़ी समस्या ढो रहे हैं। विकल्प ए, बी और डी में ऐसे हिस्से हैं जो विज्ञप्ति में नहीं आते। उन्होंने बाजार की तीन अड़चनें भी गिनाईं और मिश्रित वित्तपोषण तथा लीजिंग मॉडल की मांग की, ताकि इलेक्ट्रिक ट्रक की पूंजी लागत डीजल ट्रक के करीब आए।
पूरा लेख पढ़ें: नीति आयोग ने पीएसीटी और जेडईटी मार्केटप्लेस की शुरुआत की
अभ्यास प्रश्न
5वें ई-फास्ट इंडिया सम्मेलन में शुरू हुए पीएसीटी का पूरा नाम क्या है?
- A.प्रोग्राम फॉर एक्सेलरेटेड क्लीन ट्रांसपोर्ट
- B.प्लेटफॉर्म फॉर एग्रीगेटिंग क्लीन ट्रांसपोर्ट
- C.पार्टनरशिप फॉर अल्टरनेटिव क्लीन टेक्नोलॉजी
- D.पोर्टल फॉर एडवांस्ड कार्गो ट्रैकिंग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्लेटफॉर्म फॉर एग्रीगेटिंग क्लीन ट्रांसपोर्ट
व्याख्या
सही उत्तर है प्लेटफॉर्म फॉर एग्रीगेटिंग क्लीन ट्रांसपोर्ट। अर्थ इसी एग्रीगेटिंग शब्द में छिपा है, क्योंकि इस मंच का पूरा मकसद शिपर्स और लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं की मांग को एक जगह जुटाना है, ताकि वह इतनी बड़ी और स्पष्ट हो जाए कि किसी कॉरिडोर पर इलेक्ट्रिक ट्रक चलाना व्यावसायिक रूप से उचित लगे। विकल्प ए में प्रोग्राम और एक्सेलरेटेड शब्द हैं, जो सुनने में सरकारी लगते हैं और किसी योजना पर तो बैठ सकते हैं पर इस मंच पर नहीं। विकल्प सी इसे वैकल्पिक प्रौद्योगिकी की साझेदारी बना देता है, जो नवीकरणीय ऊर्जा की शब्दावली है। विकल्प डी इसे कार्गो ट्रैकिंग पोर्टल बताता है, जो लॉजिस्टिक्स की सूचना प्रौद्योगिकी का काम है और नीति आयोग ने यहां वह शुरू नहीं किया। इसे इसके जोड़ीदार जेडईटी मार्केटप्लेस के साथ याद रखें।
सम्मेलन के अनुसार ई-फ्रेट वाहनों की तैनाती कितनी बढ़ी?
- A.201 वाहनों से 826 वाहनों तक
- B.826 वाहनों से 3,000 वाहनों तक
- C.150 वाहनों से 600 वाहनों तक
- D.500 वाहनों से 1,200 वाहनों तक
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 201 वाहनों से 826 वाहनों तक
व्याख्या
सही उत्तर है 201 वाहनों से 826 वाहनों तक, यानी एक ही वर्ष में चार गुना से अधिक की वृद्धि, और नीति आयोग ने यही आंकड़ा यह दिखाने के लिए रखा कि इलेक्ट्रिक माल ढुलाई का बाजार चल पड़ा है। विकल्प बी दो अलग तथ्यों को मिला देता है, क्योंकि 3,000 से अधिक का आंकड़ा देश भर में पहले से चल रहे मध्यम एवं भारी इलेक्ट्रिक ट्रकों का है और वह इस एक वर्ष की छलांग का अंतिम बिंदु नहीं है। विकल्प सी और डी में गढ़े हुए जोड़े हैं, जो इसलिए विश्वसनीय लगते हैं क्योंकि उनका अनुपात भी लगभग वैसा ही है। एक तीसरा आंकड़ा तस्वीर पूरी करता है: वर्ष 2025 में लगभग 800 भारी इलेक्ट्रिक ट्रक बिके, जिसे नीति आयोग के सदस्य ने कॉरिडोर के रणनीतिक विद्युतीकरण की जरूरत के प्रमाण के रूप में रखा। तीनों अंक अलग-अलग याद रखें।
ई-फास्ट इंडिया मंच का नेतृत्व कौन करता है?
- A.भारी उद्योग मंत्रालय
- B.नीति आयोग
- C.सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
- D.ऊर्जा दक्षता ब्यूरो
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नीति आयोग
व्याख्या
सही उत्तर है नीति आयोग। विज्ञप्ति ई-फास्ट इंडिया को, जिसका पूरा नाम इलेक्ट्रिक फ्रेट एक्सेलेरेटर फॉर सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट इंडिया है, नीति आयोग के नेतृत्व वाला मंच बताती है, जो सरकार और उद्योग को साथ लाता है, जिसमें मूल उपकरण निर्माता, लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता, वित्तपोषक, शिपर्स और चार्जिंग प्वाइंट ऑपरेटर शामिल हैं, और जिसका ध्यान मध्यम तथा भारी वाहनों पर है। विकल्प ए और सी में वे मंत्रालय हैं जो सम्मेलन में मौजूद और सक्रिय थे, क्योंकि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव ने वहां संबोधन दिया और भारी उद्योग मंत्रालय के अधिकारी भी उपस्थित रहे, पर मंच का नेतृत्व इनमें से कोई नहीं करता। विकल्प डी में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो है, जिसका काम ऊर्जा दक्षता मानकों से जुड़ा है। नीति आयोग सरकार का शीर्ष नीति विचार-मंथन निकाय है।
भारत में खरीफ फसलों की बुआई सामान्यतः कब होती है?
- A.दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ
- B.दिसंबर की शीतकालीन वर्षा के बाद
- C.केवल रबी कटाई के बाद गर्मी के महीनों में
- D.केवल सिंचित कमान क्षेत्रों में फरवरी में
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ
व्याख्या
सही उत्तर यह है कि खरीफ फसलों की बुआई दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ होती है। इसी कारण कृषि मंत्रालय मानसून के महीनों में हर सप्ताह बुआई की प्रगति रिपोर्ट जारी करता है, और 4 सितंबर 2026 तक की स्थिति, जब कुल रकबा 1086.31 लाख हेक्टेयर था, वर्ष की खाद्यान्न आपूर्ति का महत्वपूर्ण संकेत मानी जाती है। विकल्प B रबी सत्र का वर्णन करता है, जिसमें गेहूं और सरसों जैसी फसलें ठंड के महीनों में बोई जाती हैं और वसंत में काटी जाती हैं; यह रिपोर्ट रबी की नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि खरीफ की बुआई वर्षा के साथ होती है और इसका बड़ा हिस्सा वर्षा आधारित है। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि खरीफ की बुआई वर्षा आधारित तथा सिंचित दोनों क्षेत्रों में होती है।
8 सितंबर 2026 की खरीफ रिपोर्ट में किन दो फसल समूहों का रकबा पिछले वर्ष की इसी अवधि से अधिक रहा?
- A.धान और कपास
- B.तिलहन और गन्ना
- C.दलहन तथा जूट एवं मेस्ता
- D.मोटे अनाज और कपास
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दलहन तथा जूट एवं मेस्ता
व्याख्या
सही उत्तर दलहन तथा जूट एवं मेस्ता है। दलहन की बुआई 117.13 लाख हेक्टेयर में हुई, जबकि पिछले वर्ष 115.30 लाख हेक्टेयर थी, और जूट एवं मेस्ता 6.34 लाख हेक्टेयर में, जबकि पिछले वर्ष 6.24 लाख हेक्टेयर था; रिपोर्ट में केवल यही दो समूह पिछले वर्ष से ऊपर हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि धान इस सत्र में सबसे अधिक घटा है और उसका रकबा 438.19 लाख हेक्टेयर से घटकर 421.82 लाख हेक्टेयर रह गया, कपास भी नीचे है। विकल्प B गलत है, क्योंकि तिलहन 191.99 लाख हेक्टेयर और गन्ना 58.47 लाख हेक्टेयर पर आ गया। विकल्प D दोनों दृष्टि से गलत है, क्योंकि श्री अन्न एवं मोटे अनाज 181.39 लाख हेक्टेयर और कपास 109.17 लाख हेक्टेयर पर रहे। दलहन में वृद्धि उत्तर प्रदेश, झारखंड और तेलंगाना से आई।