समीक्षा बैठक में बताए अनुसार दिल्ली के बस बेड़े में कितनी इलेक्ट्रिक बसें हैं?
- A.3,420
- B.4,200
- C.5,088
- D.6,840
सही उत्तर
C. 5,088
व्याख्या
सही उत्तर 5,088 है। दिल्ली का बस बेड़ा कुल मिलाकर 6,840 वाहनों तक पहुंच चुका है और इनमें से इतनी बसें बिजली से चलती हैं, जिससे इलेक्ट्रिक बसें बेड़े का बड़ा हिस्सा बन गई हैं। इस प्रश्न में सबसे बड़ा भ्रम अंतिम विकल्प से पैदा होता है, क्योंकि वह पूरे बेड़े का आकार है, केवल इलेक्ट्रिक बसों की संख्या नहीं, इसलिए जल्दबाजी में पढ़ने वाला अभ्यर्थी उसे चुन सकता है। पहले दो विकल्प भी गलत हैं, क्योंकि ऐसे कोई आंकड़े कार्ययोजना में नहीं दिए गए। सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना बैठक के उपायों में शामिल था, जिसके साथ हर मेट्रो स्टेशन पर अंतिम छोर तक संपर्क की बात भी कही गई। बैठक में यह भी बताया गया कि दिल्ली मेट्रो सारथी ऐप को अपनाने के लिए शहरव्यापी अभियान चलेगा, जिसमें निवासी कल्याण संघों के साथ मिलकर डाउनलोड शिविर लगाए जाएंगे। पुरानी गाड़ियों को कबाड़ में देने पर प्रोत्साहन बढ़ाने तथा परिवर्तन योजना के तहत मिशन मोड में पंजीकरण अभियान चलाने का निर्णय भी लिया गया।
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अभ्यास प्रश्न
हाल ही में समीक्षा की गई कार्ययोजना के तहत दिल्ली में कितने प्रदूषण हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं?
- A.13
- B.24
- C.37
- D.52
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 37
व्याख्या
सही उत्तर 37 है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कहा कि राजधानी के इन सभी चिह्नित हॉटस्पॉट पर 10 अक्टूबर तक संबंधित पक्षों को जोड़कर जन भागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, हर स्थान के लिए अलग कार्यबिंदु तय हों और उन पर अमल की करीबी निगरानी हो। जनप्रतिनिधि इन स्थानों का दौरा कर जमीनी स्थिति देखेंगे। तेरह, चौबीस और बावन वाले विकल्प गलत हैं, क्योंकि चिह्नित हॉटस्पॉट के लिए ऐसी कोई संख्या नहीं बताई गई। कार्ययोजना में एक अलग आंकड़ा जरूर आता है: 42 वायु गुणवत्ता और यातायात हॉटस्पॉट पर सुधार पहले ही हो चुका है तथा आठ और का लक्ष्य अक्टूबर के लिए रखा गया है, इसलिए दोनों संख्याओं को आपस में नहीं मिलाना चाहिए। मंत्री ने यह भी कहा कि कृषि गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के राज्यों के साथ मिलकर कार्रवाई करनी होगी और इन क्षेत्रों की कार्ययोजनाएं भी समय पर अंतिम रूप लेनी चाहिए। उन्होंने जागरूकता बढ़ाने और लोगों को सक्रिय भागीदार बनाने पर बल दिया।
बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र ईंधन न देने का नियम दिल्ली के कितने पेट्रोल पंपों पर मिशन मोड में लागू किया जाएगा?
- A.250
- B.350
- C.500
- D.750
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 500
व्याख्या
सही उत्तर 500 है। इस नियम के तहत उस वाहन को ईंधन नहीं मिलेगा जिसके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं है, और इसे स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली से लैस हर पेट्रोल पंप पर शहरव्यापी जागरूकता तथा प्रवर्तन अभियान के जरिये मिशन मोड में लागू किया जाएगा। नियम न मानने वाले पंपों पर कार्रवाई होगी। ढाई सौ, साढ़े तीन सौ और साढ़े सात सौ वाले विकल्प गलत हैं, क्योंकि ये कैमरा युक्त पंपों की बताई गई संख्या से मेल नहीं खाते। इसी बैठक में परिवहन से जुड़े अन्य उपाय भी तय हुए, जिनमें दिल्ली मेट्रो सारथी ऐप का अभियान और सभी 228 मेट्रो स्टेशनों पर अंतिम छोर तक संपर्क शामिल हैं। बैठक में यह भी तय हुआ कि निर्माण स्थलों पर कैमरों जैसी तकनीक के जरिये नियमों के पालन की निगरानी की जाए और शवदाह गृहों से होने वाले उत्सर्जन को घटाने के तकनीकी विकल्प तलाशे जाएं। मुख्यमंत्री ने एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल, खासकर प्रवर्तन और यातायात प्रबंधन में, की आवश्यकता बताई।
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान की प्रत्येक संडे नेचर वॉक में कितने प्रतिभागी शामिल किए जाते हैं?
- A.10 से 15
- B.20 से 25
- C.30 से 40
- D.50 से 60
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सही उत्तर: B. 20 से 25
व्याख्या
सही उत्तर 20 से 25 प्रतिभागी है। उद्यान यह सीमा इसलिए रखता है कि हर वॉक भीड़ के बजाय गुणवत्तापूर्ण और नजदीकी सीखने का अनुभव बनी रहे। विकल्प A, C और D इन वॉक के लिए तय सीमा से मेल नहीं खाते। पहले से पंजीकरण अनिवार्य है और यह पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर उस फॉर्म से होता है जो हर सप्ताह सोमवार से शुक्रवार तक खुला रहता है; इसका लिंक राष्ट्रीय प्राणी उद्यान की आधिकारिक वेबसाइट तथा एनजेडपी साथी मोबाइल ऐप पर दिया जाता है। इस सीमा और रिपोर्ट की गई वॉक की वास्तविक उपस्थिति में अंतर समझें, क्योंकि उस दिन पंद्रह प्रतिभागी शामिल हुए थे। वन्यजीव सप्ताह के लिए दिल्ली-एनसीआर के सरकारी और निजी विद्यालयों के छात्र आमंत्रित हैं। वन्यजीव सप्ताह के दौरान किसी गतिविधि का शुल्क नहीं है और प्रतिभागियों के साथ शिक्षकों तथा अभिभावकों को भी नि:शुल्क प्रवेश मिलेगा।
नई दिल्ली का राष्ट्रीय प्राणी उद्यान किस केंद्रीय मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?
- A.पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- B.कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
- C.संस्कृति मंत्रालय
- D.पर्यटन मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय है, जो वन्यजीव और जैव विविधता से जुड़े विषय देखता है और जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय प्राणी उद्यान आता है। विकल्प B खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों का मंत्रालय है, विकल्प C संग्रहालय, अकादमियों तथा विरासत संस्थानों से जुड़ा है और विकल्प D यात्रा एवं गंतव्य प्रचार देखता है, इसलिए इनमें से कोई भी उद्यान का मूल मंत्रालय नहीं है। उद्यान के निदेशक डॉ. संजीत कुमार ने प्रतिभागियों से कहा कि नेचर वॉक से प्रजातियों की पहचान का कौशल बढ़ता है, खाद्य श्रृंखला की समझ गहरी होती है और जैव विविधता के रिकॉर्ड समृद्ध होते हैं। परीक्षा के लिए उद्यान को इस मंत्रालय, रविवार की नागरिक विज्ञान वॉक और अक्टूबर के वन्यजीव सप्ताह से जोड़कर याद रखें। यही मंत्रालय देश में चिड़ियाघरों तथा वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी नीतियों की देखरेख करता है, इसलिए यह जोड़ी परीक्षा में बार-बार पूछी जाती है।
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान की संडे बर्ड वॉक में प्रतिभागियों ने कितनी पक्षी प्रजातियां दर्ज कीं?
- A.28 प्रजातियां
- B.36 प्रजातियां
- C.47 प्रजातियां
- D.63 प्रजातियां
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 47 प्रजातियां
व्याख्या
सही उत्तर 47 प्रजातियां है और इस दौरान 750 से अधिक पक्षियों को देखा गया। विकल्प A, B और D इस गतिविधि से जुड़े आंकड़े नहीं हैं। पक्षियों के साथ प्रतिभागियों ने वॉक क्षेत्र में आठ तितली प्रजातियां, दस ड्रैगनफ्लाई प्रजातियां और पांच डैमसेलफ्लाई प्रजातियां भी दर्ज कीं, जिसे उद्यान परिसर में तितलियों तथा ऑडोनेट की समृद्ध विविधता का प्रमाण बताया गया। यह पूरा अवलोकन सुबह साढ़े छह बजे से साढ़े दस बजे तक पक्षी विशेषज्ञ रोहित शर्मा तथा तितली एवं ड्रैगनफ्लाई विशेषज्ञ रामवीर के मार्गदर्शन में हुआ। उद्यान ऐसी वॉक को नागरिक विज्ञान कहता है, क्योंकि आम प्रतिभागी क्षेत्र से मिले आंकड़े जैव विविधता के दस्तावेजीकरण में जोड़ते हैं और खुद पहचान का कौशल सीखते हैं। इस वॉक में पंद्रह प्रतिभागी शामिल हुए, जबकि उद्यान हर संडे नेचर वॉक में बीस से पच्चीस लोगों को ही जगह देता है।