S-तरंगों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है ?
- A.S-तरंगें P-तरंगों से धीमी होती हैं।
- B.भूकंप के दौरान S-तरंगें इमारतों और हाईवे ओवरपास जैसी संरचनाओं के लिए कम विनाशकारी होती हैं।
- C.S-तरंगें केवल ठोस से होकर गुजर सकती हैं और पृथ्वी के बाह्य कोर से नहीं गुजर सकतीं।
- D.भूकंपविज्ञानियों ने निष्कर्ष निकाला है कि पृथ्वी का बाह्य कोर अवश्य ही द्रव या तरल है।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B। S-तरंगें कम विनाशकारी नहीं होतीं; उनकी अगल-बगल हिलाने वाली गति इमारतों और ओवरपास को P-तरंगों से अधिक नुकसान पहुँचाती है। S-तरंगें यानी द्वितीयक तरंगें अनुप्रस्थ काय तरंगें हैं: वे ज़मीन को अपनी गति की दिशा के समकोण पर हिलाती हैं। P-तरंगें यानी प्राथमिक तरंगें धक्का-खिंचाव वाली तरंगें हैं, जो सबसे तेज चलकर सिस्मोग्राफ पर पहले पहुँचती हैं और अपेक्षाकृत कम क्षति करती हैं। S-तरंगें उनके बाद अधिक आयाम और तेज कर्तन गति के साथ आती हैं, इसलिए संरचनाएँ इनसे अधिक प्रभावित होती हैं। धरातलीय तरंगें सबसे अंत में आती हैं और सबसे अधिक विनाशकारी होती हैं। विकल्प A सही कथन है, क्योंकि S-तरंगों की गति P-तरंगों की लगभग 60 प्रतिशत होती है। विकल्प C सही कथन है, क्योंकि द्रव कर्तन का विरोध नहीं कर पाता, इसलिए S-तरंगें बाह्य कोर से नहीं गुजरतीं और अधिकेंद्र से लगभग 103 डिग्री के बाद छाया क्षेत्र बनाती हैं। विकल्प D सही कथन है, क्योंकि इसी छाया क्षेत्र से वैज्ञानिकों ने बाह्य कोर के तरल होने का निष्कर्ष निकाला। परीक्षा टिप: पहुँचने का क्रम P, फिर S, फिर धरातलीय तरंगें; क्षति का क्रम उल्टा, और S-तरंगें द्रव पार नहीं करतीं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकिसी मेघ प्रकार की निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए : 1. वे संवहन से उत्पन्न होते हैं। 2. यही एकमात्र मेघ प्रकार है जो ओले, गर्जन और तड़ित उत्पन्न कर सकता है। 3. वे फूलगोभी के आकार की बड़ी मीनारें होते हैं, जिनके शीर्ष प्रायः 'निहाई' जैसे होते हैं। दी गई विशेषताओं के आधार पर मेघ के प्रकार की पहचान कीजिए।
- A.स्तरी कपासी (स्ट्रैटोक्यूमुलस)
- B.कपासी वर्षी (क्यूम्यलोनिम्बस)
- C.पक्षाभ कपासी (सिरोक्यूमुलस)
- D.वर्षा स्तरी (निम्बोस्ट्रेटस)
उत्तर देखें
क्यूम्यलोनिम्बस मेघ प्रबल संवहन से बनते हैं, फूलगोभी जैसी विशाल मीनारों में बढ़ते हैं जिनका शीर्ष चपटा और निहाई जैसा होता है, और यही एकमात्र मेघ हैं जो ओले, गर्जन और बिजली लाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सिंधु जल संधि के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. 'पूर्वी नदियाँ' पद का अर्थ सतलुज, ब्यास और रावी को एक साथ लेना है। 2. 'पश्चिमी नदियाँ' पद का अर्थ सिंधु, झेलम और चिनाब को एक साथ लेना है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
1960 की सिंधु जल संधि पूर्वी नदियों के रूप में सतलुज, ब्यास और रावी को तथा पश्चिमी नदियों के रूप में सिंधु, झेलम और चिनाब को परिभाषित करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा मत्स्यन बैंक यूनाइटेड किंगडम के तट के पास स्थित है?
- A.ग्रेट फिशर बैंक
- B.ग्रैंड बैंक्स
- C.डॉगर बैंक
- D.रीड बैंक
उत्तर देखें
डॉगर बैंक उत्तरी सागर में इंग्लैंड के पूर्वी तट से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित एक बड़ा उथला रेतीला तट है, जो यूरोप के सबसे समृद्ध मत्स्यन क्षेत्रों में से एक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी लूनी नदी की सहायक नदी नहीं है?
- A.खारी
- B.सुकड़ी
- C.जवाई
- D.बनास
उत्तर देखें
बनास लूनी की सहायक नदी नहीं है; यह पूर्व की ओर बहकर चंबल में मिलती है, जो गंगा बेसिन का भाग है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हिमस्खलन निम्नलिखित में से किस प्रकार की आपदा है?
- A.वायुमंडलीय
- B.स्थलीय
- C.जलीय
- D.जैविक
उत्तर देखें
हिमस्खलन पर्वतीय ढलान से बर्फ़, हिम और मलबे का अचानक नीचे खिसकना है, यानी भू-सतह पर पदार्थ की गति, इसलिए इसे स्थलीय आपदाओं में रखा जाता है।
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