ऋग्वेद में अनाज के लिए प्रयुक्त शब्द हैं:
- A.गोधूम और व्रीहि
- B.यव और धान्य
- C.तिल और खल
- D.प्रियंगु और श्यामाक
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, यव और धान्य। ऋग्वेद में अनाज के लिए गिने-चुने शब्द ही मिलते हैं, और उनमें मुख्य हैं यव और धान्य। यव का अर्थ संभवतः जौ था, जो आरंभिक वैदिक लोगों का प्रमुख अनाज था, हालाँकि आरंभ में यह सामान्य रूप से अनाज के लिए भी प्रयुक्त हो सकता था; धान्य अनाज के लिए एक सामान्य शब्द है। ऋग्वैदिक लोग मुख्यतः पशुपालक थे और अपनी संपत्ति मवेशियों में गिनते थे, इसलिए सूक्तों में खेती का स्थान कम है। चावल और गेहूँ उत्तर वैदिक ग्रंथों में ही प्रमुख होते हैं, जब बसावट गंगा के मैदानों तक फैली। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोधूम (गेहूँ) और व्रीहि (चावल) उत्तर वैदिक साहित्य में आते हैं, ऋग्वेद के अनाज के रूप में नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि तिल एक तिलहन है और खल का अर्थ खलिहान है, अनाज नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्रियंगु और श्यामाक मोटे अनाज हैं, जिनका उल्लेख उत्तर वैदिक ग्रंथों में है। परीक्षा टिप: ऋग्वेद में यव (जौ); उत्तर वैदिक ग्रंथों में व्रीहि (चावल) और गोधूम (गेहूँ)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसर स्टैफ़र्ड क्रिप्स की योजना में परिकल्पना की गई थी कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद
- A.भारत को पूर्ण स्वतंत्रता दी जाए।
- B.स्वतंत्रता देने से पहले भारत को दो भागों में विभाजित किया जाए
- C.भारत को इस शर्त के साथ गणराज्य बनाया जाए कि वह राष्ट्रमंडल में शामिल होगा
- D.भारत को डोमिनियन का दर्जा दिया जाए
उत्तर देखें
मार्च 1942 के क्रिप्स मिशन ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भारत को डोमिनियन का दर्जा देने का प्रस्ताव रखा, पूर्ण स्वतंत्रता का नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1907 में सूरत में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में फूट का मुख्य कारण क्या था?
- A.लॉर्ड मिंटो द्वारा भारतीय राजनीति में सांप्रदायिकता का प्रवेश
- B.ब्रिटिश सरकार से वार्ता करने की नरमपंथियों की क्षमता में गरमपंथियों का विश्वास न होना
- C.मुस्लिम लीग की स्थापना
- D.अरविंद घोष का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष न चुना जा सकना
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दिसंबर 1907 की सूरत फूट तरीकों के मूल मतभेद से हुई। फिरोज़शाह मेहता और गोपाल कृष्ण गोखले जैसे नरमपंथी याचिका, प्रार्थना और संवैधानिक दबाव में विश्वास रखते थे, जबकि बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय और बिपिन चंद्र पाल के नेतृत्व में गरमपंथी बंगाल विभाजन के बाद स्वदेशी, बहिष्कार और…
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित घटनाओं में से कौन-सी सबसे पहले घटी?
- A.स्वामी दयानंद ने आर्य समाज की स्थापना की।
- B.दीनबंधु मित्र ने नीलदर्पण लिखा।
- C.बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने आनंदमठ लिखा।
- D.सत्येंद्रनाथ टैगोर भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने वाले पहले भारतीय बने।
उत्तर देखें
बंगाल के किसानों पर यूरोपीय नील बागान मालिकों के अत्याचार पर आधारित बांग्ला नाटक नीलदर्पण दीनबंधु मित्र ने 1858-59 में लिखा और यह 1860 में प्रकाशित हुआ, यानी बाकी तीनों घटनाओं से पहले।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1920 में, निम्नलिखित में से किसने अपना नाम बदलकर "स्वराज्य सभा" रख लिया?
- A.ऑल इंडिया होम रूल लीग
- B.हिंदू महासभा
- C.साउथ इंडियन लिबरल फेडरेशन
- D.सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी
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1920 में महात्मा गांधी ऑल इंडिया होम रूल लीग के अध्यक्ष बने और उनके नेतृत्व में इसका नाम बदलकर स्वराज्य सभा कर दिया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मक्का भारत में किस मार्ग से लाया गया था?
- A.अमेरिका और इंग्लैंड
- B.अफ्रीका और स्पेन
- C.फ्रांस और रूस
- D.पुर्तगाल और इटली
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मक्का अमेरिका महाद्वीप की फसल है और यह सोलहवीं-सत्रहवीं शताब्दी में अफ्रीका और स्पेन के रास्ते भारत पहुँचा; सत्रहवीं शताब्दी तक यह पश्चिमी भारत की प्रमुख फसलों में शामिल हो गया था।
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