राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग में हुई ये नियुक्तियां किस तारीख तक प्रभावी रहेंगी?
- A.31 मार्च 2028
- B.31 दिसंबर 2027
- C.30 सितंबर 2029
- D.31 मार्च 2030
सही उत्तर
A. 31 मार्च 2028
व्याख्या
सही उत्तर 31 मार्च 2028 है। विज्ञप्ति कहती है कि ये नियुक्तियां उसी तारीख तक प्रभावी रहेंगी, जो मौजूदा आयोग के बचे हुए कार्यकाल के बराबर है। यह केवल याद रखने की तारीख नहीं, बल्कि एक सिद्धांत की बात है: नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य अपना अलग पूरा कार्यकाल शुरू नहीं करते, बल्कि आयोग के मौजूदा कार्यकाल का बचा हुआ हिस्सा पूरा करते हैं। विकल्प B, C और D देखने में ठीक लगने वाली तारीखें हैं जो विज्ञप्ति में नहीं आतीं। इससे जुड़ा एक और ब्योरा साथ रखें, यानी आयोग की संरचना: एक ही आदेश में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और तीन सदस्य नियुक्त हुए, जो हैं भगवत प्रसाद मकवाना, कैशब बिहारी, मनोज कुमार बाल्मीकि, सुषमा गौड़ियाल और रवि रामू कालोसे। नियुक्तियां सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने कीं।
पूरा लेख पढ़ें: भगवत प्रसाद मकवाना राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष बने
अभ्यास प्रश्न
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग का अध्यक्ष किसे नियुक्त किया गया है?
- A.कैशब बिहारी
- B.भगवत प्रसाद मकवाना
- C.मनोज कुमार बाल्मीकि
- D.रवि रामू कालोसे
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सही उत्तर: B. भगवत प्रसाद मकवाना
व्याख्या
सही उत्तर भगवत प्रसाद मकवाना हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने उन्हें आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया, और विज्ञप्ति उनकी पृष्ठभूमि भी देती है: अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर, अनुसूचित जाति समुदायों के लिए सामाजिक कार्य का लंबा अनुभव, उत्तराखंड सरकार के सफाई कर्मचारी आयोग में पहले उपाध्यक्ष और फिर अध्यक्ष के रूप में सेवा, एनएचपीसी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक का कार्यकाल, तथा हाथ से मैला ढोने के रूप में रोजगार पर रोक और पुनर्वास अधिनियम, 2013 के तहत बनी केंद्रीय निगरानी समिति की सदस्यता। यहां हर गलत विकल्प उसी आदेश में नियुक्त किसी व्यक्ति का नाम है, पर अलग पद पर। विकल्प A के कैशब बिहारी उपाध्यक्ष हैं, जबकि विकल्प C और विकल्प D तीन सदस्यों में से दो के नाम हैं। प्रश्न ठीक इसी तरह बनते हैं, इसलिए नामों की सूची नहीं, नाम के साथ पद याद रखें।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग किस मंत्रालय के अधीन आता है?
- A.श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
- B.आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
- C.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
- D.ग्रामीण विकास मंत्रालय
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सही उत्तर: C. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय है। विज्ञप्ति उसी मंत्रालय की ओर से जारी हुई है, और नियुक्तियां उसके सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने कीं। मंत्रालय ने नई टीम का स्वागत भी किया और कहा कि समाज कल्याण, जन सेवा, प्रशासन तथा शिक्षा में इनका साझा अनुभव आयोग को अपने दायित्व निभाने में मजबूती देगा, जिसमें देश भर के सफाई कर्मचारियों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक-आर्थिक भलाई की रक्षा शामिल है। विकल्प A, B और D ऐसे मंत्रालय हैं जिनका काम किसी न किसी रूप में स्वच्छता, शहरी सेवाओं या रोजगार को छूता है, और यही साम्य उन्हें आकर्षक बनाता है, पर इनमें से कोई इस आयोग को नहीं देखता। विषय के जरिये कड़ी याद रखें: सफाई कर्मचारियों का मामला अनुसूचित जातियों के सामाजिक न्याय का है, इसलिए यह आयोग सामाजिक न्याय मंत्रालय के पास है।
विज्ञप्ति में एनसीएसके के नए अध्यक्ष के पिछले काम के संदर्भ में किस अधिनियम का नाम आया है?
- A.नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955
- B.हाथ से मैला ढोने के रूप में रोजगार पर रोक और पुनर्वास अधिनियम, 2013
- C.मैला ढोने वालों का नियोजन और शुष्क शौचालय निर्माण (प्रतिषेध) अधिनियम, 1993
- D.अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989
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सही उत्तर: B. हाथ से मैला ढोने के रूप में रोजगार पर रोक और पुनर्वास अधिनियम, 2013
व्याख्या
सही उत्तर हाथ से मैला ढोने के रूप में रोजगार पर रोक और पुनर्वास अधिनियम, 2013 है। विज्ञप्ति दर्ज करती है कि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग का अध्यक्ष बनने से पहले भगवत प्रसाद मकवाना इसी अधिनियम के तहत गठित केंद्रीय निगरानी समिति के सदस्य रहे थे। विकल्प C में उसी विषय का पुराना कानून है, जिसकी जगह 2013 के अधिनियम ने ली, और इसीलिए उसे खारिज करना सबसे कठिन है। विकल्प A और विकल्प D अनुसूचित जातियों की रक्षा करने वाले असली कानून हैं, पर वे अस्पृश्यता के अपराधों और अत्याचारों से जुड़े हैं, हाथ से मैला ढोने से नहीं, इसलिए यहां उनका नाम नहीं आता। अध्यक्ष की बाकी योग्यताएं भी साथ याद रखें: अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर, उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग में उपाध्यक्ष तथा अध्यक्ष के कार्यकाल, और एनएचपीसी बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक का अनुभव।
एशियाई-प्रशांत डाक संघ किस संगठन के क्षेत्रीय संघ के रूप में काम करता है?
- A.विश्व व्यापार संगठन
- B.यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन
- C.अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ
- D.एशियाई विकास बैंक
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सही उत्तर: B. यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन
व्याख्या
सही उत्तर यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन है। विज्ञप्ति साफ कहती है कि एपीपीयू यूपीयू के क्षेत्रीय संघ के रूप में काम करता है, और यूपीयू डाक क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी है। विकल्प C यानी अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ वह जाल है जिसका नाम लेना जरूरी है: वह भी संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी है और संचार के क्षेत्र में ही आता है, पर उसका काम दूरसंचार और रेडियो स्पेक्ट्रम है, डाक नहीं। विकल्प A अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के नियमों से जुड़ा है और विकल्प D एक क्षेत्रीय विकास बैंक है, इसलिए दोनों यहां नहीं आते। पूरी कड़ी याद रखें, क्योंकि प्रश्न उसकी किसी भी कड़ी पर बन सकता है: संयुक्त राष्ट्र, फिर उसकी डाक एजेंसी यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन, फिर बैंकॉक में मुख्यालय वाला 32 सदस्य देशों का एशियाई-प्रशांत डाक संघ, और फिर उसके महासचिव डॉ. विनय प्रकाश सिंह।
एशियाई-प्रशांत डाक संघ का मुख्यालय कहां है?
- A.बर्न
- B.सिंगापुर
- C.बैंकॉक
- D.नई दिल्ली
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सही उत्तर: C. बैंकॉक
व्याख्या
सही उत्तर बैंकॉक है। विज्ञप्ति एशियाई-प्रशांत डाक संघ को बैंकॉक में मुख्यालय वाला 32 सदस्य देशों का अंतर-सरकारी संगठन बताती है, और 14वां सम्मेलन भी 4 सितंबर 2026 को बैंकॉक में ही हुआ, जहां इसके महासचिव दोबारा चुने गए। जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय संगठनों का अध्ययन किया है उनके लिए विकल्प A सबसे मजबूत भ्रामक विकल्प है, क्योंकि बर्न यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन का मुख्यालय है, जो संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी है और जिसका क्षेत्रीय संघ एपीपीयू है। दोनों शहरों को अलग रखें: वैश्विक संस्था के लिए बर्न और एशिया-प्रशांत की क्षेत्रीय संस्था के लिए बैंकॉक। विकल्प B और विकल्प D विज्ञप्ति में नहीं आते। 32 सदस्य देशों का आंकड़ा भी याद रखें, क्योंकि ऐसे छोटे और जांचे जा सकने वाले अंक परीक्षक संस्था के नाम के साथ पूछना पसंद करते हैं।