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GK24
नियुक्तियांकठिन

पूर्वी वायु कमान संभालने से तुरंत पहले एयर मार्शल देसवाल किस पद पर थे?

  1. A.वायुसेना के उप प्रमुख
  2. B.दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान मुख्यालय में वरिष्ठ वायु स्टाफ अधिकारी
  3. C.पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास में वायुसेना अताशे
  4. D.वायुसेना मुख्यालय में महानिदेशक (हथियार प्रणाली)

सही उत्तर

B. दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान मुख्यालय में वरिष्ठ वायु स्टाफ अधिकारी

व्याख्या

सही उत्तर दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान मुख्यालय में वरिष्ठ वायु स्टाफ अधिकारी है। पूर्वी वायु कमान का एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ बनने से ठीक पहले वे इसी पद पर कार्यरत थे। विकल्प C और विकल्प D उनके पूर्व सेवाकाल के पद हैं, वर्तमान से पहले वाले नहीं - वे पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास में वायुसेना अताशे रहे और बाद में वायुसेना मुख्यालय में हथियार प्रणाली के महानिदेशक रहे, इसके अतिरिक्त उन्होंने एक लड़ाकू स्क्वाड्रन की कमान तथा दो उड़ान अड्डों के एयर ऑफिसर कमांडिंग का दायित्व भी संभाला। विकल्प A गलत है क्योंकि उप प्रमुख का पद उन अधिकारी का था जो अब वायुसेना प्रमुख बने हैं। यह प्रश्न सेवा रिकॉर्ड को क्रम से पढ़ने की याद दिलाता है, क्योंकि परीक्षा में अक्सर किसी अधिकारी के कई सही पद एक साथ विकल्पों में दे दिए जाते हैं और पूछा जाता है कि नई नियुक्ति से तुरंत पहले वे कहां तैनात थे। ऐसे प्रश्न में केवल अंतिम पद ही सही उत्तर होता है।

पूरा लेख पढ़ें: मेहताब सिंह देसवाल पूर्वी वायु कमान के प्रमुख बने

Q1.नियुक्तियांआसान

1 नवंबर 2026 को पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार किसने संभाला?

  1. A.एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल
  2. B.एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित
  3. C.एयर मार्शल परितोष अहमद
  4. D.एयर मार्शल दिनेश गणवीर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल

उन्होंने भारतीय वायुसेना की पूर्वी वायु कमान का एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यभार संभाला और इससे पहले वे दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान मुख्यालय में वरिष्ठ वायु स्टाफ अधिकारी थे।

Q2.नियुक्तियांमध्यम

एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल भारतीय वायुसेना की उड़ान शाखा में किस वर्ष कमीशन हुए थे?

  1. A.1985
  2. B.1989
  3. C.1993
  4. D.1997
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1989

वे उस वर्ष चौदह जून को भारतीय वायुसेना की उड़ान शाखा में लड़ाकू विमान पायलट के रूप में कमीशन हुए, अर्थात कमान संभालने से पहले उनका सेवाकाल साढ़े तीन दशक से अधिक रहा।

Q3.नियुक्तियांकठिन

राष्ट्रीय मिशन प्रमुख-दो के कार्यकाल में कितनी भूवैज्ञानिक रिपोर्ट और ज्ञापन सौंपे गए?

  1. A.259 रिपोर्ट और 277 ज्ञापन
  2. B.359 रिपोर्ट और 377 ज्ञापन
  3. C.459 रिपोर्ट और 477 ज्ञापन
  4. D.202 रिपोर्ट और 56 ज्ञापन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 359 रिपोर्ट और 377 ज्ञापन

राष्ट्रीय मिशन प्रमुख-दो के रूप में गनवीर ने बहुविषयक क्षेत्रीय कार्यक्रमों तथा देशव्यापी खनिज अन्वेषण की योजना और निगरानी की, और मंत्रालय इस अवधि का श्रेय 359 भूवैज्ञानिक रिपोर्ट तथा 377 भूवैज्ञानिक ज्ञापन सौंपे जाने के साथ महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण में पांच गुना वृद्धि को देता है।

Q4.नियुक्तियांआसान

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के 55वें महानिदेशक के रूप में किसने कार्यभार संभाला है?

  1. A.दिनेश विट्ठलराव गनवीर
  2. B.प्रजीत कुमार एम. वी.
  3. C.चंद्र भूषण कुमार
  4. D.रमेश कृष्णमूर्ति
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. दिनेश विट्ठलराव गनवीर

उन्होंने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के 55वें महानिदेशक का कार्यभार संभाला है, जो खान मंत्रालय का संबद्ध कार्यालय है। भूवैज्ञानिक अन्वेषण, खनिज खोज, इंजीनियरिंग भूविज्ञान और संस्थागत नेतृत्व में उनके पास तीन दशक से अधिक का अनुभव है।

Q5.नियुक्तियांमध्यम

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण किस केन्द्रीय मंत्रालय का संबद्ध कार्यालय है?

  1. A.पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
  2. B.कोयला मंत्रालय
  3. C.खान मंत्रालय
  4. D.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. खान मंत्रालय

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण को भारत सरकार के खान मंत्रालय का संबद्ध कार्यालय बताया गया है और नए महानिदेशक ने अपनी प्राथमिकताएं भी इसी दायरे में रखीं: एकीकृत भूवैज्ञानिक अध्ययन, उन्नत खनिज संभाव्यता मानचित्रण तथा नीलामी के लिए तैयार खनिज ब्लॉक तैयार करना।