राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के लिए स्वीकृत प्रारंभिक परिव्यय कितना है?
- A.8,000 करोड़ रुपये
- B.19,744 करोड़ रुपये
- C.10,371 करोड़ रुपये
- D.90,000 करोड़ रुपये
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 19,744 करोड़ रुपये है। मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को इसी प्रारंभिक परिव्यय के साथ मंजूरी दी थी और यह परिव्यय वर्ष 2029-30 तक के लिए है। मिशन का लक्ष्य 2030 तक सालाना कम से कम 50 लाख टन हरित हाइड्रोजन का उत्पादन है। इसके अपेक्षित परिणामों में 125 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ना, 6 लाख से अधिक पूर्णकालिक रोजगार और सालाना 50 एमएमटी कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन से बचाव भी शामिल है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वह राशि हस्ताक्षरित आपूर्ति अनुबंधों को पूरा करने के लिए आवश्यक पूंजी है, जो लगभग 90,000 करोड़ रुपये या 9.5 अरब डॉलर है, न कि मिशन का बजट। विकल्प A और C मिशन से जुड़े किसी आंकड़े से मेल नहीं खाते। परीक्षा में परिव्यय, परिव्यय का अंतिम वर्ष और उत्पादन लक्ष्य अक्सर आपस में बदलकर पूछे जाते हैं, इसलिए इन्हें अलग-अलग याद रखना चाहिए।
पूरा लेख पढ़ें: हरित हाइड्रोजन आपूर्ति अनुबंधों में भारत दुनिया में पहले स्थान पर
अभ्यास प्रश्न
अक्टूबर 2026 तक भारतीय कंपनियों ने कुल कितनी हरित हाइड्रोजन आपूर्ति की प्रतिबद्धता पर हस्ताक्षर किए थे?
- A.3,55,610 एमटीपीए
- B.4,55,610 एमटीपीए
- C.5,55,610 एमटीपीए
- D.6,55,610 एमटीपीए
उत्तर देखें
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार अक्टूबर 2026 तक भारतीय कंपनियों के पक्के और हस्ताक्षरित हरित हाइड्रोजन आपूर्ति अनुबंध इसी स्तर पर पहुंचे थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दक्षिण कोरिया की सैमसंग सी एंड टी के साथ 3 अरब डॉलर से अधिक मूल्य का दीर्घकालिक हरित अमोनिया करार किस भारतीय कंपनी ने किया है?
- A.एक्मे समूह
- B.एएम ग्रीन
- C.रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड
- D.लार्सन एंड टुब्रो
उत्तर देखें
दक्षिण कोरिया की सैमसंग सी एंड टी कॉरपोरेशन के साथ उसका दीर्घकालिक आपूर्ति और क्रय करार 3 अरब डॉलर से अधिक मूल्य का है और इसे दुनिया के सबसे बड़े हरित अमोनिया आपूर्ति अनुबंधों में गिना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →साइड इवेंट में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग से मिले लाभ के न्यायसंगत बंटवारे का आधार किसे बताया?
- A.कार्टाजेना प्रोटोकॉल
- B.नागोया प्रोटोकॉल
- C.कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता रूपरेखा
- D.पेरिस समझौता
उत्तर देखें
लाभ-साझाकरण पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि यही प्रोटोकॉल आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग से उत्पन्न लाभ के निष्पक्ष और न्यायसंगत बंटवारे का आधार देता है, और उन्होंने इस सिद्धांत को व्यावहारिक, पारदर्शी तथा न्यायसंगत प्रक्रियाओं में बदलने पर बल दिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सीबीडी कॉप-17 के साइड इवेंट में भारत द्वारा जारी चार प्रकाशनों में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं था?
- A.आई-ओईसीएम को नामित करने के दिशा-निर्देश
- B.कार्टाजेना जैव सुरक्षा प्रोटोकॉल पर पांचवीं राष्ट्रीय रिपोर्ट
- C.भारत वन स्थिति रिपोर्ट
- D.भारत की लाभ-साझाकरण सफलता गाथा
उत्तर देखें
साइड इवेंट में जो चार प्रकाशन सामने आए, वे इस प्रकार हैं। पहला, भारत के अन्य प्रभावी क्षेत्र-आधारित संरक्षण उपायों को नामित करने के दिशा-निर्देश, जिनसे संरक्षित क्षेत्रों के बाहर हुए संरक्षण कार्य को भी मान्यता मिल सकेगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जिस सीबीडी कॉप-17 में भारत ने चार प्रकाशन जारी किए, वह किस शहर में हुआ?
- A.येरेवन
- B.बाकू
- C.त्बिलिसी
- D.अस्ताना
उत्तर देखें
भारत ने वहां अपने राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण तथा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के साथ एक साइड इवेंट किया और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने उसमें चार प्रकाशन जारी किए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →