राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान में कवरेज की निगरानी किस डिजिटल प्लेटफॉर्म से होती है?
- A.कोविन
- B.यू-विन
- C.ई-संजीवनी
- D.आभा
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है यू-विन। विज्ञप्ति के अनुसार अभियान ने इसी प्लेटफॉर्म के जरिए भारत के डिजिटल स्वास्थ्य ढांचे का लाभ उठाया है, जिससे कार्यक्रम प्रबंधक जिला स्तर पर टीकाकरण कवरेज की निगरानी कर सकते हैं, कवरेज की कमी और छूटे लाभार्थियों की पहचान कर सकते हैं और योजना तथा संसाधनों का बेहतर बंटवारा कर सकते हैं। विकल्प A गलत है और सबसे आकर्षक जाल है, क्योंकि नाम मिलता-जुलता है और वह पिछले टीकाकरण अभियान से जुड़ा प्लेटफॉर्म है; विज्ञप्ति में केवल नया प्लेटफॉर्म नामित है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वह सेवा टेली-परामर्श से जुड़ी है और यहां उसका उल्लेख नहीं है। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि अभियान के विवरण में इस तरह का कोई स्वास्थ्य खाता नहीं आता। साथ में सुरक्षा व्यवस्था भी याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: भारत में एचपीवी वैक्सीन की 80 लाख खुराकें पूरी हुईं
अभ्यास प्रश्न
राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत भारत ने कितनी खुराकें दी हैं?
- A.22 लाख से अधिक
- B.80 लाख से अधिक
- C.1.2 करोड़ से अधिक
- D.8 करोड़ से अधिक
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मंत्रालय ने इसे 8 मिलियन खुराकें भी बताया है। यह आंकड़ा फरवरी 2026 में अभियान शुरू होने के बाद के पूरे दौर का है और इसे गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम में एक बड़ा पड़ाव बताया गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इनमें से किस राज्य ने अभियान में अपने लक्षित समूह का पूरा कवरेज हासिल नहीं किया है?
- A.गुजरात
- B.मिजोरम
- C.कर्नाटक
- D.मध्य प्रदेश
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मंत्रालय इस राज्य को दूसरी श्रेणी में रखता है और बताता है कि उसने अपने लक्षित समूह का 85 प्रतिशत से अधिक कवरेज हासिल किया है, पूरा कवरेज नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?
- A.75 से अधिक
- B.100 से अधिक
- C.200 से अधिक
- D.500 से अधिक
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पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?
- A.कोयला मंत्रालय
- B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
- C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
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इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 में ई-कचरे सहित कबाड़ के निपटान से कुल कितनी आय हुई?
- A.618.06 करोड़ रुपये
- B.770.50 करोड़ रुपये
- C.970.33 करोड़ रुपये
- D.1,120.40 करोड़ रुपये
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विशेष अभियान 6 पोर्टल के संकलित आंकड़ों के अनुसार सभी मंत्रालयों और विभागों ने ई-कचरे सहित कबाड़ बेचकर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए, जो विशेष अभियान 5.0 से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।
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