रक्षक कोशिकाएँ (गार्ड सेल) पादप ऊतक की किस परत में पाई जाती हैं?
- A.खंभ मध्योतक (पैलिसेड मीसोफिल)
- B.स्पंजी मध्योतक
- C.बाह्यत्वचा (एपिडर्मिस)
- D.जाइलम
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, बाह्यत्वचा (एपिडर्मिस)। रक्षक कोशिकाएँ बाह्यत्वचा की विशेष कोशिकाएँ हैं, जो पत्ती की सतह पर हर रंध्र को घेरे रहती हैं।
हर रंध्र एक छोटा छिद्र है, जिसके दोनों ओर दो रक्षक कोशिकाएँ होती हैं। अधिकांश पौधों में ये सेम के आकार की और घासों में डम्बल के आकार की होती हैं। बाह्यत्वचा की दूसरी कोशिकाओं के विपरीत इनमें हरितलवक होते हैं। पानी भरने से जब ये स्फीत होती हैं, तो इनकी मोटी भीतरी दीवार के कारण ये बाहर की ओर मुड़ती हैं और छिद्र खुल जाता है; पानी घटने पर छिद्र बंद हो जाता है। इस तरह ये प्रकाश-संश्लेषण और श्वसन की गैसों के आदान-प्रदान तथा वाष्पोत्सर्जन को नियंत्रित करती हैं। रंध्र प्रायः पत्ती की निचली सतह पर अधिक होते हैं।
विकल्प A गलत है, क्योंकि खंभ मध्योतक ऊपरी बाह्यत्वचा के नीचे की लंबी, हरितलवक-युक्त कोशिकाओं की परत है। विकल्प B गलत है, क्योंकि स्पंजी मध्योतक उसके नीचे की ढीली, वायु-स्थानों वाली परत है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जाइलम पानी और खनिज ढोने वाला संवहन ऊतक है।
परीक्षा टिप: रक्षक कोशिका = बाह्यत्वचा, हरितलवक-युक्त, स्फीत होने पर रंध्र खोलती है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपवन की गति किससे मापी जाती है?
- A.पवन दिग्दर्शक (विंड वेन)
- B.पवन आरेख (विंड रोज़)
- C.बैरोमीटर
- D.एनीमोमीटर
उत्तर देखें
एनीमोमीटर (पवनवेगमापी) से पता चलता है कि हवा कितनी तेज चल रही है; इसका नाम यूनानी शब्द 'एनेमोस' से बना है, जिसका अर्थ है हवा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हीरे की चमक किसके कारण होती है?
- A.प्रकाश का व्यतिकरण
- B.प्रकाश का विवर्तन
- C.प्रकाश का ध्रुवण
- D.प्रकाश का पूर्ण आंतरिक परावर्तन
उत्तर देखें
तराशे हुए हीरे में प्रवेश करने वाला प्रकाश बाहर निकलने से पहले उसके भीतर बार-बार परावर्तित होता है, जिससे पत्थर चमकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी विद्युतचुंबकीय तरंग नहीं है?
- A.प्रकाश तरंग
- B.रेडियो तरंग
- C.ध्वनि तरंग
- D.सूक्ष्म तरंग (माइक्रोवेव)
उत्तर देखें
ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है जिसे चलने के लिए माध्यम चाहिए, जबकि बाकी तीनों विद्युतचुंबकीय तरंगें हैं। ध्वनि वायु, जल या ठोस में संपीडन और विरलन वाली अनुदैर्ध्य तरंग के रूप में चलती है, इसीलिए यह निर्वात में नहीं जा सकती।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विद्युतचुंबकीय तरंग के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य नहीं है?
- A.विद्युतचुंबकीय तरंग ऊर्जा और संवेग का परिवहन करती है
- B.विद्युतचुंबकीय तरंग ध्रुवित और परावर्तित हो सकती है
- C.विद्युतचुंबकीय तरंग अनुदैर्ध्य होती है
- D.विद्युतचुंबकीय तरंग का संचरण परिवर्ती विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों द्वारा वर्णित होता है
उत्तर देखें
विद्युतचुंबकीय तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं, अनुदैर्ध्य नहीं, इसलिए यह कथन असत्य है। विद्युतचुंबकीय तरंग में विद्युत क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे के लंबवत दोलन करते हैं और दोनों तरंग के चलने की दिशा के भी लंबवत होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी आवृत्ति परास मानव कानों के लिए संवेदनशील है?
- A.0-200 Hz
- B.20-20,000 Hz
- C.केवल 200-20,000 Hz
- D.केवल 2,000-20,000 Hz
उत्तर देखें
सामान्य मानव कान लगभग 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज तक की ध्वनि सुनता है, जिसे श्रव्य परास कहते हैं। आवृत्ति, जिसका मात्रक हर्ट्ज है, प्रति सेकंड होने वाले कंपनों की संख्या है और यही ध्वनि का तारत्व तय करती है: आवृत्ति जितनी अधिक, स्वर उतना तीखा।
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