राजगीर चिड़ियाघर निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है?
- A.तमिलनाडु
- B.मध्य प्रदेश
- C.गुजरात
- D.बिहार
सही उत्तर
D. बिहार
व्याख्या
सही उत्तर है D, बिहार। राजगीर जू सफारी बिहार के नालंदा जिले के राजगीर में है, जो प्राचीन मगध की राजधानी राजगृह के आसपास की पहाड़ियों में बसा है। यह 2022 में दर्शकों के लिए खोला गया और सफारी के रूप में बना है — लोग वाहनों में बैठकर बाड़ों से गुजरते हैं, जबकि बाघ, शेर, तेंदुए, भालू और शाकाहारी वन्यजीव खुले क्षेत्रों में विचरते हैं। इसके पास ही ग्लास ब्रिज और नेचर सफारी बनाए गए हैं, और पूरा स्थल पंत वन्यजीव अभयारण्य के वनक्षेत्र में पड़ता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि तमिलनाडु का सबसे प्रसिद्ध चिड़ियाघर चेन्नई के पास वंडलूर का अरिग्नर अन्ना प्राणी उद्यान है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मध्य प्रदेश में भोपाल का वन विहार राष्ट्रीय उद्यान है। विकल्प C गलत है, क्योंकि गुजरात के जूनागढ़ का सक्करबाग चिड़ियाघर एशियाई शेरों के प्रजनन के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: जू सफारी और ग्लास ब्रिज के लिए बिहार का राजगीर याद रखें, और राजगृह को मगध की पहली राजधानी के रूप में।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंबायोगैस मुख्यतः किसका मिश्रण है?
- A.मेथेन और हाइड्रोजन
- B.मेथेन और हीलियम
- C.मेथेन और कार्बन डाइऑक्साइड
- D.मेथेन और नाइट्रोजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मेथेन और कार्बन डाइऑक्साइड
व्याख्या
सही उत्तर है C, मेथेन और कार्बन डाइऑक्साइड। बायोगैस तब बनती है जब गोबर, फ़सल अवशेष और मलजल को हवा रहित बंद टंकी में जीवाणुओं द्वारा विघटित किया जाता है, इस प्रक्रिया को अवायवीय पाचन कहते हैं। इसमें जो गैस इकट्ठी होती है उसमें लगभग 55 से 70 प्रतिशत मेथेन होती है और शेष का बड़ा भाग कार्बन डाइऑक्साइड होता है, साथ में हाइड्रोजन सल्फाइड और जलवाष्प की थोड़ी मात्रा। जलने वाला भाग मेथेन है, इसीलिए बायोगैस साफ़ नीली लौ देती है और गाँवों में खाना पकाने तथा रोशनी के लिए काम आती है; बची हुई कीचड़ अच्छी खाद बनती है। इस प्रकार गोबर गैस संयंत्र अपशिष्ट से एक ही समय में ईंधन और खाद, दोनों देता है। A गलत है क्योंकि हाइड्रोजन बायोगैस का मुख्य घटक नहीं है। B गलत है क्योंकि हीलियम निष्क्रिय गैस है, जिसे कोई जीवाणु नहीं बनाता। D गलत है क्योंकि नाइट्रोजन केवल अल्प मात्रा में होती है और जलती नहीं। परीक्षा टिप: बायोगैस = मुख्यतः मेथेन + कार्बन डाइऑक्साइड, अवायवीय पाचन से, बची कीचड़ खाद।
निम्नलिखित में से कौन ओजोन परत के क्षय का परिणाम नहीं है?
- A.सुनामी
- B.त्वचा कैंसर
- C.पृथ्वी पर सूर्य से अधिक पराबैंगनी किरणें पहुँचना
- D.प्रतिरक्षा अक्षमता संबंधी विकार
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सुनामी
व्याख्या
सही उत्तर है A, सुनामी। सुनामी समुद्र के नीचे आए भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट अथवा समुद्री तल पर भूस्खलन से उत्पन्न होती है, इसका ओजोन परत से कोई संबंध नहीं है।
ओजोन परत समतापमंडल में धरातल से लगभग 15 से 35 किलोमीटर की ऊँचाई पर स्थित है और सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी विकिरण का बड़ा भाग सोख लेती है। रेफ्रिजरेटर, वातानुकूलन यंत्र तथा एयरोसोल स्प्रे में प्रयुक्त क्लोरोफ्लोरो कार्बन से निकलने वाली क्लोरीन ओजोन को नष्ट करती है, इसी कारण 1987 के मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के अंतर्गत इनका उपयोग समाप्त किया गया। विश्व ओजोन दिवस 16 सितंबर को मनाया जाता है।
विकल्प B वास्तविक परिणाम है, क्योंकि अतिरिक्त पराबैंगनी विकिरण त्वचा कोशिकाओं को हानि पहुँचाकर त्वचा कैंसर का खतरा बढ़ाता है। विकल्प C वास्तविक परिणाम है, क्योंकि पतली परत से अधिक पराबैंगनी किरणें पृथ्वी तक पहुँचती हैं। विकल्प D वास्तविक परिणाम है, क्योंकि पराबैंगनी विकिरण प्रतिरक्षा तंत्र को कमजोर करता है तथा मोतियाबिंद, फसलों और प्लवक को भी हानि पहुँचाता है।
परीक्षा टिप: ओजोन क्षय से त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद और कमजोर प्रतिरक्षा; सुनामी समुद्र तल से आती है।
निम्नलिखित में से किस स्थान पर गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र स्थित है?
- A.पुष्कर
- B.पिंजौर
- C.रामपुर
- D.आगरा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पिंजौर
व्याख्या
सही उत्तर है B, पिंजौर। भारत का पहला गिद्ध प्रजनन केंद्र, जटायु संरक्षण प्रजनन केंद्र, 2001 में हरियाणा के पंचकूला जिले के पिंजौर में स्थापित किया गया। इसकी आवश्यकता तब पड़ी जब 1990 के दशक में सफेद पीठ वाले, लंबी चोंच वाले और पतली चोंच वाले गिद्धों की संख्या नब्बे प्रतिशत से अधिक घट गई। इसका कारण डाइक्लोफेनाक था, जो मवेशियों को दी जाने वाली दर्द निवारक दवा है और शवों को खाने वाले गिद्धों में गुर्दे की विफलता कर देती थी; भारत में 2006 में इसके पशु चिकित्सा उपयोग पर प्रतिबंध लगा। यह केंद्र इन तीनों गंभीर संकटग्रस्त प्रजातियों का बंदी प्रजनन कराकर उन्हें जंगल में छोड़ता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि राजस्थान का पुष्कर अपनी झील और ब्रह्मा मंदिर के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि उत्तर प्रदेश के रामपुर में ऐसा कोई केंद्र नहीं है, हालाँकि असम के रानी में एक गिद्ध केंद्र है। विकल्प D गलत है, क्योंकि आगरा ताजमहल और भालू बचाव केंद्र के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: गिद्धों के लिए हरियाणा का पिंजौर, और उनकी गिरावट का कारण डाइक्लोफेनाक।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत बाघ और हाथी किस अनुसूची में रखे गए हैं?
- A.अनुसूची 1
- B.अनुसूची 2
- C.अनुसूची 3
- D.अनुसूची 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अनुसूची 1
व्याख्या
सही उत्तर A, अनुसूची 1 है। इस अनुसूची में वे प्रजातियाँ आती हैं जिन्हें सर्वोच्च संरक्षण प्राप्त है, जिनका शिकार पूरे भारत में वर्जित है और जिनके लिए अधिनियम का सबसे कठोर दंड रखा गया है तथा अपराध संज्ञेय और गैर जमानती होता है। बाघ और एशियाई हाथी दोनों इसी में हैं और दोनों साइटीज के परिशिष्ट 1 में भी हैं, जिससे इनका अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक लेनदेन प्रतिबंधित है।
विकल्प B, विकल्प C और विकल्प D उन अनुसूचियों के नाम हैं जिनमें कम संरक्षण और हल्के दंड वाली प्रजातियाँ रखी जाती हैं। छात्र को अनुसूची और पशु का संबंध जोड़कर याद रखना चाहिए: बाघ, हाथी, एक सींग वाला गैंडा, हिम तेंदुआ, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड और सिंहपुच्छ मकाक सभी पहली अनुसूची में आते हैं, जिससे परीक्षक सबसे अधिक प्रश्न बनाते हैं।
बाघ संरक्षण के लिए समर्पित एकमात्र अंतर सरकारी संस्था ग्लोबल टाइगर फोरम का मुख्यालय कहाँ है?
- A.नई दिल्ली
- B.काठमांडू
- C.जिनेवा
- D.ग्लांड
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नई दिल्ली
व्याख्या
सही उत्तर A, नई दिल्ली है। ग्लोबल टाइगर फोरम की स्थापना नब्बे के दशक में बाघ आवास वाले देशों और इस प्रजाति के संरक्षण में लगे अन्य सदस्यों की अंतरराष्ट्रीय संस्था के रूप में हुई, और इसका सचिवालय नई दिल्ली में है, जो विश्व के जंगली बाघों में भारत के हिस्से को दर्शाता है।
विकल्प B काठमांडू दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन तथा अंतरराष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केंद्र का मुख्यालय है, इस फोरम का नहीं। विकल्प C जिनेवा में लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधी अभिसमय का सचिवालय है, और अनेक अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ भी वहीं हैं। विकल्प D स्विट्जरलैंड का ग्लांड अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ का मुख्यालय है, जो रेड लिस्ट प्रकाशित करता है, तथा विश्व वन्यजीव कोष का भी। इन चारों नामों को उनके मुख्यालयों के साथ एक बार तालिका बनाकर याद कर लेना ठीक रहता है, क्योंकि परीक्षक इन्हीं को आपस में बदलकर प्रश्न बनाते हैं।