पुणे मेट्रो की नई लाइन किस मॉडल के तहत बनाई गई है?
- A.केवल राज्य सरकार द्वारा निर्मित
- B.पूर्ण रूप से केंद्र सरकार के वित्त पोषण से
- C.सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी)
- D.विदेशी सरकारी कर्ज मॉडल
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) है। प्रधानमंत्री ने खास तौर पर यह बताया कि यह मेट्रो लाइन सरकार और निजी क्षेत्र के साझा प्रयास का नतीजा है, और इसे उन्होंने विकास का ऐसा मॉडल कहा जिसकी सफलता देश की प्रगति को और गति देगी। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसे राज्य सरकार के अकेले बनाए गए ढांचे के रूप में नहीं बताया गया। विकल्प B गलत है, क्योंकि परियोजना को पूरी तरह केंद्रीय वित्त पोषण पर आधारित नहीं बताया गया, निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी ही इसकी खास बात रही। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस लाइन के संबंध में किसी विदेशी सरकारी कर्ज की व्यवस्था का नाम नहीं लिया गया। परीक्षा के लिए याद रखने योग्य जोड़ी है, पुणे मेट्रो की हिंजवडी से शिवाजीनगर लाइन और पीपीपी मॉडल।
पूरा लेख पढ़ें: पुणे मेट्रो की हिंजवडी-शिवाजीनगर लाइन राष्ट्र को समर्पित
अभ्यास प्रश्न
3 नवंबर 2026 को समर्पित पुणे मेट्रो की नई लाइन किन दो स्थानों के बीच है?
- A.पिंपरी और स्वारगेट
- B.हिंजवडी और शिवाजीनगर
- C.वनाज और रामवाडी
- D.कात्रज और निगडी
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प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर पुणे मेट्रो की जो लाइन राष्ट्र को समर्पित की, वह हिंजवडी से शिवाजीनगर तक जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रधानमंत्री के अनुसार देश में अब कितने शहरों में मेट्रो सेवा चल रही है?
- A.15 शहर
- B.21 शहर
- C.26 शहर
- D.32 शहर
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प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में देश के केवल पांच शहरों में मेट्रो चलती थी और अब यह सेवा 26 शहरों तक फैल गई है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में पहली मेट्रो सेवा किस वर्ष शुरू हुई थी?
- A.1972
- B.1984
- C.1991
- D.2002
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देश में शहरी रेल के फैलाव का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में पहली मेट्रो 1984 में चली थी, और उन्होंने इस शुरुआत की तुलना उसके बाद की धीमी रफ्तार से की, यह बताते हुए कि 2014 तक मेट्रो सेवा पांच शहरों तक ही सीमित रही।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ई1 या टीडीएम लिंक पर चल रहे मौजूदा पीओआई को आईपी आधारित इंटरकनेक्शन पर कितने समय में बदलना होगा?
- A.एक वर्ष
- B.दो वर्ष
- C.तीन वर्ष
- D.पांच वर्ष
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संशोधन विनियमों में कहा गया है कि नियम लागू होने के बाद स्थापित हर इंटरकनेक्शन आईपी आधारित होगा, और जो पीओआई अब भी ई1 या टीडीएम तकनीक पर काम कर रहे हैं उन्हें चरणबद्ध तरीके से तीन वर्ष के भीतर आईपी आधारित इंटरकनेक्शन में बदलना होगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इंटरकनेक्शन शुल्क के विलंबित भुगतान पर ब्याज दर की अधिकतम सीमा क्या है?
- A.आरबीआई रेपो दर में एक प्रतिशत जोड़कर
- B.एसबीआई की एक वर्षीय एमसीएलआर में दो प्रतिशत जोड़कर
- C.सालाना 18 प्रतिशत की निश्चित दर
- D.बैंक दर में तीन प्रतिशत जोड़कर
उत्तर देखें
एक नया प्रावधान इंटरकनेक्शन शुल्क और इंटरकनेक्शन उपयोग शुल्क के देर से भुगतान से निपटता है, जिसमें दोनों सेवा प्रदाता ब्याज दर आपस में तय कर सकते हैं, मगर वह इस मानक से ऊपर नहीं जा सकती।
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