पृथ्वी की उत्पत्ति संबंधी सिद्धांतों और उनके प्रतिपादकों के निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं? 1. वायव्य (गैसीय) परिकल्पना : कांट 2. द्वैतारक परिकल्पना : रसेल 3. ग्रहाणु परिकल्पना : चैंबरलिन नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, 1, 2 और 3। तीनों सिद्धांत अपने सही प्रतिपादक के साथ जोड़े गए हैं।
इमैनुएल कांट ने 1755 में वायव्य परिकल्पना दी: धीरे-धीरे घूमते गर्म गैस के बादल के संघनन से सूर्य और ग्रह बने। बाद में लाप्लास ने इसे निहारिका परिकल्पना (1796) के रूप में सुधारा। थॉमस चैंबरलिन ने फॉरेस्ट मोल्टन के साथ 1905 में ग्रहाणु परिकल्पना दी, जिसके अनुसार पास से गुज़रे एक तारे ने सूर्य से पदार्थ खींचा, जो ठंडा होकर छोटे ठोस पिंडों यानी ग्रहाणुओं में बदला और इनके जुड़ने से ग्रह बने। एच. एन. रसेल ने 1937 में द्वैतारक परिकल्पना दी, जिसमें सूर्य का एक साथी तारा था जिसके टूटने से ग्रहों का पदार्थ मिला; लिटिलटन ने इसे आगे बढ़ाया।
A गलत है क्योंकि युग्म 2 और 3 भी सही हैं। B गलत है क्योंकि इसमें युग्म 1, कांट की वायव्य परिकल्पना, छूट गई है। C गलत है क्योंकि इसमें युग्म 2, रसेल की द्वैतारक परिकल्पना, छूट गई है।
परीक्षा टिप: कांट = वायव्य (1755), लाप्लास = निहारिका, चैंबरलिन-मोल्टन = ग्रहाणु, जींस-जेफ्रीज़ = ज्वारीय, रसेल = द्वैतारक।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस वलन में अक्षीय तल लगभग क्षैतिज पाया जाता है?
- A.समनत (आइसोक्लाइनल)
- B.अपनति (एंटीक्लाइनल)
- C.शयान (रिकम्बेंट)
- D.एकनत (मोनोक्लाइनल)
उत्तर देखें
शयान वलन में चट्टानी परतें इतनी अधिक झुक जाती हैं कि वलन करवट लेकर लेट जाता है और उसका अक्षीय तल लगभग क्षैतिज हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. भूकंपलेखी (सीस्मोग्राफ) में P तरंगें S तरंगों से पहले दर्ज होती हैं।
II. P तरंगों में कण तरंग के संचरण की दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं, जबकि S तरंगों में कण संचरण की दिशा के समकोण पर ऊपर-नीचे कंपन करते हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल I
- B.केवल II
- C.I और II दोनों
- D.न तो I और न ही II
उत्तर देखें
P तरंगें सबसे तेज़ भूकंपीय तरंगें हैं और भूकंपलेखी पर सबसे पहले पहुँचती हैं; वे अनुदैर्ध्य हैं, जबकि S तरंगें अनुप्रस्थ हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नीलगिरि, अन्नामलाई और पालनी पहाड़ियों के शीतोष्ण वन क्या कहलाते हैं?
- A.मिरिस्टिका
- B.कार वन
- C.देवराकाडु
- D.शोला
उत्तर देखें
पश्चिमी घाट की नीलगिरि, अन्नामलाई और पालनी पहाड़ियों की ऊँची घाटियों में मिलने वाले सदाबहार शीतोष्ण वनों के टुकड़े शोला कहलाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →समुद्र की सतह पर किसी दिए गए स्थान पर दो क्रमिक ज्वारों के आने के बीच समय का अंतर कितना होता है?
- A.12 घंटे
- B.12 घंटे 26 मिनट
- C.24 घंटे
- D.24 घंटे 52 मिनट
उत्तर देखें
अधिकांश स्थानों पर दिन में दो उच्च ज्वार आते हैं, और चंद्रमा हर दिन लगभग 52 मिनट देर से उगता है, इसलिए हर उच्च ज्वार पिछले के लगभग 12 घंटे 26 मिनट बाद आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार, अक्षर कूट Cfa किसे दर्शाता है?
- A.उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु
- B.आर्द्र उपोष्ण जलवायु
- C.टुंड्रा जलवायु
- D.उष्णकटिबंधीय आर्द्र और शुष्क जलवायु
उत्तर देखें
कोपेन के कूट में C का अर्थ गर्म शीतोष्ण जलवायु, f का अर्थ बिना शुष्क ऋतु के सभी ऋतुओं में वर्षा, और a का अर्थ गर्म ग्रीष्म है।
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