पृथ्वी की आंतरिक संरचना के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. महासागरीय भूपर्पटी महाद्वीपीय भूपर्पटी से भारी है। 2. पृथ्वी की अधिकांश आंतरिक ऊष्मा मैंटल में निहित है। 3. भूपर्पटी में बड़ी संवहन कोशिकाएँ ऊष्मा का संचार करती हैं और प्लेट विवर्तनिक प्रक्रियाओं को चलाती हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
- A.केवल 3
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल 1 और 2। कथन 1 और 2 सही हैं, पर कथन 3 गलत है, क्योंकि प्लेटों को चलाने वाली संवहन कोशिकाएँ भूपर्पटी में नहीं, मैंटल में होती हैं।
कथन 1 सही है: महासागरीय भूपर्पटी मुख्यतः बेसाल्ट से बनी है, जिसका घनत्व लगभग 3.0 ग्राम/सेमी³ है, जबकि महाद्वीपीय भूपर्पटी मुख्यतः ग्रेनाइट जैसी चट्टानों से बनी है, जिसका घनत्व लगभग 2.7 ग्राम/सेमी³ है। इसी कारण अभिसरण क्षेत्रों में महासागरीय प्लेट महाद्वीपीय प्लेट के नीचे धँसती है। कथन 2 सही है: मैंटल पृथ्वी के आयतन का लगभग 84 प्रतिशत है, इसलिए अधिकांश आंतरिक ऊष्मा इसी में है।
कथन 3 गलत है: भूपर्पटी एक पतला, कठोर आवरण है जो ऊपर तैरता है। मैंटल में गर्म चट्टानों की धीमी संवहन धाराएँ, जिनका विचार आर्थर होम्स ने दिया, ऊपर की प्लेटों को खिसकाती हैं। इसलिए कथन 3 वाले A और C गलत हैं, और D गलत है क्योंकि वह तीनों को सही मानता है।
परीक्षा टिप: महासागरीय भूपर्पटी बेसाल्ट और भारी, महाद्वीपीय ग्रेनाइट और हल्की; संवहन धाराएँ मैंटल में।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस वलन में अक्षीय तल लगभग क्षैतिज पाया जाता है?
- A.समनत (आइसोक्लाइनल)
- B.अपनति (एंटीक्लाइनल)
- C.शयान (रिकम्बेंट)
- D.एकनत (मोनोक्लाइनल)
उत्तर देखें
शयान वलन में चट्टानी परतें इतनी अधिक झुक जाती हैं कि वलन करवट लेकर लेट जाता है और उसका अक्षीय तल लगभग क्षैतिज हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. भूकंपलेखी (सीस्मोग्राफ) में P तरंगें S तरंगों से पहले दर्ज होती हैं।
II. P तरंगों में कण तरंग के संचरण की दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं, जबकि S तरंगों में कण संचरण की दिशा के समकोण पर ऊपर-नीचे कंपन करते हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल I
- B.केवल II
- C.I और II दोनों
- D.न तो I और न ही II
उत्तर देखें
P तरंगें सबसे तेज़ भूकंपीय तरंगें हैं और भूकंपलेखी पर सबसे पहले पहुँचती हैं; वे अनुदैर्ध्य हैं, जबकि S तरंगें अनुप्रस्थ हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नीलगिरि, अन्नामलाई और पालनी पहाड़ियों के शीतोष्ण वन क्या कहलाते हैं?
- A.मिरिस्टिका
- B.कार वन
- C.देवराकाडु
- D.शोला
उत्तर देखें
पश्चिमी घाट की नीलगिरि, अन्नामलाई और पालनी पहाड़ियों की ऊँची घाटियों में मिलने वाले सदाबहार शीतोष्ण वनों के टुकड़े शोला कहलाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →समुद्र की सतह पर किसी दिए गए स्थान पर दो क्रमिक ज्वारों के आने के बीच समय का अंतर कितना होता है?
- A.12 घंटे
- B.12 घंटे 26 मिनट
- C.24 घंटे
- D.24 घंटे 52 मिनट
उत्तर देखें
अधिकांश स्थानों पर दिन में दो उच्च ज्वार आते हैं, और चंद्रमा हर दिन लगभग 52 मिनट देर से उगता है, इसलिए हर उच्च ज्वार पिछले के लगभग 12 घंटे 26 मिनट बाद आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार, अक्षर कूट Cfa किसे दर्शाता है?
- A.उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु
- B.आर्द्र उपोष्ण जलवायु
- C.टुंड्रा जलवायु
- D.उष्णकटिबंधीय आर्द्र और शुष्क जलवायु
उत्तर देखें
कोपेन के कूट में C का अर्थ गर्म शीतोष्ण जलवायु, f का अर्थ बिना शुष्क ऋतु के सभी ऋतुओं में वर्षा, और a का अर्थ गर्म ग्रीष्म है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →