प्रौद्योगिकी में परिवर्तन या किसी विशेष उत्पाद की माँग में परिवर्तन के कारण होने वाली बेरोज़गारी कहलाती है
- A.घर्षणात्मक बेरोज़गारी
- B.संरचनात्मक बेरोज़गारी
- C.चक्रीय बेरोज़गारी
- D.प्रच्छन्न बेरोज़गारी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, संरचनात्मक बेरोज़गारी। संरचनात्मक बेरोज़गारी तब होती है जब नई तकनीक या लोगों की खरीद में स्थायी बदलाव से अर्थव्यवस्था की संरचना बदल जाती है और श्रमिकों के कौशल उपलब्ध नौकरियों से मेल नहीं खाते।
जब मशीनें हाथ का काम ले लेती हैं या किसी उत्पाद की माँग घट जाती है, तो उस क्षेत्र के श्रमिक बेरोज़गार हो जाते हैं, भले ही पूरी अर्थव्यवस्था बढ़ रही हो। कंप्यूटर आने के बाद टाइपराइटर मिस्त्री या पावरलूम आने के बाद हथकरघा बुनकर इसके जाने-माने उदाहरण हैं। यह बेरोज़गारी लंबे समय तक रहती है और मुख्यतः पुनः प्रशिक्षण, नए कौशल और श्रमिकों के दूसरे क्षेत्रों में जाने से ही दूर होती है।
A गलत है क्योंकि घर्षणात्मक बेरोज़गारी एक नौकरी छोड़कर दूसरी खोजने के बीच का छोटा अंतराल है। C गलत है क्योंकि चक्रीय बेरोज़गारी मंदी में कुल माँग गिरने से आती है और सुधार के साथ घट जाती है। D गलत है क्योंकि प्रच्छन्न बेरोज़गारी में ज़रूरत से अधिक लोग काम पर लगे होते हैं, जहाँ कुछ को हटाने पर भी उत्पादन नहीं घटता।
परीक्षा टिप: संरचनात्मक यानी कौशल का बेमेल, घर्षणात्मक यानी नौकरियों के बीच, चक्रीय यानी व्यापार चक्र से, प्रच्छन्न यानी शून्य सीमांत उत्पादकता।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंह्रासमान सीमांत उपयोगिता के नियम के अनुसार, किसी वस्तु की उपभोग की गई मात्रा बढ़ने पर उस वस्तु की सीमांत उपयोगिता
- A.बढ़ती है
- B.घटती है
- C.स्थिर रहती है
- D.पहले घटती है और फिर बढ़ती है
उत्तर देखें
किसी वस्तु की हर अतिरिक्त इकाई उपभोक्ता को पिछली इकाई से कम अतिरिक्त संतुष्टि देती है, इसलिए उपभोग बढ़ने पर सीमांत उपयोगिता घटती जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कर के प्रभाव के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. यदि माँग, पूर्ति की तुलना में बेलोचदार हो, तो कर आगे उपभोक्ताओं पर खिसका दिया जाता है। 2. यदि पूर्ति, माँग की तुलना में अधिक बेलोचदार हो, तो कर पीछे उत्पादकों पर खिसका दिया जाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
कर का बोझ बाज़ार के उस पक्ष पर ज़्यादा पड़ता है जो कम लोचदार है, यानी जो आसानी से पीछे नहीं हट सकता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गरीबी उन्मूलन में सब्सिडी के विकल्प के रूप में UBI का पूरा नाम क्या है?
- A.यूनियन बेसिक इनकम
- B.अनडिफ़ाइंड बेसिक इनकम
- C.अनकंडीशनल बेसिक इनकम
- D.यूनिवर्सल बेसिक इनकम
उत्तर देखें
UBI का विचार यह है कि अनेक अलग-अलग सब्सिडी और कल्याण योजनाओं के स्थान पर हर नागरिक को नियमित रूप से, बिना शर्त, एक तय राशि दी जाए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन चौदहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष हैं?
- A.सी. रंगराजन
- B.विजय केलकर
- C.वाई. वी. रेड्डी
- D.राकेश मोहन
उत्तर देखें
2015-2020 की अवधि के लिए 2013 में गठित चौदहवें वित्त आयोग की अध्यक्षता भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर वाई. वी. रेड्डी ने की थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →GST लागू करने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी?
- A.राज्य संविधान में संशोधन के बिना GST लागू करने पर केंद्र से सहमत होने को तैयार नहीं थे।
- B.GST को समवर्ती आधार पर लागू किया जाना था और ऐसी स्थिति के लिए अनुच्छेद 246 अपर्याप्त था।
- C.वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति ने संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
- D.GST परिषद ने अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
उत्तर देखें
GST एक ही आपूर्ति पर केंद्र और राज्य दोनों मिलकर लगाते हैं, और अलग-अलग सूचियों के ज़रिये कराधान शक्तियां बांटने वाला अनुच्छेद 246 ऐसे समवर्ती कर की अनुमति नहीं देता था।
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