प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ने अपने दस वर्षों में कितनी राशि और कितनी माताओं को दी है?
- A.11 हजार करोड़ रुपये से अधिक, 2.65 करोड़ से अधिक माताओं को
- B.21 हजार करोड़ रुपये से अधिक, 4.65 करोड़ से अधिक माताओं को
- C.31 हजार करोड़ रुपये से अधिक, 6.65 करोड़ से अधिक माताओं को
- D.41 हजार करोड़ रुपये से अधिक, 8.65 करोड़ से अधिक माताओं को
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक, 4.65 करोड़ से अधिक माताओं को है, जो प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिए दी गई है। केंद्रीय मंत्री ने यह आंकड़ा बताते हुए कहा कि योजना के कार्यान्वयन के दस वर्ष पूरे हो चुके हैं, और वाराणसी के कार्यक्रम में इस दशक पर बनी फिल्म भी दिखाई गई। विकल्प A, C और D दोनों संख्याओं को एक साथ घटाते या बढ़ाते हैं, ऐसे प्रश्न इसी तरह बनाए जाते हैं, क्योंकि जिन छात्रों को केवल मोटा अनुमान याद रहता है वे इन्हें अलग नहीं कर पाते। इस जोड़ी को याद रखने का तरीका यह है कि हजार करोड़ में राशि लाभार्थियों की करोड़ संख्या से लगभग चार से पांच गुना है। इसी भाषण के दो और आंकड़े साथ रखें, यानी 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र कार्यरत हैं और दो लाख केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी बनाया जा रहा है, जिनमें उत्तर प्रदेश के लगभग 24 हजार मंजूर हुए हैं।
पूरा लेख पढ़ें: 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का वाराणसी में शुभारंभ
अभ्यास प्रश्न
9 सितंबर 2026 को 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ कहां हुआ?
- A.नई दिल्ली
- B.लखनऊ
- C.वाराणसी
- D.प्रयागराज
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कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री, उसी मंत्रालय की राज्य मंत्री तथा राज्य की महिला कल्याण मंत्री उपस्थित रहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का विषय क्या है?
- A.हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी
- B.सुपोषित भारत, सक्षम भारत
- C.पोषण भी, पढ़ाई भी
- D.सही पोषण, देश रोशन
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इसी विषय पर बना महीने भर का अभियान परिवारों से आहार विविधता, भोजन में पर्याप्त प्रोटीन और ताजा पका भोजन अपनाने तथा स्वच्छता एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास पर ध्यान देने को कहता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?
- A.75 से अधिक
- B.100 से अधिक
- C.200 से अधिक
- D.500 से अधिक
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पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?
- A.कोयला मंत्रालय
- B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
- C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
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इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 में ई-कचरे सहित कबाड़ के निपटान से कुल कितनी आय हुई?
- A.618.06 करोड़ रुपये
- B.770.50 करोड़ रुपये
- C.970.33 करोड़ रुपये
- D.1,120.40 करोड़ रुपये
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विशेष अभियान 6 पोर्टल के संकलित आंकड़ों के अनुसार सभी मंत्रालयों और विभागों ने ई-कचरे सहित कबाड़ बेचकर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए, जो विशेष अभियान 5.0 से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।
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