पीएमडीडीकेवाई की वर्षगांठ पर घोषित खेत बचाओ अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- A.उर्वरकों के संतुलित उपयोग से मिट्टी की सेहत सुधारना
- B.तीन साल में कृषि निर्यात दोगुना करना
- C.किसानों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देना
- D.हर राज्य में नया कृषि विश्वविद्यालय खोलना
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है उर्वरकों के संतुलित उपयोग से मिट्टी की सेहत सुधारना। यह अभियान 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक सभी राज्यों में चलाया जाएगा, और मंत्री ने राज्य सरकारों तथा संबंधित अधिकारियों से सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया ताकि यह किसानों तक पहुंचे। इसका घोषित मकसद उर्वरकों का संतुलित और विवेकपूर्ण उपयोग है, साथ ही ऐसी टिकाऊ कृषि पद्धतियां जो मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बनाए रखें, पर्यावरण की रक्षा करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधन बचाएं। विकल्प B गलत है क्योंकि कार्यक्रम में निर्यात का ऐसा कोई लक्ष्य नहीं रखा गया; जोर जिलों में नतीजों पर था। विकल्प C बिजली क्षेत्र की सुविधा बताता है, जो इस अभियान का हिस्सा नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि योजना नए विश्वविद्यालय खोलने की जगह मौजूदा संस्थाओं, जैसे कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और जिला प्रशासन के जरिए काम करती है।
पूरा लेख पढ़ें: पीएम धन-धान्य कृषि योजना का पहला साल पूरा
अभ्यास प्रश्न
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला कौन रहा?
- A.नागौर, राजस्थान
- B.उमरिया, मध्य प्रदेश
- C.गया, बिहार
- D.बांका, बिहार
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व्याख्या
सही उत्तर बिहार का गया जिला है, जिसने योजना का पहला साल पूरा होने पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों में पहला स्थान पाया। विकल्प A यानी राजस्थान का नागौर केवल क्रम में गलत है, क्योंकि वह दूसरे स्थान पर रहा और जल्दबाजी में पढ़ने वाले इसे ही चुन लेते हैं। विकल्प B यानी मध्य प्रदेश का उमरिया तीसरे स्थान पर था, और गया, नागौर, उमरिया का यही क्रम परीक्षा में पूछा जाता है। विकल्प D यानी बांका कार्यक्रम में शामिल था, पर दूसरी वजह से: उसने अपने लीलावरण प्राकृतिक खेती भूमि पुनरुद्धार मॉडल की प्रस्तुति दी थी और वह शीर्ष तीन जिलों में नहीं था। शीर्ष तीन के साथ 18 और जिलों को योजना के छह उद्देश्यों पर उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। जिलों का प्रदर्शन 121 संकेतकों वाले डैशबोर्ड पर मापा जाता है और रैंकिंग हर महीने नई होती है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कितने जिलों में लागू है?
- A.50
- B.100
- C.250
- D.500
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व्याख्या
सही उत्तर 100 है। योजना उन सौ जिलों के लिए बनाई गई जिन्हें तीन आधारों पर चुना गया: कम कृषि उत्पादकता, कम फसल सघनता और कृषि ऋण का कम वितरण। चूंकि जिलों का चयन जरूरत के आधार पर हुआ है, आबादी या क्षेत्रफल के आधार पर नहीं, इसलिए यह संख्या तय है और घोषित लक्ष्य यही है कि इन सौ जिलों को वास्तव में धन-धान्य, यानी अन्न और समृद्धि से भरपूर बनाया जाए। विकल्प A, C और D देखने में ऐसे गोल आंकड़े लगते हैं जो दूसरी केंद्रीय योजनाओं में मिलते हैं, पर इस योजना के लिए इनमें से कोई सही नहीं है। दायरे की खास बात संख्या से ज्यादा तरीका है: हर जिला अपनी मिट्टी, वर्षा, फसल पद्धति, जल उपलब्धता और अवसंरचना के हिसाब से कार्ययोजना बनाता है, जिला धन-धान्य समिति तालमेल करती है, और 11 मंत्रालयों व विभागों की 36 केंद्रीय योजनाएं उसी योजना में जोड़ दी जाती हैं।
पीएम-सेतु के तहत जिन दो क्लस्टरों के लिए समझौते हुए, उनमें कुल कितने सरकारी आईटीआई शामिल हैं?
- A.पांच
- B.सात
- C.नौ
- D.चौदह
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व्याख्या
सही उत्तर नौ है। इस साझेदारी में गुजरात के सूरत स्थित पांच सरकारी आईटीआई का एक क्लस्टर और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित चार सरकारी आईटीआई का दूसरा क्लस्टर शामिल है, जो दो राज्यों के कुल नौ संस्थान बनते हैं। विकल्प A यानी पांच केवल सूरत क्लस्टर का आंकड़ा है और इसमें आंध्र प्रदेश छूट जाता है। विकल्प B किसी एक क्लस्टर या उनके जोड़ से मेल नहीं खाता। विकल्प D यानी चौदह घोषणा में दिए एक दूसरे आंकड़े से आता है, अर्थात योजना के तहत मंजूर पहली 14 सामरिक निवेश योजनाएं, जिनमें कुल 3,446 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश है। इन नौ संस्थानों के लिए मंजूर निवेश लगभग 440 करोड़ रुपये है, जिसमें सूरत के लिए 240 करोड़ और विशाखापत्तनम के लिए 200 करोड़ रुपये हैं।
सूरत और विशाखापत्तनम आईटीआई क्लस्टरों की विशेष प्रयोजन कंपनियों में एएम/एनएस इंडिया की हिस्सेदारी कितनी रहेगी?
- A.24.5 प्रतिशत
- B.49 प्रतिशत
- C.51 प्रतिशत
- D.74 प्रतिशत
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व्याख्या
सही उत्तर 51 प्रतिशत है। दोनों आईटीआई क्लस्टरों के उन्नयन और संचालन के प्रबंधन के लिए अलग विशेष प्रयोजन कंपनियां बनाई जा रही हैं और उनमें उद्योग साझेदार एएम/एनएस इंडिया की बहुमत हिस्सेदारी 51 प्रतिशत होगी। विकल्प A यानी 24.5 प्रतिशत भारत सरकार की इक्विटी है और इतनी ही हिस्सेदारी संबंधित राज्य सरकार की रहेगी, इसलिए दोनों सरकारें मिलकर 49 प्रतिशत रखती हैं। इस तरह विकल्प B कंपनी की नहीं, बल्कि दोनों सरकारों की संयुक्त हिस्सेदारी है। विकल्प D इस ढांचे का हिस्सा ही नहीं है। बहुमत हिस्सेदारी ही इस व्यवस्था को उद्योग आधारित बनाती है, जिसमें कंपनी विनिर्माण का अनुभव देती है और नैमटेक पाठ्यक्रम तथा संकाय से जुड़ा काम संभालता है। यह व्यवस्था सूरत और विशाखापत्तनम के नौ सरकारी आईटीआई पर लागू होगी, जिनके लिए लगभग 440 करोड़ रुपये का निवेश मंजूर हुआ है।
पीएम-सेतु योजना का कुल परिव्यय कितना है?
- A.440 करोड़ रुपये
- B.3,446 करोड़ रुपये
- C.60,000 करोड़ रुपये
- D.1,000 करोड़ रुपये
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व्याख्या
सही उत्तर 60,000 करोड़ रुपये है। पीएम-सेतु यानी उन्नत आईटीआई के माध्यम से कौशल एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन की प्रमुख योजना का कुल परिव्यय इतना है और इसका उद्देश्य गहरी उद्योग भागीदारी तथा संस्थागत सुधारों से व्यावसायिक शिक्षा का स्वरूप बदलना है। विकल्प A यानी 440 करोड़ रुपये केवल सूरत और विशाखापत्तनम क्लस्टरों के लिए मंजूर निवेश है। विकल्प B यानी 3,446 करोड़ रुपये योजना के तहत मंजूर पहली 14 सामरिक निवेश योजनाओं का कुल प्रस्तावित निवेश है, इसलिए वह परिव्यय का एक हिस्सा है, परिव्यय नहीं। विकल्प D में राशि और लक्ष्य का भ्रम है, क्योंकि 1,000 उन सरकारी आईटीआई की संख्या है जिनका उन्नयन इस योजना में प्रस्तावित है, साथ ही पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत किया जाना है।