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GK24
सरकारी योजनाएंआसान

पीएम-जनमन तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के गांवों में पेयजल की कमी दूर करने के लिए जल जीवन मिशन 2.0 में कितनी राशि निर्धारित की गई है?

  1. A.2,500 करोड़ रुपये
  2. B.5,000 करोड़ रुपये
  3. C.7,500 करोड़ रुपये
  4. D.12,000 करोड़ रुपये

सही उत्तर

B. 5,000 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 5,000 करोड़ रुपये है। यह राशि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत उन जनजातीय गांवों के लिए विशेष प्रावधान के रूप में रखी गई है, जो प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के दायरे में आते हैं। यह आंकड़ा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की दूसरी अनुवर्ती समीक्षा एवं अभिसरण बैठक में राज्यों के सामने रखा गया। यह विभाग जल शक्ति मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। बैठक पहले हुए विभागीय सम्मेलन की उन प्रतिबद्धताओं पर आधारित थी, जिनमें राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों ने हर पात्र गांव में नल जल की संपूर्ण उपलब्धता का वादा किया था। विकल्प A, C तथा D में दी गई राशियां इन दोनों जनजातीय अभियानों के लिए घोषित प्रावधान से मेल नहीं खातीं, इसलिए वे तीनों गलत हैं।

पूरा लेख पढ़ें: जल जीवन मिशन 2.0 में जनजातीय गांवों के लिए 5,000 करोड़ रुपये

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Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन की स्थिति जांचने वाला सर्वेसेतु अभ्यास कौन सा मंत्रालय चला रहा है?

  1. A.जल शक्ति मंत्रालय
  2. B.ग्रामीण विकास मंत्रालय
  3. C.जनजातीय कार्य मंत्रालय
  4. D.पंचायती राज मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जनजातीय कार्य मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर जनजातीय कार्य मंत्रालय है। इसी मंत्रालय ने सर्वेसेतु नाम से राज्यवार अभ्यास चलाया है, जिसमें कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन की स्थिति हर घर के स्तर पर परखी जाती है। राज्यों से कहा गया है कि वे जल आपूर्ति विभागों, जनजातीय कल्याण विभागों तथा सर्वेक्षण एजेंसी के माध्यम से इसके निष्कर्ष जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के समक्ष संयुक्त रूप से रखें और किसी भी अंतर को क्षेत्रीय जांच से दूर करें, जिससे जिला स्तर पर अंतिम मान्य आंकड़े तैयार हों। विकल्प A में दिया जल शक्ति मंत्रालय वह मंत्रालय है जिसके विभाग ने यह बैठक बुलाई और जो नल कनेक्शन के लिए धन देता है, परंतु यह सर्वेक्षण उसका नहीं है। विकल्प B तथा D में दिए ग्रामीण विकास मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय की इस सर्वेक्षण में कोई भूमिका नहीं है, अतः वे गलत हैं।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

डीए-जेजीयूए का सही पूरा नाम कौन सा है?

  1. A.धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान
  2. B.धरती आबा जल ग्राम उड़ान अभियान
  3. C.दीन दयाल आदिवासी जनजाति ग्रामीण उन्नति अभियान
  4. D.धरती आबा जनजाति ग्राम उज्ज्वल अभियान
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान

व्याख्या

सही उत्तर धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान है। यह उन दो जनजातीय अभियानों में से एक है, जिनके पेयजल की जरूरतों की समीक्षा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने की; दूसरा अभियान पीएम-जनमन अर्थात प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान है। दोनों का लक्ष्य संपूर्ण उपलब्धता है, अर्थात हर पात्र जनजातीय गांव के हर पात्र घर में कार्यशील नल कनेक्शन, जिसे संयुक्त सत्यापन के बाद प्रमाणित किया जाता है। विकल्प B में गांव के उत्कर्ष के स्थान पर जल और उड़ान जोड़ दिया गया है, जो नाम में नहीं है। विकल्प C में दीन दयाल तथा ग्रामीण उन्नति पर आधारित एक अलग ही नाम गढ़ा गया है। विकल्प D में उत्कर्ष के स्थान पर उज्ज्वल कर दिया गया है और जनजातीय शब्द का सही रूप हटा दिया गया है। चूंकि केवल विकल्प A आधिकारिक नाम दोहराता है, वही सही है।

Q3.सरकारी योजनाएंकठिन

जिला स्तर पर पेयजल उपलब्धता के सत्यापन का मुख्य मंच कौन सा है और उसकी अध्यक्षता कौन करता है?

  1. A.जिला जल एवं स्वच्छता मिशन, अध्यक्षता जिलाधिकारी
  2. B.जिला योजना समिति, अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष
  3. C.जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी
  4. D.जिला जल नियामक बोर्ड, अध्यक्षता मंडलायुक्त
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जिला जल एवं स्वच्छता मिशन, अध्यक्षता जिलाधिकारी

व्याख्या

सही उत्तर जिला जल एवं स्वच्छता मिशन, अध्यक्षता जिलाधिकारी है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव ने जोर देकर कहा कि दोनों जनजातीय अभियानों के गांवों की नियमित समीक्षा इसी निकाय की बैठकों से होनी चाहिए, जिसकी अध्यक्षता जिले के उपायुक्त या जिलाधिकारी करते हैं। यह निकाय विभागों के बीच समन्वय, सर्वेक्षण के निष्कर्षों के सत्यापन तथा उन वास्तविक कमियों की पहचान का मुख्य मंच माना गया है, जहां काम करने की जरूरत है। विकल्प B में दी गई जिला योजना समिति जिला योजनाओं का काम देखती है, नल जल सत्यापन का नहीं। विकल्प C में दिया जिला ग्रामीण विकास अभिकरण ग्रामीण योजनाएं लागू करता है, परंतु उसे यह भूमिका नहीं दी गई। विकल्प D में मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाला जिला जल नियामक बोर्ड बताया गया है, जो इस व्यवस्था में मौजूद ही नहीं है। अतः विकल्प A सही है।

Q4.सरकारी योजनाएंमध्यम

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 'स्वच्छता ही सेवा 2026' का श्रमदान कहाँ किया?

  1. A.निर्माण भवन, नई दिल्ली
  2. B.कर्तव्य भवन-1, डॉ. राजेंद्र प्रसाद मार्ग, नई दिल्ली
  3. C.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
  4. D.भारत मंडपम, नई दिल्ली
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कर्तव्य भवन-1, डॉ. राजेंद्र प्रसाद मार्ग, नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर कर्तव्य भवन-1, डॉ. राजेंद्र प्रसाद मार्ग, नई दिल्ली है और ठीक-ठीक कहें तो उसके गेट नंबर 3 के पास का इलाका, जहाँ यह स्वैच्छिक सफाई अभियान चलाया गया। मंत्रालय ने किसी समारोह-स्थल के बजाय रोज काम आने वाले सरकारी परिसर को चुना, जो उसकी बात से मेल खाता है - साफ-सफाई उन लोगों की रोजमर्रा की जिम्मेदारी है जो उस जगह का उपयोग करते हैं।

विकल्प A निर्माण भवन राजधानी में केंद्रीय मंत्रालयों का जाना-पहचाना ठिकाना है, इसलिए यह उत्तर लुभाता है, पर इस श्रमदान का स्थल वह नहीं था। विकल्प C विज्ञान भवन नई दिल्ली का सम्मेलन स्थल है और इसमें इसकी कोई भूमिका नहीं रही। विकल्प D भारत मंडपम राजधानी में बड़े राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का केंद्र है, पर इस श्रमदान से उसका कोई संबंध नहीं था। इसलिए केवल कर्तव्य भवन-1 ही सही है।

Q5.सरकारी योजनाएंमध्यम

सफाई अभियान में शामिल डॉ. राकेश गुप्ता अतिरिक्त सचिव के साथ-साथ किस संगठन के महानिदेशक हैं?

  1. A.राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
  2. B.भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद
  3. C.राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन
  4. D.स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन

व्याख्या

सही उत्तर राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन यानी नाको है। डॉ. राकेश गुप्ता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव हैं और नाको के महानिदेशक भी हैं। इसी हैसियत से वे नई दिल्ली में हुए श्रमदान में शामिल हुए वरिष्ठ अधिकारियों में थे।

विकल्प A गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक श्रीमती आराधना पटनायक हैं, जो अतिरिक्त सचिव भी हैं और जिन्होंने कार्यक्रम में लोगों की सहभागिता के महत्व पर बात रखी। विकल्प B गलत है, क्योंकि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल हैं, जो स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव भी हैं और जिन्होंने श्रमदान का नेतृत्व किया। विकल्प D गलत है, क्योंकि स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. लवनीश जी. कृष्णा हैं। चारों अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद थे, पर नाको की जिम्मेदारी इनमें से एक के पास है।