पेंसिल की लेड (सीसा) में निम्नलिखित में से किस तत्व का प्रयोग होता है?
- A.ज़िंक
- B.लेड (सीसा)
- C.कार्बन (ग्रेफ़ाइट)
- D.टिन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, कार्बन (ग्रेफ़ाइट)। पेंसिल की तथाकथित लेड ग्रेफ़ाइट और मिट्टी का मिश्रण है; उसमें सीसा धातु नहीं होती।
ग्रेफ़ाइट कार्बन का एक क्रिस्टलीय रूप यानी अपररूप है। इसके परमाणु षट्कोणों की चपटी परतों में जुड़े रहते हैं, और परतें आपस में ढीली बँधी होती हैं, इसलिए वे आसानी से खिसककर काग़ज़ पर काला निशान छोड़ देती हैं। लेड नाम इसलिए पड़ा क्योंकि सोलहवीं सदी के इंग्लैंड में लोगों ने इस काले खनिज को सीसे का अयस्क समझा। अधिक मिट्टी मिलाने से कठोर और हल्की पेंसिल (H श्रेणी) और अधिक ग्रेफ़ाइट से नरम और गहरी पेंसिल (B श्रेणी) बनती है। ग्रेफ़ाइट नरम, चिकना और विद्युत का सुचालक है, इसलिए यह शुष्क स्नेहक और इलेक्ट्रोड में भी प्रयुक्त होता है।
A गलत है: ज़िंक लोहे पर जस्तीकरण और शुष्क सेल में काम आता है। B गलत है: पेंसिल में सीसा धातु नहीं होती; यह विषैली धातु बैटरी और विकिरण-रोधी आवरण में प्रयुक्त होती है। D गलत है: टिन क़लई करने और सोल्डर में प्रयुक्त होता है।
परीक्षा टिप: पेंसिल की लेड ग्रेफ़ाइट है, जो कार्बन का अपररूप है; हीरा कार्बन का दूसरा प्रसिद्ध अपररूप है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा सिज़ोफ़्रेनिया से संबंधित है?
- A.बहु-व्यक्तित्व
- B.तंत्रिका-अपक्षय (न्यूरोडीजेनरेशन)
- C.पर्यावरणीय प्रभाव से अप्रभावित
- D.मतिभ्रम (हैलुसिनेशन)
उत्तर देखें
मतिभ्रम, विशेषकर ऐसी आवाज़ें सुनना जो दूसरों को सुनाई नहीं देतीं, सिज़ोफ़्रेनिया का मुख्य लक्षण है। सिज़ोफ़्रेनिया एक गंभीर मानसिक विकार है, जिसमें व्यक्ति वास्तविकता से कट जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा जीव मृतोपजीवी (सैप्रोफ़ाइटिक) पोषण पर निर्भर है?
- A.एगेरिकस
- B.यूलोथ्रिक्स
- C.रिक्सिया
- D.क्लैडोफ़ोरा
उत्तर देखें
एगेरिकस एक मशरूम है, यानी ऐसा कवक जो मृत और सड़ते कार्बनिक पदार्थ से भोजन लेता है; इसे ही मृतोपजीवी पोषण कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →फ्लोएम के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.फ्लोएम जल और खनिजों का परिवहन करता है।
- B.फ्लोएम प्रकाश संश्लेषण के उत्पादों का परिवहन करता है।
- C.फ्लोएम एक सरल ऊतक है।
- D.फ्लोएम पौधे को सहारा देता है।
उत्तर देखें
फ्लोएम पत्तियों में बनी शर्करा को पौधे के हर उस भाग तक पहुँचाता है जिसे भोजन चाहिए। फ्लोएम एक जटिल स्थायी ऊतक है, जो चार प्रकार की कोशिकाओं से बनता है: चालनी नलिकाएँ, सहचर कोशिकाएँ, फ्लोएम मृदूतक और फ्लोएम रेशे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा प्रकाश संश्लेषण की प्रकाश-स्वतंत्र अभिक्रियाओं में शामिल है?
- A.केल्विन चक्र
- B.हिल अभिक्रिया
- C.फोटोसिस्टम
- D.प्रकाश-संश्लेषी वर्णकों द्वारा प्रकाश का अवशोषण
उत्तर देखें
केल्विन चक्र प्रकाश की सीधी आवश्यकता के बिना कार्बन डाइऑक्साइड को शर्करा में बदलता है, इसलिए यही प्रकाश-स्वतंत्र (अंधकार) अभिक्रिया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊतक पौधे के तने की मोटाई (घेरा) बढ़ाने के लिए उत्तरदायी है?
- A.वाहिनिका (ट्रैकीड)
- B.परिरंभ (पेरीसाइकिल)
- C.अंतर्वेशी विभज्योतक
- D.पार्श्व विभज्योतक
उत्तर देखें
पार्श्व विभज्योतक तने और जड़ के किनारों पर विभाजित होकर नई कोशिकाएँ जोड़ता है, जिससे वे मोटे होते हैं। विभज्योतक ऐसी कोशिकाओं का समूह है जो लगातार विभाजित होती रहती हैं।
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