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GK24
सरकारी योजनाएंमध्यम

मत्स्य पालन विभाग ने कितने मत्स्य किसान उत्पादक संगठन (एफएफपीओ) बनवाए हैं?

  1. A.1,195
  2. B.2,195
  3. C.5,500
  4. D.15,900

सही उत्तर

B. 2,195

व्याख्या

सही उत्तर 2,195 है। ये उत्पादक संगठन छोटे मछुआरों और मछली किसानों को पैमाने, पूंजी तथा बाजार पहुंच की दिक्कतों से पार लगाते हैं, क्योंकि इनके जरिये वे अपनी उपज और संसाधन एक साथ जोड़ पाते हैं और प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग तथा विपणन में मिलकर हिस्सा ले पाते हैं। इनमें से कई संगठन ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स से जोड़े गए हैं, जिससे डिजिटल बाजारों तक उनकी पहुंच बढ़ती है और उचित दाम मिलने की संभावना सुधरती है। विकल्प A एक मिलता-जुलता पर गलत आंकड़ा है। विकल्प C यानी 5,500 उन मत्स्य सहकारी समितियों की संख्या है, जिन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य समृद्धि सह योजना के तहत एनसीडीसी, नाफेड, एसएफएसी और नेरामैक जैसी मध्यवर्ती एजेंसियों के सहयोग से अलग से एफएफपीओ के रूप में मजबूत किया जा रहा है। विकल्प D यानी 15,900 निर्माणाधीन पांच स्मार्ट मछली बाजारों से अपेक्षित रोजगार है, इसका उत्पादक संगठनों से कोई संबंध नहीं।

पूरा लेख पढ़ें: मत्स्य पालन क्षेत्र में 39,272 करोड़ रुपये का सार्वजनिक निवेश

Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

2015 से भारत सरकार ने मत्स्य पालन क्षेत्र में कितना सार्वजनिक निवेश प्रतिबद्ध किया है?

  1. A.29,272 करोड़ रुपये
  2. B.39,272 करोड़ रुपये
  3. C.49,272 करोड़ रुपये
  4. D.3,393 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 39,272 करोड़ रुपये

मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय ने बताया कि 2015 के बाद इस क्षेत्र में सार्वजनिक निवेश तेजी से बढ़ाया गया और यह राशि पांच माध्यमों से मिलकर दी गई है: नीली क्रांति योजना, मत्स्य पालन एवं जलकृषि अवसंरचना विकास निधि, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, प्रधानमंत्री मत्स्य समृद्धि सह योजना…

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

पीएमएमएसवाई के तहत पिछले पांच वर्षों में मंजूर परियोजनाओं से कितनी महिलाएं लाभान्वित हुई हैं?

  1. A.1.28 लाख से अधिक
  2. B.2.28 लाख से अधिक
  3. C.74.66 लाख से अधिक
  4. D.15,900 से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1.28 लाख से अधिक

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने पिछले पांच वर्षों में मत्स्य क्षेत्र की महिलाओं के लिए 4,155 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं मंजूर की हैं, जिनमें केंद्रीय हिस्सा 1,572 करोड़ रुपये है, और इनसे 1.28 लाख से अधिक महिला लाभार्थी जुड़ी हैं।

Q3.सरकारी योजनाएंमध्यम

गुवाहाटी में सम्पन्न शिल्प समागम मेला 2026-27 शृंखला का दूसरा आयोजन था। पहला आयोजन कहां हुआ था?

  1. A.मैसूरु, कर्नाटक
  2. B.भुवनेश्वर, ओडिशा
  3. C.जयपुर, राजस्थान
  4. D.नागपुर, महाराष्ट्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मैसूरु, कर्नाटक

गुवाहाटी का मेला वित्त वर्ष 2026-27 की शिल्प समागम शृंखला का दूसरा आयोजन बताया गया, जबकि पहला आयोजन कर्नाटक के मैसूरु में हुआ और 19 अक्टूबर को सम्पन्न हुआ।

Q4.सरकारी योजनाएंमध्यम

BHARAT-TULIP में TULIP का पूरा रूप क्या है?

  1. A.ट्रेडिशनल आर्टिजन्स अपलिफ्टमेंट लाइवलीहुड प्रोग्राम
  2. B.ट्राइबल अपलिफ्टमेंट एंड लाइवलीहुड इंप्रूवमेंट प्लान
  3. C.टेक्सटाइल अपग्रेडेशन एंड लोकल इंडस्ट्री प्रोग्राम
  4. D.ट्रेनिंग फॉर अर्बन लाइवलीहुड एंड इंडस्ट्रियल प्रोग्रेस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ट्रेडिशनल आर्टिजन्स अपलिफ्टमेंट लाइवलीहुड प्रोग्राम

गुवाहाटी में हुए शिल्प समागम मेले में इसी कार्यक्रम पर सबसे अधिक जोर रहा। इसका काम शिल्पकारों के लिए भौतिक बिक्री केंद्रों और ई-कॉमर्स मंचों के जरिये बाजार तक पहुंच बनाना है, ताकि विरासत में मिला हुनर आज के खरीदारी के रास्तों से जुड़ सके।

Q5.सरकारी योजनाएंआसान

शिल्प समागम मेला किस मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जाता है?

  1. A.वस्त्र मंत्रालय
  2. B.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
  3. C.संस्कृति मंत्रालय
  4. D.सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

यह मेला इसी मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जाता है, ताकि पारंपरिक शिल्पकार अपनी विरासत दिखा सकें, ग्राहकों से सीधा संपर्क बना सकें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें।