2015 से भारत सरकार ने मत्स्य पालन क्षेत्र में कितना सार्वजनिक निवेश प्रतिबद्ध किया है?
- A.29,272 करोड़ रुपये
- B.39,272 करोड़ रुपये
- C.49,272 करोड़ रुपये
- D.3,393 करोड़ रुपये
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 39,272 करोड़ रुपये है। मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय ने बताया कि 2015 के बाद इस क्षेत्र में सार्वजनिक निवेश तेजी से बढ़ाया गया और यह राशि पांच माध्यमों से मिलकर दी गई है: नीली क्रांति योजना, मत्स्य पालन एवं जलकृषि अवसंरचना विकास निधि, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, प्रधानमंत्री मत्स्य समृद्धि सह योजना तथा किसान क्रेडिट कार्ड। इस धन का उद्देश्य अवसंरचना का विस्तार, उत्पादन और पकड़ के बाद की व्यवस्थाओं को मजबूत करना तथा 74.66 लाख मछुआरों एवं मछली किसानों के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर बनाना है। विकल्प A और C सही आंकड़े के पास-पास हैं और ऐसे ही विकल्प परीक्षक इसलिए रखते हैं कि पता चले संख्या ठीक से याद है या आधी-अधूरी। विकल्प D इसी समीक्षा का एक वास्तविक आंकड़ा है, पर वह दूसरी जगह का है: वह 46,500 परिवहन, बाजार और शीत श्रृंखला सुविधाओं पर हुआ निवेश है, क्षेत्र की कुल प्रतिबद्धता नहीं।
पूरा लेख पढ़ें: मत्स्य पालन क्षेत्र में 39,272 करोड़ रुपये का सार्वजनिक निवेश
अभ्यास प्रश्न
मत्स्य पालन विभाग ने कितने मत्स्य किसान उत्पादक संगठन (एफएफपीओ) बनवाए हैं?
- A.1,195
- B.2,195
- C.5,500
- D.15,900
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ये उत्पादक संगठन छोटे मछुआरों और मछली किसानों को पैमाने, पूंजी तथा बाजार पहुंच की दिक्कतों से पार लगाते हैं, क्योंकि इनके जरिये वे अपनी उपज और संसाधन एक साथ जोड़ पाते हैं और प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग तथा विपणन में मिलकर हिस्सा ले पाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पीएमएमएसवाई के तहत पिछले पांच वर्षों में मंजूर परियोजनाओं से कितनी महिलाएं लाभान्वित हुई हैं?
- A.1.28 लाख से अधिक
- B.2.28 लाख से अधिक
- C.74.66 लाख से अधिक
- D.15,900 से अधिक
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प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने पिछले पांच वर्षों में मत्स्य क्षेत्र की महिलाओं के लिए 4,155 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं मंजूर की हैं, जिनमें केंद्रीय हिस्सा 1,572 करोड़ रुपये है, और इनसे 1.28 लाख से अधिक महिला लाभार्थी जुड़ी हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गुवाहाटी में सम्पन्न शिल्प समागम मेला 2026-27 शृंखला का दूसरा आयोजन था। पहला आयोजन कहां हुआ था?
- A.मैसूरु, कर्नाटक
- B.भुवनेश्वर, ओडिशा
- C.जयपुर, राजस्थान
- D.नागपुर, महाराष्ट्र
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गुवाहाटी का मेला वित्त वर्ष 2026-27 की शिल्प समागम शृंखला का दूसरा आयोजन बताया गया, जबकि पहला आयोजन कर्नाटक के मैसूरु में हुआ और 19 अक्टूबर को सम्पन्न हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →BHARAT-TULIP में TULIP का पूरा रूप क्या है?
- A.ट्रेडिशनल आर्टिजन्स अपलिफ्टमेंट लाइवलीहुड प्रोग्राम
- B.ट्राइबल अपलिफ्टमेंट एंड लाइवलीहुड इंप्रूवमेंट प्लान
- C.टेक्सटाइल अपग्रेडेशन एंड लोकल इंडस्ट्री प्रोग्राम
- D.ट्रेनिंग फॉर अर्बन लाइवलीहुड एंड इंडस्ट्रियल प्रोग्रेस
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गुवाहाटी में हुए शिल्प समागम मेले में इसी कार्यक्रम पर सबसे अधिक जोर रहा। इसका काम शिल्पकारों के लिए भौतिक बिक्री केंद्रों और ई-कॉमर्स मंचों के जरिये बाजार तक पहुंच बनाना है, ताकि विरासत में मिला हुनर आज के खरीदारी के रास्तों से जुड़ सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →शिल्प समागम मेला किस मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जाता है?
- A.वस्त्र मंत्रालय
- B.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
- C.संस्कृति मंत्रालय
- D.सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
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यह मेला इसी मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जाता है, ताकि पारंपरिक शिल्पकार अपनी विरासत दिखा सकें, ग्राहकों से सीधा संपर्क बना सकें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें।
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