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GK24
सामान्य विज्ञानआसानपूछा गया: CDS · CDS-I 2022, GK

पौधे ग्लूकोज़ किस प्रक्रिया में बनाते हैं?

  1. A.श्वसन
  2. B.प्रकाश-संश्लेषण
  3. C.निम्नीकरण
  4. D.खनिज अवशोषण

सही उत्तर

B. प्रकाश-संश्लेषण

व्याख्या

सही उत्तर है B, प्रकाश-संश्लेषण। हरे पौधे सूर्य के प्रकाश, कार्बन डाइऑक्साइड और जल से ग्लूकोज़ बनाते हैं और उप-उत्पाद के रूप में ऑक्सीजन छोड़ते हैं।

प्रकाश-संश्लेषण मुख्यतः पत्ती की कोशिकाओं के हरितलवक में होता है, जहाँ क्लोरोफिल प्रकाश ऊर्जा को पकड़ता है। प्रकाश और क्लोरोफिल की उपस्थिति में कुल अभिक्रिया 6CO₂ + 6H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ है। यह ग्लूकोज़ ऊर्जा के लिए उपयोग होता है, भंडारण के लिए मंड में या कोशिका भित्ति के लिए सेलुलोज़ में बदला जाता है। अपना भोजन स्वयं बनाने के कारण पौधे स्वपोषी कहलाते हैं और हर खाद्य शृंखला का आधार होते हैं।

A गलत है: श्वसन ग्लूकोज़ को तोड़कर ऊर्जा मुक्त करता है, उसे बनाता नहीं।

C गलत है: निम्नीकरण पदार्थों का टूटना है, ग्लूकोज़ बनाने का उल्टा।

D गलत है: खनिज अवशोषण में जड़ें मिट्टी से लवण लेती हैं, ग्लूकोज़ नहीं बनता।

परीक्षा टिप: प्रकाश-संश्लेषण ग्लूकोज़ बनाता और ऑक्सीजन छोड़ता है; श्वसन ग्लूकोज़ खर्च कर कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है।

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2018, GATमध्यम

निम्नलिखित में से किसके विलयन का pH 7 से कम होगा?

  1. A.NaOH
  2. B.KCl
  3. C.FeCl₃
  4. D.NaCl
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. FeCl₃

फेरिक क्लोराइड एक दुर्बल क्षार, आयरन(III) हाइड्रॉक्साइड, और एक प्रबल अम्ल, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, से बना लवण है, इसलिए इसका विलयन अम्लीय होता है और उसका pH 7 से कम होता है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2019, GATमध्यम

एक परिनालिका (सोलेनॉइड) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. परिनालिका में चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता परिनालिका में प्रति इकाई लंबाई फेरों की संख्या पर निर्भर करती है 2. परिनालिका में चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता परिनालिका के तार में बहने वाली धारा पर निर्भर करती है 3. परिनालिका में चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता परिनालिका के व्यास पर निर्भर करती है ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. A.1, 2 और 3
  2. B.केवल 1 और 3
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.केवल 1 और 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. केवल 1 और 2

लंबी परिनालिका के भीतर चुंबकीय क्षेत्र B = μ₀nI होता है, जहाँ n प्रति इकाई लंबाई फेरों की संख्या और I धारा है; इसलिए क्षेत्र इन्हीं दोनों पर निर्भर करता है, व्यास पर नहीं।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2019, GATमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी विद्युत-चुंबकीय तरंगों की विशेषताएँ हैं? 1. ये प्रत्यास्थ तरंगें हैं। 2. ये निर्वात में भी चल सकती हैं। 3. इनके विद्युत और चुंबकीय घटक परस्पर लंबवत होते हैं। 4. ये 3 लाख मीटर प्रति सेकंड की चाल से चलती हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. A.1, 2, 3 और 4
  2. B.केवल 1, 2 और 4
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.केवल 3 और 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 2 और 3

विद्युत-चुंबकीय तरंगों को किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए ये निर्वात में चलती हैं, और इनमें विद्युत तथा चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे के और तरंग की दिशा के लंबवत दोलन करते हैं।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2020, GATमध्यम

एककोशिकीय जीवों में अतिरिक्त जल और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में निम्नलिखित में से कौन-सा कोशिकांग भूमिका निभा सकता है?

  1. A.लयनकाय (लाइसोसोम)
  2. B.रिक्तिका (वैक्यूओल)
  3. C.गॉल्जी काय
  4. D.अंतर्द्रव्यी जालिका
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रिक्तिका (वैक्यूओल)

अमीबा और पैरामीशियम जैसे कई एककोशिकीय जीवों में एक विशेष संकुचनशील रिक्तिका कोशिकाद्रव्य से अतिरिक्त जल और कुछ अपशिष्ट इकट्ठा करके उन्हें कोशिका से बाहर निकालती है।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2021, GATआसान

एक सामान्य पुष्प में अंकुरित परागकण बीजांड तक पहुँचने से पहले जायांग के कई भागों से होकर गुजरते हैं। जायांग के भागों की एक सूची नीचे विभिन्न संयोजनों में दी गई है। वह संयोजन चुनिए जो पराग नलिका के मार्ग/यात्रा के सही क्रम को दर्शाता है:

  1. A.वर्तिका, वर्तिकाग्र, अंडाशय
  2. B.वर्तिकाग्र, वर्तिका, अंडाशय
  3. C.स्त्रीकेसर, वर्तिकाग्र, अंडाशय
  4. D.अंडाशय, स्त्रीकेसर, वर्तिका
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वर्तिकाग्र, वर्तिका, अंडाशय

परागकण वर्तिकाग्र पर गिरता है, उससे पराग नलिका निकलती है जो वर्तिका से होकर नीचे बढ़ती है और अंडाशय में पहुँचकर बीजांड तक जाती है, जहाँ निषेचन होता है।