एक परिनालिका (सोलेनॉइड) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. परिनालिका में चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता परिनालिका में प्रति इकाई लंबाई फेरों की संख्या पर निर्भर करती है 2. परिनालिका में चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता परिनालिका के तार में बहने वाली धारा पर निर्भर करती है 3. परिनालिका में चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता परिनालिका के व्यास पर निर्भर करती है ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 1 और 3
- C.केवल 2 और 3
- D.केवल 1 और 2
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, केवल 1 और 2। लंबी परिनालिका के भीतर चुंबकीय क्षेत्र B = μ₀nI होता है, जहाँ n प्रति इकाई लंबाई फेरों की संख्या और I धारा है; इसलिए क्षेत्र इन्हीं दोनों पर निर्भर करता है, व्यास पर नहीं। परिनालिका स्प्रिंग की तरह लपेटी गई विद्युतरोधी तार की लंबी कुंडली है। धारा बहने पर इसके भीतर का क्षेत्र प्रबल, लगभग एकसमान और अक्ष के समांतर होता है, और कुंडली उत्तर व दक्षिण सिरों वाले छड़ चुंबक जैसा व्यवहार करती है। भीतर नरम लोहे की क्रोड रखने पर क्षेत्र कहीं अधिक प्रबल हो जाता है; इसी तरह विद्युत चुंबक बनता है। कथन 1 सही है, क्योंकि प्रति इकाई लंबाई अधिक फेरे होने से क्षेत्र प्रबल होता है। कथन 2 सही है, क्योंकि अधिक धारा से क्षेत्र प्रबल होता है। कथन 3 गलत है, क्योंकि लंबी परिनालिका के सूत्र में व्यास आता ही नहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें असत्य कथन 3 शामिल है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें कथन 3 है और कथन 2 छूट गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें कथन 3 है और कथन 1 छूट गया है। Exam tip: परिनालिका का क्षेत्र B = μ₀nI; लोहे की क्रोड से विद्युत चुंबक बनता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंप्रकाश-संश्लेषी प्रोकैरियोटिक जीवाणुओं में क्लोरोफिल किससे संबद्ध होता है?
- A.लवक (प्लास्टिड)
- B.झिल्लीमय पुटिकाएं
- C.केंद्रकाभ (न्यूक्लियॉइड)
- D.गुणसूत्र
उत्तर देखें
प्रकाश-संश्लेषी जीवाणुओं में हरितलवक नहीं होते; उनके वर्णक कोशिका झिल्ली के भीतर की ओर मुड़े भागों पर होते हैं, जो पुटिकाएं या थैलियां बनाते हैं और जिन्हें अक्सर क्रोमैटोफोर कहा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मानव शरीर में वसा किसमें संचित होती है?
- A.वसा ऊतक (एडिपोज ऊतक)
- B.लाल रक्त कोशिकाएं
- C.पेशी ऊतक
- D.उपकला ऊतक
उत्तर देखें
वसा ऊतक एक ढीला संयोजी ऊतक है, जिसकी कोशिकाएं, एडिपोसाइट, वसा संचय के लिए ही बनी हैं। हर कोशिका में वसा की एक बड़ी बूंद होती है जो केंद्रक और कोशिकाद्रव्य को एक ओर धकेल देती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक उपधातु है?
- A.जर्मेनियम
- B.कोक
- C.आयोडीन
- D.चीनी
उत्तर देखें
जर्मेनियम एक उपधातु है, यानी ऐसा तत्व जिसके गुण धातुओं और अधातुओं के बीच के होते हैं। यह धातु की तरह कठोर, चमकदार और धूसर-सफेद ठोस है, फिर भी भंगुर है और धातु की तुलना में बहुत कम विद्युत चालन करता है, इसलिए यह अर्धचालक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →X-किरण के एक फोटॉन की ऊर्जा 1 keV है। दृश्य विकिरण के एक फोटॉन की ऊर्जा 3 eV है। इस संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.X-किरण फोटॉन की तरंगदैर्ध्य दृश्य विकिरण फोटॉन की तरंगदैर्ध्य से कम है।
- B.दोनों फोटॉनों की ऊर्जाएं भिन्न हैं।
- C.निर्वात में दोनों फोटॉनों की चाल भिन्न है।
- D.X-किरण फोटॉन की आवृत्ति दृश्य विकिरण फोटॉन की आवृत्ति से अधिक है।
उत्तर देखें
यह कथन गलत है, क्योंकि हर फोटॉन, उसकी ऊर्जा चाहे जो हो, निर्वात में प्रकाश की एक ही चाल, लगभग 3 × 10^8 मीटर प्रति सेकंड, से चलता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-से पदार्थ जल में अस्थायी कठोरता उत्पन्न करते हैं?
1. Mg(HCO3)2
2. Ca(HCO3)2
3. CaCl2
4. MgSO4
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.3 और 4
- B.2 और 3
- C.1 और 4
- D.1 और 2
उत्तर देखें
अस्थायी कठोरता मैग्नीशियम और कैल्शियम के बाइकार्बोनेट, यानी Mg(HCO3)2 और Ca(HCO3)2, से होती है। इसे अस्थायी इसलिए कहते हैं क्योंकि केवल उबालने से यह दूर हो जाती है: गर्म करने पर घुलनशील बाइकार्बोनेट टूटकर अघुलनशील कार्बोनेट या हाइड्रॉक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड और पानी बनाते हैं, और ठोस नीचे बैठ जाता है।
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