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पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसानपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2019, GS Paper I

पर्यावरण में छोड़े जाने वाले 'माइक्रोबीड्स' को लेकर बड़ी चिंता क्यों है?

  1. A.इन्हें समुद्री पारितंत्रों के लिए हानिकारक माना जाता है।
  2. B.इन्हें बच्चों में त्वचा कैंसर का कारण माना जाता है।
  3. C.ये इतने छोटे होते हैं कि सिंचित खेतों में फ़सली पौधे इन्हें अवशोषित कर लेते हैं।
  4. D.इनका उपयोग प्रायः खाद्य अपमिश्रक के रूप में पाया जाता है।

सही उत्तर

A. इन्हें समुद्री पारितंत्रों के लिए हानिकारक माना जाता है।

व्याख्या

सही उत्तर है A, इन्हें समुद्री पारितंत्रों के लिए हानिकारक माना जाता है। माइक्रोबीड्स प्लास्टिक के बहुत छोटे कण हैं जो बहकर नदियों और समुद्र में पहुँचते हैं, वहाँ लंबे समय तक बने रहते हैं और समुद्री जीव उन्हें खा लेते हैं।

माइक्रोबीड्स आमतौर पर पॉलीएथिलीन से बने ठोस प्लास्टिक कण होते हैं, जिनका आकार 5 मिलीमीटर से कम होता है; इन्हें फ़ेस स्क्रब, टूथपेस्ट और शॉवर जेल में रगड़ने के लिए मिलाया जाता था। ये इतने छोटे होते हैं कि सीवेज उपचार संयंत्र इन्हें रोक नहीं पाते। मछलियाँ, प्लवक और सीपी इन्हें भोजन समझ लेते हैं, और ये कण पानी से ज़हरीले रसायन भी सोख लेते हैं, जो खाद्य शृंखला में ऊपर पहुँचते हैं। इसी कारण अमेरिका ने 2015 में धोकर हटाए जाने वाले सौंदर्य प्रसाधनों में इन पर रोक लगाई, और भारतीय मानक ब्यूरो ने इन्हें सौंदर्य उत्पादों के लिए असुरक्षित घोषित किया।

B गलत है: माइक्रोबीड्स और बच्चों के त्वचा कैंसर में कोई स्थापित संबंध नहीं है।

C गलत है: मुख्य चिंता जलीय जीवन की है, फ़सलों की जड़ों द्वारा अवशोषण की नहीं।

D गलत है: माइक्रोबीड्स सौंदर्य प्रसाधन का घटक हैं, खाद्य अपमिश्रक नहीं।

Exam tip: माइक्रोबीड्स = सौंदर्य प्रसाधनों से आने वाला प्राथमिक माइक्रोप्लास्टिक (5 मिमी से छोटा); चिंता समुद्री खाद्य शृंखला की है।

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Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2017, Paper Iमध्यम

जलीय पर्यावरण में स्वतंत्र रूप से तैरने वाले बड़े (आँख से दिखने वाले) जंतुओं को क्या कहा जाता है?

  1. A.प्लवक (प्लैंकटन)
  2. B.परिपादप (पेरीफाइटन)
  3. C.नितलस्थ जीव (बेन्थोस)
  4. D.तरणक (नेक्टन)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. तरणक (नेक्टन)

नेक्टन वे जंतु हैं जो बिना सूक्ष्मदर्शी के दिखने जितने बड़े होते हैं, सक्रिय रूप से तैरते हैं और जल-धारा के विपरीत भी चल सकते हैं।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2025, GS Paper Iआसान

वायु प्रदूषण घटाने के लिए कृत्रिम रूप से वर्षा कराने में किसका उपयोग होता है?

  1. A.सिल्वर आयोडाइड और पोटैशियम आयोडाइड
  2. B.सिल्वर नाइट्रेट और पोटैशियम आयोडाइड
  3. C.सिल्वर आयोडाइड और पोटैशियम नाइट्रेट
  4. D.सिल्वर नाइट्रेट और पोटैशियम क्लोराइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सिल्वर आयोडाइड और पोटैशियम आयोडाइड

कृत्रिम वर्षा यानी क्लाउड सीडिंग में यही लवण आम तौर पर प्रयोग होते हैं। क्लाउड सीडिंग में नमी वाले बादलों में विमान, रॉकेट या ज़मीनी जनरेटर से बहुत छोटे कण छिड़के जाते हैं।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2019, GS Paper Iकठिन

भारत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले को अपशिष्ट को पाँच श्रेणियों में अलग करना होता है।
  2. B.ये नियम केवल अधिसूचित नगरीय स्थानीय निकायों, अधिसूचित नगरों और सभी औद्योगिक बस्तियों पर लागू होते हैं।
  3. C.ये नियम भराव क्षेत्रों और अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाओं के स्थलों की पहचान के लिए सटीक और विस्तृत मानदंड देते हैं।
  4. D.अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले के लिए यह अनिवार्य है कि एक ज़िले में उत्पन्न अपशिष्ट दूसरे ज़िले में न ले जाया जाए।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ये नियम भराव क्षेत्रों और अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाओं के स्थलों की पहचान के लिए सटीक और विस्तृत मानदंड देते हैं।

2016 के नियम भराव क्षेत्रों और अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाओं के स्थल चुनने के लिए विस्तृत मानदंड तय करते हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत बने और इन्होंने 2000 के नगरपालिका ठोस अपशिष्ट नियमों का स्थान लिया।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2017, GS Paper Iआसान

जैविक ऑक्सीजन माँग (BOD) किसके लिए एक मानक कसौटी है?

  1. A.रक्त में ऑक्सीजन स्तर मापने
  2. B.वन पारितंत्रों में ऑक्सीजन स्तर की गणना करने
  3. C.जलीय पारितंत्रों में प्रदूषण आकलन
  4. D.अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन स्तर के आकलन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जलीय पारितंत्रों में प्रदूषण आकलन

BOD बताता है कि किसी जल में कितना कार्बनिक प्रदूषण है। जैविक या जैव-रासायनिक ऑक्सीजन माँग घुली हुई ऑक्सीजन की वह मात्रा है जिसे वायवीय सूक्ष्मजीव पानी के नमूने के कार्बनिक पदार्थ को तोड़ने में खर्च करते हैं।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2019, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 भारत सरकार को अधिकार देता है कि वह 1. पर्यावरण संरक्षण की प्रक्रिया में जन-भागीदारी की आवश्यकता तथा उसे प्राप्त करने की प्रक्रिया और रीति बताए 2. विभिन्न स्रोतों से पर्यावरणीय प्रदूषकों के उत्सर्जन या निस्सरण के मानक निर्धारित करे उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 2

यह अधिनियम केंद्र को उत्सर्जन और निस्सरण के मानक तय करने का अधिकार देता है, पर इसमें जन-भागीदारी का कोई प्रावधान नहीं है।