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GK24
पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसानपूछा गया: CDS · CDS-II 2023, GK

पारितंत्र में ऊर्जा और पोषक तत्व एक पोषी स्तर से दूसरे पोषी स्तर तक प्रवाहित होते हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन पारितंत्र में ऊर्जा और पोषक तत्वों के प्रवाह की दिशा का सही वर्णन करता है?

  1. A.ऊर्जा का प्रवाह चक्रीय है और पोषक तत्वों का प्रवाह एकदिशीय है।
  2. B.ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय है और पोषक तत्वों का प्रवाह चक्रीय है।
  3. C.ऊर्जा और पोषक तत्वों दोनों का प्रवाह एकदिशीय है।
  4. D.ऊर्जा और पोषक तत्वों दोनों का प्रवाह चक्रीय है।

सही उत्तर

B. ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय है और पोषक तत्वों का प्रवाह चक्रीय है।

व्याख्या

सही उत्तर है B, ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय है और पोषक तत्वों का प्रवाह चक्रीय है। ऊर्जा सूर्य से खाद्य शृंखला में एक ही दिशा में चलती है और ऊष्मा के रूप में खो जाती है, जबकि पोषक तत्व बार-बार इस्तेमाल होते हैं।

हरे पौधे धूप को पकड़कर भोजन में रासायनिक ऊर्जा के रूप में जमा करते हैं। उत्पादक से शाकाहारी और फिर मांसाहारी तक हर कदम पर इस ऊर्जा का अधिकांश हिस्सा जीवन क्रियाओं में खर्च होकर ऊष्मा बन जाता है, हर स्तर पर लगभग नब्बे प्रतिशत, इसलिए यह पौधों तक वापस नहीं लौट सकती। कार्बन, नाइट्रोजन और फ़ॉस्फ़ोरस जैसे पोषक तत्व अलग व्यवहार करते हैं: जीवों के मरने पर अपघटक उनके शरीर को तोड़कर इन तत्वों को मिट्टी, पानी और हवा में लौटा देते हैं, जहाँ से पौधे इन्हें फिर लेते हैं। इन चक्रों को जैव-भू-रासायनिक चक्र कहते हैं।

विकल्प A गलत है, क्योंकि यह दोनों को उलट देता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अपघटक पोषक तत्व लौटा देते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऊष्मा बनकर खोई ऊर्जा फिर काम नहीं आती।

Exam tip: ऊर्जा बहती है, पदार्थ चक्रित होता है; ऊर्जा स्थानांतरण का दस प्रतिशत नियम।

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Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: NDA · NDA-I 2025, GATआसान

अम्ल वर्षा के लिए वर्षा जल का pH किससे कम होना चाहिए?

  1. A.7.0
  2. B.6.6
  3. C.5.6
  4. D.8.0
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 5.6

जब वर्षा जल का pH 5.6 से नीचे चला जाता है, तब उसे अम्ल वर्षा कहते हैं। साफ वर्षा भी थोड़ी अम्लीय होती है, क्योंकि हवा की कार्बन डाइऑक्साइड उसमें घुलकर दुर्बल कार्बोनिक अम्ल बनाती है और उसका pH लगभग 5.6 तक आ जाता है।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-II 2020, GKमध्यम

ओज़ोन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.ओज़ोन वायुमंडल में अधिकतर 15-55 किमी की ऊँचाई पर पाई जाती है।
  2. B.ओज़ोन गैसीय रासायनिक अभिक्रियाओं से बनती है।
  3. C.16 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय ओज़ोन परत संरक्षण दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  4. D.ओज़ोन ऑक्सीजन का एक रूप है जिसमें ऑक्सीजन के तीन परमाणु आपस में जुड़े होते हैं।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 16 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय ओज़ोन परत संरक्षण दिवस के रूप में मनाया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय ओज़ोन परत संरक्षण दिवस 16 सितंबर को मनाया जाता है, 16 नवंबर को नहीं। यह तिथि 16 सितंबर 1987 को मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर की याद में है, वह संधि जिसने क्लोरोफ़्लोरोकार्बन और अन्य ओज़ोन-क्षयकारी पदार्थों को चरणबद्ध रूप से समाप्त किया।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-II 2026, GKआसान

यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है?

  1. A.अरुणाचल प्रदेश
  2. B.उत्तराखंड
  3. C.हिमाचल प्रदेश
  4. D.सिक्किम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उत्तराखंड

नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान उत्तराखंड के चमोली ज़िले में भारत की दूसरी सबसे ऊँची चोटी नंदा देवी के चारों ओर फैला है।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-I 2024, GKमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा वैश्विक मंदन (ग्लोबल डिमिंग) से संबंधित है?

  1. A.कणिकीय पदार्थों में वृद्धि के कारण वायुमंडलीय दाब में गिरावट
  2. B.कणिकीय पदार्थों में वृद्धि के कारण वायुमंडलीय दाब में वृद्धि
  3. C.कणिकीय पदार्थों में वृद्धि के कारण तापमान में वृद्धि
  4. D.कणिकीय पदार्थों में वृद्धि के कारण तापमान में गिरावट
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कणिकीय पदार्थों में वृद्धि के कारण तापमान में गिरावट

हवा में मौजूद कणों के कारण धरती तक पहुँचने वाली धूप का घटना और उससे होने वाली ठंडक ही ग्लोबल डिमिंग है।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-I 2026, GKआसान

पर्यावरण की दृष्टि से संधारणीय और जलवायु-अनुकूल परियोजनाओं में निवेश के लिए धन जुटाने वाले वित्तीय साधन क्या कहलाते हैं?

  1. A.ग्रीन बॉन्ड
  2. B.कार्बन बॉन्ड
  3. C.क्लाइमेट क्रेडिट बॉन्ड
  4. D.सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ग्रीन बॉन्ड

ग्रीन बॉन्ड ऐसा ऋण-पत्र है जिससे जुटाई गई राशि केवल पर्यावरण या जलवायु के लिए लाभकारी परियोजनाओं पर ही खर्च की जा सकती है।