परिसर के चरण 1ए को पूरा करने की संशोधित समयसीमा क्या है?
- A.31 अक्टूबर 2026
- B.31 दिसंबर 2026
- C.30 जून 2027
- D.31 मार्च 2027
सही उत्तर
A. 31 अक्टूबर 2026
व्याख्या
सही उत्तर है 31 अक्टूबर 2026। परिषद को बताया गया कि चरण 1ए का करीब बयासी प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, और मंत्री ने कार्यान्वयन एजेंसियों से कड़ी निगरानी रखने का आग्रह किया, ताकि यही संशोधित समयसीमा पूरी हो। उन्होंने बाकी बचे हिस्सों की ओर खास ध्यान दिलाया, यानी गैलरी चार और छह, लोथल टाउन तथा एक्वाटिक थीमिंग, और लगाने के लिए तैयार कलाकृतियों पर शीघ्र मंजूरी मांगी, ताकि प्रदर्शनी आगंतुकों के लिए समय पर शुरू हो सके। विकल्प B, C और D गलत हैं, क्योंकि विज्ञप्ति में पूरा होने की कोई दूसरी तारीख नहीं दी गई। तारीख और प्रतिशत को साथ याद रखें, क्योंकि निर्माणाधीन परियोजनाओं के प्रश्नों में एक पूछा जाता है और दूसरा जाल बनता है। पहली परिषद बैठक जून 2025 में हुई थी।
पूरा लेख पढ़ें: लोथल समुद्री विरासत परिसर का चरण 1ए 82 प्रतिशत पार
अभ्यास प्रश्न
दूसरी शासी परिषद बैठक में समीक्षा किया गया राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर कहां बन रहा है?
- A.धोलावीरा, गुजरात
- B.लोथल, गुजरात
- C.कोच्चि, केरल
- D.विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लोथल, गुजरात
व्याख्या
सही उत्तर है लोथल, गुजरात। विज्ञप्ति के अनुसार शासी परिषद ने जिस परियोजना की समीक्षा की, वह वहीं बन रही है, और इसका उद्देश्य पांच सहस्राब्दियों से अधिक पुरानी समुद्री विरासत को फिर जीवंत करना तथा दिखाना है, जिससे यह कस्बा समुद्री विरासत, ज्ञान, शिक्षा और पर्यटन का विश्व स्तर पर प्रसिद्ध केंद्र बने। विकल्प A गलत है और सबसे तेज जाल है, क्योंकि वह स्थल भी उसी राज्य की हड़प्पाकालीन बस्ती है; विज्ञप्ति में केवल एक कस्बा नामित है। विकल्प C गलत है, हालांकि इसी मंत्रालय ने उसी हफ्ते उस बंदरगाह शहर में पोत मरम्मत का संयुक्त उद्यम किया था, जो अलग खबर है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यहां ऐसा कोई स्थल नहीं आता। परिसर को लोथल और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के साथ जोड़कर याद रखें।
राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर परियोजना के लिए कितने देशों ने समझौता ज्ञापन किए हैं?
- A.7
- B.13
- C.24
- D.35
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 13
व्याख्या
सही उत्तर है 13। मंत्री ने परिषद को बताया कि इतने देशों ने परियोजना पर सहयोग के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें पुर्तगाल, संयुक्त अरब अमीरात, वियतनाम, थाईलैंड, नीदरलैंड, डेनमार्क, ओमान, इज़राइल, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, इटली, न्यूजीलैंड और सिंगापुर शामिल हैं। विकल्प D जाल है, क्योंकि वह प्रस्तावित साझेदारियों की योजना का आकार है, जिसके लिए कई और देशों से बातचीत जारी है, हस्ताक्षर हो चुके देशों की संख्या नहीं। विकल्प A और C गलत हैं, क्योंकि विज्ञप्ति में इनमें से कोई आंकड़ा नहीं आता। इन समझौतों से कलाकृतियों, प्रतिकृतियों और जहाज मॉडलों का आदान-प्रदान, शोध सहयोग और सांस्कृतिक जुड़ाव संभव होता है, इसीलिए मंत्री ने इसे समुद्री कूटनीति का शक्तिशाली साधन कहा। परीक्षा के लिए हस्ताक्षर हो चुके देशों की संख्या और प्रस्तावित योजना की संख्या, दोनों को अलग-अलग याद रखें।
भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों पर राष्ट्रीय सम्मेलन के पहले दिन की अध्यक्षता किसने की?
- A.शोभा करंदलाजे
- B.मनसुख मांडविया
- C.चंद्र भूषण कुमार
- D.भूपेंद्र यादव
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मनसुख मांडविया
व्याख्या
सही उत्तर मनसुख मांडविया है, जो केंद्रीय श्रम और रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री हैं और जिन्होंने सम्मेलन के पहले दिन की अध्यक्षता की। विकल्प A यानी शोभा करंदलाजे श्रम और रोजगार तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री हैं और उसी सत्र में मौजूद थीं, पर अध्यक्षता उन्होंने नहीं की, इसलिए यही सबसे नजदीकी भ्रामक विकल्प है। विकल्प C यानी डॉ. चंद्र भूषण कुमार श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव हैं और उन्होंने दूसरे दिन की शुरुआत की, जहां उन्होंने कौशल इकोसिस्टम, श्रमिक की गरिमा, राज्यों और देशों के बीच श्रमिकों की आवाजाही, पेशेगत सेहत तथा कल्याणकारी उपायों में बीमांकिक विश्लेषण के उपयोग की बात रखी। विकल्प D में दूसरा विभाग संभालने वाले मंत्री का नाम है। मंत्री, राज्यमंत्री और सचिव को अलग-अलग याद रखना ही ऐसे प्रश्न का उद्देश्य है।
बीओसीडब्ल्यू सम्मेलन में डिजिटल लेबर चौक से जुड़ा अनुभव किस राज्य ने साझा किया?
- A.उत्तर प्रदेश
- B.बिहार
- C.राजस्थान
- D.असम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. राजस्थान
व्याख्या
सही उत्तर राजस्थान है। नई श्रम संहिताओं के आलोक में बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्डों की भूमिका और जिम्मेदारियों वाले सत्र में कई राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी पहलें प्रस्तुत कीं। राजस्थान ने डिजिटल लेबर चौक का अनुभव रखा, जो उस पारंपरिक चौक को डिजिटल रूप देता है जहां दिहाड़ी श्रमिक काम की प्रतीक्षा में जुटते हैं, ताकि श्रमिक और नियोक्ता एक-दूसरे तक आसानी से पहुंच सकें। विकल्प A यानी उत्तर प्रदेश ने भवन निर्माण श्रमिकों के कौशल विकास पर अपना काम रखा। विकल्प B यानी बिहार ने श्रम सेवा सुविधा केंद्रों पर प्रकाश डाला। विकल्प D यानी असम ने निर्माण सखी पोर्टल पेश किया। चारों प्रस्तुतियां एक ही सत्र की हैं, इसलिए इन्हें अलग-अलग तथ्य के बजाय एक मिलान सूची की तरह याद करना बेहतर है।
भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों पर राष्ट्रीय सम्मेलन किस शहर में संपन्न हुआ?
- A.नई दिल्ली
- B.मुंबई
- C.पुणे
- D.नागपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मुंबई
व्याख्या
सही उत्तर मुंबई है। दो दिवसीय यह सम्मेलन श्रम और रोजगार मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर आयोजित किया और दूसरे दिन इसी शहर में संपन्न हुआ। इसमें केंद्र सरकार, राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों, बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्डों और अन्य संबंधित पक्षों के प्रतिनिधि जुटे, जिन्होंने निर्माण श्रमिकों के कल्याण, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर चर्चा की। विकल्प A यानी नई दिल्ली किसी भी राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए सबसे स्वाभाविक अनुमान है और इसीलिए सबसे बड़ा भ्रम भी। विकल्प C और D महाराष्ट्र के ही अन्य शहर हैं, जो यह परखते हैं कि अभ्यर्थी को केवल राज्य याद है या शहर भी। इसे याद रखने का भरोसेमंद तरीका यह है कि साझेदार राज्य को उसकी राजधानी से जोड़ लें, क्योंकि उसी राज्य की सरकार आयोजन में साझेदार थी।