पंचायती राज संस्थाएँ मुख्य रूप से किसकी संस्थाएँ हैं?
- A.लोकप्रिय सरकार
- B.स्वशासन
- C.संघीय सरकार
- D.अर्ध-सरकार
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, स्वशासन। पंचायती राज संस्थाएँ ग्रामीण स्थानीय स्वशासन की इकाइयाँ हैं, जिनके माध्यम से गाँव के लोग अपने स्थानीय मामलों का प्रबंध स्वयं करते हैं।
नीति निदेशक तत्व के रूप में अनुच्छेद 40 राज्य से ग्राम पंचायतें गठित करने और उन्हें स्वशासन की इकाई के रूप में काम करने लायक शक्तियाँ देने को कहता है। 1957 की बलवंतराय मेहता समिति ने त्रि-स्तरीय व्यवस्था की सिफ़ारिश की, और राजस्थान 2 अक्टूबर 1959 को नागौर में इसे अपनाने वाला पहला राज्य बना। 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 ने भाग IX और 29 विषयों वाली ग्यारहवीं अनुसूची जोड़कर पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिया। इसमें ग्राम सभा, तीन स्तर, हर पाँच वर्ष में चुनाव और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान है।
A गलत है, क्योंकि 'लोकप्रिय सरकार' का अर्थ केवल जनता की इच्छा पर आधारित शासन है, यह स्थानीय निकायों का उद्देश्य नहीं बताता। C गलत है, क्योंकि संघीय सरकार संघ और राज्यों के बीच शक्ति विभाजन को कहते हैं, स्थानीय इकाइयों को नहीं। D गलत है, क्योंकि अर्ध-सरकारी निकाय अर्ध-आधिकारिक संगठन होता है, जबकि पंचायतें निर्वाचित संवैधानिक निकाय हैं।
परीक्षा टिप: अनुच्छेद 40, भाग IX, 73वाँ संशोधन 1992, 29 विषयों वाली ग्यारहवीं अनुसूची; पहली पंचायत नागौर, 1959।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंवर्ष 2019 में हुए भारत की संसद के निचले सदन के चुनावों से किसका गठन हुआ?
- A.14वीं लोकसभा
- B.15वीं लोकसभा
- C.16वीं लोकसभा
- D.17वीं लोकसभा
उत्तर देखें
अप्रैल-मई 2019 में हुए आम चुनाव से 17वीं लोकसभा चुनी गई, जिसकी पहली बैठक जून 2019 में हुई। लोकसभा संसद का निचला सदन है, और अनुच्छेद 83 के अनुसार इसका सामान्य कार्यकाल पहली बैठक की तिथि से पाँच वर्ष होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस राज्य में सबसे अधिक बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया है?
- A.बिहार
- B.कर्नाटक
- C.मणिपुर
- D.पंजाब
उत्तर देखें
मणिपुर में किसी भी अन्य राज्य से अधिक बार राष्ट्रपति शासन लगा है, 1967 से अब तक दस से अधिक बार।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत का संविधान वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है, किंतु यह स्वतंत्रता राज्य द्वारा लगाए गए कुछ युक्तियुक्त निर्बंधनों के अधीन है। ये निर्बंधन निम्नलिखित में से किससे संबंधित हो सकते हैं?
1. मानहानि
2. शिष्टाचार या सदाचार
3. अपराध के लिए उकसाना
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
ये तीनों अनुच्छेद 19(2) में दिए गए वे आधार हैं जिन पर राज्य वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर युक्तियुक्त निर्बंधन लगा सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा भारत का संवैधानिक आयोग नहीं है?
- A.राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग
- B.राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग
- C.राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग
- D.राष्ट्रीय महिला आयोग
उत्तर देखें
इसकी स्थापना राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 के तहत 1992 में हुई, इसलिए यह संवैधानिक नहीं, बल्कि सांविधिक निकाय है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आच्छादन के सिद्धांत के विषय में कौन सा कथन सही है?
- A.यह मूल अधिकारों का उल्लंघन करने वाले संविधान पूर्व और संविधान पश्चात दोनों कानूनों पर समान रूप से लागू होता है
- B.यह संविधान पूर्व के कानूनों पर लागू होता है, जो निष्क्रिय पड़े रहते हैं और संवैधानिक रोक हटने पर पुनर्जीवित हो सकते हैं
- C.यह न्यायालय को अधिनियम के केवल दोषपूर्ण भाग को शून्य करने देता है
- D.यह नागरिक को स्वेच्छा से मूल अधिकार छोड़ने की अनुमति देता है
उत्तर देखें
अनुच्छेद 13(1) संविधान पूर्व के कानून को मूल अधिकारों से असंगति की मात्रा तक ही शून्य करता है, इसलिए उच्चतम न्यायालय ने भीखाजी नारायण धाकरस, 1955 में कहा कि ऐसा कानून मिटता नहीं, केवल आच्छादित होता है और छाया हटने तक अप्रवर्तनीय रहकर उसके बाद पुनर्जीवित हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →