p प्रकार के अर्धचालक में बहुसंख्यक आवेश वाहक कौन होते हैं?
- A.इलेक्ट्रॉन
- B.कोटर
- C.प्रोटॉन
- D.धनात्मक आयन
सही उत्तर
B. कोटर
व्याख्या
सही उत्तर B, कोटर है। बोरॉन, एल्युमिनियम, गैलियम अथवा इंडियम जैसा त्रिसंयोजक अपद्रव्य आसपास के सिलिकॉन परमाणुओं से केवल तीन सहसंयोजक बंध बनाता है, जिससे एक बंध अपूर्ण रह जाता है; वह रिक्ति गतिशील धनात्मक वाहक की तरह व्यवहार करती है और कोटर कहलाती है, इसलिए कोटर बहुसंख्यक वाहक बन जाते हैं जबकि ताप से बने इलेक्ट्रॉन अल्पसंख्यक वाहक रहते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि इलेक्ट्रॉन n प्रकार के क्रिस्टल में बहुसंख्यक होते हैं और यहां केवल अल्पसंख्यक हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि प्रोटॉन नाभिक में बंधे रहते हैं और क्रिस्टल जालक में कभी नहीं चलते। विकल्प D गलत है क्योंकि अपद्रव्य आयन जालक में स्थिर रहते हैं और आवेशित होते हुए भी धारा नहीं ले जा सकते। यह भी याद रखें कि p प्रकार का क्रिस्टल समग्र रूप से विद्युत उदासीन होता है।
पूरा लेख पढ़ें: सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन: पूरे नोट्स
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकक्ष ताप पर सिलिकॉन का वर्जित ऊर्जा अंतराल लगभग कितना होता है?
- A.0.3 eV
- B.0.7 eV
- C.1.1 eV
- D.5.5 eV
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1.1 eV
व्याख्या
सही उत्तर C, लगभग 1.1 eV है। संयोजकता बैंड और चालन बैंड के बीच का ऊर्जा अंतराल तय करता है कि कोई ठोस चालन करेगा या नहीं: सिलिकॉन में यह अंतराल लगभग 1.1 इलेक्ट्रॉन वोल्ट है, जो इतना छोटा है कि ताप अथवा प्रकाश कुछ इलेक्ट्रॉनों को पार करा दे, और इसी से सिलिकॉन अर्धचालक बनता है। विकल्प A गलत है क्योंकि 0.3 वोल्ट जर्मेनियम डायोड का अग्र अवरोध वोल्टेज है, जो पूरी तरह भिन्न राशि है। विकल्प B गलत है क्योंकि लगभग 0.7 eV जर्मेनियम का बैंड अंतराल है, और यही सिलिकॉन डायोड का अग्र वोल्टेज पात भी है, इसी से परीक्षार्थी दोनों संख्याएं मिला देते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि लगभग 5.5 eV हीरे का अंतराल है, जो विद्युतरोधी है। तीनों साथ याद रखें: जर्मेनियम 0.7 eV, सिलिकॉन 1.1 eV, गैलियम आर्सेनाइड लगभग 1.43 eV।
यदि किसी नैज अर्धचालक में np और ne क्रमशः कोटरों तथा इलेक्ट्रॉनों की संख्या हैं, तो:
- A.npne = 1
- B.np > ne
- C.np = ne
- D.np < ne
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. np = ne
व्याख्या
सही उत्तर C, कोटरों की संख्या इलेक्ट्रॉनों की संख्या के बराबर है है। नैज यानी रासायनिक रूप से शुद्ध अर्धचालक में प्रत्येक मुक्त इलेक्ट्रॉन किसी सहसंयोजक बंध के टूटने से बनता है, और बंध टूटने पर ठीक एक कोटर पीछे छूटता है, इसलिए इलेक्ट्रॉन और कोटर सदा जोड़ों में बनते हैं तथा उनकी सांद्रता बराबर रहनी ही चाहिए। विकल्प A गलत है क्योंकि दो सांद्रताओं का गुणनफल किसी शुद्ध संख्या एक के बराबर नहीं हो सकता; वह गुणनफल ताप तथा बैंड अंतराल से तय होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि कोटर इलेक्ट्रॉनों से अधिक केवल p प्रकार के क्रिस्टल में होते हैं, जिसके लिए त्रिसंयोजक अपद्रव्य चाहिए। विकल्प D गलत है क्योंकि इलेक्ट्रॉन कोटरों से अधिक केवल n प्रकार में होते हैं, जिसके लिए पंचसंयोजक अपद्रव्य चाहिए। बराबर संख्या शुद्ध क्रिस्टल की पहचान है।
n प्रकार का अर्धचालक बनाने के लिए सिलिकॉन में निम्नलिखित में से कौन सा अपद्रव्य मिलाया जाता है?
- A.बोरॉन
- B.एल्युमिनियम
- C.फॉस्फोरस
- D.इंडियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. फॉस्फोरस
व्याख्या
सही उत्तर C, फॉस्फोरस है। सिलिकॉन में चार संयोजकता इलेक्ट्रॉन होते हैं, इसलिए फॉस्फोरस, आर्सेनिक, एंटीमनी अथवा बिस्मथ जैसा पंचसंयोजक परमाणु मिलाने पर चार बंध बनने के बाद एक इलेक्ट्रॉन बच जाता है; वह अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन ढीला बंधा होता है और मुक्त वाहक बन जाता है, जिससे इलेक्ट्रॉन बहुसंख्यक वाहक होते हैं और क्रिस्टल n प्रकार का बनता है। विकल्प A गलत है क्योंकि बोरॉन त्रिसंयोजक है और रिक्ति बनाकर p प्रकार का क्रिस्टल देता है। विकल्प B गलत है क्योंकि एल्युमिनियम भी त्रिसंयोजक p प्रकार का अपद्रव्य है। विकल्प D गलत है क्योंकि इंडियम भी त्रिसंयोजक है। ध्यान रखें कि n प्रकार का क्रिस्टल ऋणात्मक आवेशित नहीं होता: दाता परमाणु अपना धनात्मक नाभिक रखता है, इसलिए पूरा क्रिस्टल विद्युत उदासीन रहता है, और परीक्षक ठीक यही बिंदु पूछते हैं।
1947 में बेल प्रयोगशाला में ट्रांजिस्टर का आविष्कार किस वैज्ञानिक दल ने किया था?
- A.बार्डीन, ब्रैटेन और शॉकले
- B.किल्बी, नॉयस और मूर
- C.फैराडे, मैक्सवेल और हर्ट्ज
- D.टाउंस, बासोव और प्रोखोरोव
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बार्डीन, ब्रैटेन और शॉकले
व्याख्या
सही उत्तर A, बार्डीन, ब्रैटेन और शॉकले है। जॉन बार्डीन, वॉल्टर ब्रैटेन तथा विलियम शॉकले ने 1947 में संयुक्त राज्य अमेरिका की बेल प्रयोगशाला में पहला कार्यशील ट्रांजिस्टर बनाया, और ट्रांजिस्टर प्रभाव की खोज के लिए तीनों को 1956 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला; इस युक्ति ने भारी निर्वात नलिका का स्थान लिया और आगे का पूरा इलेक्ट्रॉनिकी संभव बनाया। विकल्प B गलत है क्योंकि जैक किल्बी और रॉबर्ट नॉयस ने 1958 तथा 1959 में स्वतंत्र रूप से एकीकृत परिपथ विकसित किया, और गॉर्डन मूर ने उद्योग को उसका प्रसिद्ध दोगुनापन नियम दिया। विकल्प C गलत है क्योंकि फैराडे, मैक्सवेल और हर्ट्ज विद्युतचुंबकत्व के इतिहास से हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि टाउंस, बासोव तथा प्रोखोरोव को मेसर और लेसर के कार्य के लिए 1964 का नोबेल मिला।
द्विध्रुवी ट्रांजिस्टर में अल्फा किसका अनुपात होता है?
- A.संग्राहक धारा और उत्सर्जक धारा का
- B.उत्सर्जक धारा और संग्राहक धारा का
- C.आधार धारा और संग्राहक धारा का
- D.संग्राहक धारा और आधार धारा का
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. संग्राहक धारा और उत्सर्जक धारा का
व्याख्या
सही उत्तर A, संग्राहक धारा और उत्सर्जक धारा का है। द्विध्रुवी संधि ट्रांजिस्टर में उत्सर्जक वाहक भेजता है, पतला तथा हल्का मादित आधार उनमें से अधिकांश को पार जाने देता है, और संग्राहक उन्हें एकत्र करता है, इसलिए उत्सर्जक धारा एक बड़ी संग्राहक धारा तथा एक छोटी आधार धारा में बंट जाती है; अल्फा संग्राहक धारा को उत्सर्जक धारा से भाग देकर परिभाषित होता है और इसलिए सदा एक से कुछ कम रहता है, सामान्यतः 0.95 से 0.99 के बीच। विकल्प B गलत है क्योंकि यह अनुपात उलटा है और एक से बड़ा मान देगा। विकल्प C गलत है क्योंकि आधार से संग्राहक का अनुपात एक छोटा अंश है जिसका मानक नाम नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि संग्राहक धारा को आधार धारा से भाग देने पर बीटा मिलता है। अल्फा एक से कम और बीटा एक से बहुत अधिक रखें।