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GK क्विजविज्ञान और प्रौद्योगिकी

विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्विज: सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
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इस क्विज के बारे में

विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अंतर्गत "सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 3 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

कक्ष ताप पर सिलिकॉन का वर्जित ऊर्जा अंतराल लगभग कितना होता है?

  1. A.0.3 eV
  2. B.0.7 eV
  3. C.1.1 eV
  4. D.5.5 eV
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1.1 eV

व्याख्या

सही उत्तर C, लगभग 1.1 eV है। संयोजकता बैंड और चालन बैंड के बीच का ऊर्जा अंतराल तय करता है कि कोई ठोस चालन करेगा या नहीं: सिलिकॉन में यह अंतराल लगभग 1.1 इलेक्ट्रॉन वोल्ट है, जो इतना छोटा है कि ताप अथवा प्रकाश कुछ इलेक्ट्रॉनों को पार करा दे, और इसी से सिलिकॉन अर्धचालक बनता है। विकल्प A गलत है क्योंकि 0.3 वोल्ट जर्मेनियम डायोड का अग्र अवरोध वोल्टेज है, जो पूरी तरह भिन्न राशि है। विकल्प B गलत है क्योंकि लगभग 0.7 eV जर्मेनियम का बैंड अंतराल है, और यही सिलिकॉन डायोड का अग्र वोल्टेज पात भी है, इसी से परीक्षार्थी दोनों संख्याएं मिला देते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि लगभग 5.5 eV हीरे का अंतराल है, जो विद्युतरोधी है। तीनों साथ याद रखें: जर्मेनियम 0.7 eV, सिलिकॉन 1.1 eV, गैलियम आर्सेनाइड लगभग 1.43 eV।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: दिल्ली · 22 June 2022, Shift 1मध्यम

यदि किसी नैज अर्धचालक में np और ne क्रमशः कोटरों तथा इलेक्ट्रॉनों की संख्या हैं, तो:

  1. A.npne = 1
  2. B.np > ne
  3. C.np = ne
  4. D.np < ne
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. np = ne

व्याख्या

सही उत्तर C, कोटरों की संख्या इलेक्ट्रॉनों की संख्या के बराबर है है। नैज यानी रासायनिक रूप से शुद्ध अर्धचालक में प्रत्येक मुक्त इलेक्ट्रॉन किसी सहसंयोजक बंध के टूटने से बनता है, और बंध टूटने पर ठीक एक कोटर पीछे छूटता है, इसलिए इलेक्ट्रॉन और कोटर सदा जोड़ों में बनते हैं तथा उनकी सांद्रता बराबर रहनी ही चाहिए। विकल्प A गलत है क्योंकि दो सांद्रताओं का गुणनफल किसी शुद्ध संख्या एक के बराबर नहीं हो सकता; वह गुणनफल ताप तथा बैंड अंतराल से तय होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि कोटर इलेक्ट्रॉनों से अधिक केवल p प्रकार के क्रिस्टल में होते हैं, जिसके लिए त्रिसंयोजक अपद्रव्य चाहिए। विकल्प D गलत है क्योंकि इलेक्ट्रॉन कोटरों से अधिक केवल n प्रकार में होते हैं, जिसके लिए पंचसंयोजक अपद्रव्य चाहिए। बराबर संख्या शुद्ध क्रिस्टल की पहचान है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

n प्रकार का अर्धचालक बनाने के लिए सिलिकॉन में निम्नलिखित में से कौन सा अपद्रव्य मिलाया जाता है?

  1. A.बोरॉन
  2. B.एल्युमिनियम
  3. C.फॉस्फोरस
  4. D.इंडियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. फॉस्फोरस

व्याख्या

सही उत्तर C, फॉस्फोरस है। सिलिकॉन में चार संयोजकता इलेक्ट्रॉन होते हैं, इसलिए फॉस्फोरस, आर्सेनिक, एंटीमनी अथवा बिस्मथ जैसा पंचसंयोजक परमाणु मिलाने पर चार बंध बनने के बाद एक इलेक्ट्रॉन बच जाता है; वह अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन ढीला बंधा होता है और मुक्त वाहक बन जाता है, जिससे इलेक्ट्रॉन बहुसंख्यक वाहक होते हैं और क्रिस्टल n प्रकार का बनता है। विकल्प A गलत है क्योंकि बोरॉन त्रिसंयोजक है और रिक्ति बनाकर p प्रकार का क्रिस्टल देता है। विकल्प B गलत है क्योंकि एल्युमिनियम भी त्रिसंयोजक p प्रकार का अपद्रव्य है। विकल्प D गलत है क्योंकि इंडियम भी त्रिसंयोजक है। ध्यान रखें कि n प्रकार का क्रिस्टल ऋणात्मक आवेशित नहीं होता: दाता परमाणु अपना धनात्मक नाभिक रखता है, इसलिए पूरा क्रिस्टल विद्युत उदासीन रहता है, और परीक्षक ठीक यही बिंदु पूछते हैं।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

p प्रकार के अर्धचालक में बहुसंख्यक आवेश वाहक कौन होते हैं?

  1. A.इलेक्ट्रॉन
  2. B.कोटर
  3. C.प्रोटॉन
  4. D.धनात्मक आयन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कोटर

व्याख्या

सही उत्तर B, कोटर है। बोरॉन, एल्युमिनियम, गैलियम अथवा इंडियम जैसा त्रिसंयोजक अपद्रव्य आसपास के सिलिकॉन परमाणुओं से केवल तीन सहसंयोजक बंध बनाता है, जिससे एक बंध अपूर्ण रह जाता है; वह रिक्ति गतिशील धनात्मक वाहक की तरह व्यवहार करती है और कोटर कहलाती है, इसलिए कोटर बहुसंख्यक वाहक बन जाते हैं जबकि ताप से बने इलेक्ट्रॉन अल्पसंख्यक वाहक रहते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि इलेक्ट्रॉन n प्रकार के क्रिस्टल में बहुसंख्यक होते हैं और यहां केवल अल्पसंख्यक हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि प्रोटॉन नाभिक में बंधे रहते हैं और क्रिस्टल जालक में कभी नहीं चलते। विकल्प D गलत है क्योंकि अपद्रव्य आयन जालक में स्थिर रहते हैं और आवेशित होते हुए भी धारा नहीं ले जा सकते। यह भी याद रखें कि p प्रकार का क्रिस्टल समग्र रूप से विद्युत उदासीन होता है।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

1947 में बेल प्रयोगशाला में ट्रांजिस्टर का आविष्कार किस वैज्ञानिक दल ने किया था?

  1. A.बार्डीन, ब्रैटेन और शॉकले
  2. B.किल्बी, नॉयस और मूर
  3. C.फैराडे, मैक्सवेल और हर्ट्ज
  4. D.टाउंस, बासोव और प्रोखोरोव
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बार्डीन, ब्रैटेन और शॉकले

व्याख्या

सही उत्तर A, बार्डीन, ब्रैटेन और शॉकले है। जॉन बार्डीन, वॉल्टर ब्रैटेन तथा विलियम शॉकले ने 1947 में संयुक्त राज्य अमेरिका की बेल प्रयोगशाला में पहला कार्यशील ट्रांजिस्टर बनाया, और ट्रांजिस्टर प्रभाव की खोज के लिए तीनों को 1956 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला; इस युक्ति ने भारी निर्वात नलिका का स्थान लिया और आगे का पूरा इलेक्ट्रॉनिकी संभव बनाया। विकल्प B गलत है क्योंकि जैक किल्बी और रॉबर्ट नॉयस ने 1958 तथा 1959 में स्वतंत्र रूप से एकीकृत परिपथ विकसित किया, और गॉर्डन मूर ने उद्योग को उसका प्रसिद्ध दोगुनापन नियम दिया। विकल्प C गलत है क्योंकि फैराडे, मैक्सवेल और हर्ट्ज विद्युतचुंबकत्व के इतिहास से हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि टाउंस, बासोव तथा प्रोखोरोव को मेसर और लेसर के कार्य के लिए 1964 का नोबेल मिला।

Q6.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: RRB ALP · 21 Jan 2019, Shift 3मध्यम

द्विध्रुवी ट्रांजिस्टर में अल्फा किसका अनुपात होता है?

  1. A.संग्राहक धारा और उत्सर्जक धारा का
  2. B.उत्सर्जक धारा और संग्राहक धारा का
  3. C.आधार धारा और संग्राहक धारा का
  4. D.संग्राहक धारा और आधार धारा का
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. संग्राहक धारा और उत्सर्जक धारा का

व्याख्या

सही उत्तर A, संग्राहक धारा और उत्सर्जक धारा का है। द्विध्रुवी संधि ट्रांजिस्टर में उत्सर्जक वाहक भेजता है, पतला तथा हल्का मादित आधार उनमें से अधिकांश को पार जाने देता है, और संग्राहक उन्हें एकत्र करता है, इसलिए उत्सर्जक धारा एक बड़ी संग्राहक धारा तथा एक छोटी आधार धारा में बंट जाती है; अल्फा संग्राहक धारा को उत्सर्जक धारा से भाग देकर परिभाषित होता है और इसलिए सदा एक से कुछ कम रहता है, सामान्यतः 0.95 से 0.99 के बीच। विकल्प B गलत है क्योंकि यह अनुपात उलटा है और एक से बड़ा मान देगा। विकल्प C गलत है क्योंकि आधार से संग्राहक का अनुपात एक छोटा अंश है जिसका मानक नाम नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि संग्राहक धारा को आधार धारा से भाग देने पर बीटा मिलता है। अल्फा एक से कम और बीटा एक से बहुत अधिक रखें।

Q7.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 1मध्यम

ट्रांजिस्टर का बीटा धारा अनुपात क्या है?

  1. A.IC/IB
  2. B.IB/IE
  3. C.IE/IC
  4. D.IC/IE
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. IC/IB

व्याख्या

सही उत्तर A, संग्राहक धारा को आधार धारा से भाग देने पर है। बीटा उभयनिष्ठ उत्सर्जक व्यवस्था में द्विध्रुवी संधि ट्रांजिस्टर का धारा लाभ है: आधार धारा में अत्यंत छोटा परिवर्तन संग्राहक धारा में बहुत बड़ा परिवर्तन उत्पन्न करता है, और दोनों का अनुपात बीटा है, जो सामान्यतः लगभग बीस से कई सौ के बीच रहता है। इसी कारण ट्रांजिस्टर प्रवर्धक का काम कर सकता है। विकल्प B गलत है क्योंकि आधार धारा को उत्सर्जक धारा से भाग देने पर मिलने वाला छोटा अंश किसी मानक प्रतीक से नहीं जाना जाता। विकल्प C गलत है क्योंकि यह अल्फा के अनुपात को उलटा कर देता है। विकल्प D गलत है क्योंकि संग्राहक धारा को उत्सर्जक धारा से भाग देने पर अल्फा मिलता है, जो एक से कुछ कम होता है। दोनों राशियां जुड़ी हैं, क्योंकि बीटा अल्फा को एक घटा अल्फा से भाग देने पर मिलता है।

Q8.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

1965 में प्रस्तुत मूर का नियम निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?

  1. A.परम शून्य पर अर्धचालक का प्रतिरोध
  2. B.एक नियमित अवधि में चिप पर ट्रांजिस्टरों की संख्या का दोगुना होना
  3. C.डायोड द्वारा रोके जा सकने वाला अधिकतम वोल्टेज
  4. D.निर्वात नलिका में इलेक्ट्रॉनों की चाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एक नियमित अवधि में चिप पर ट्रांजिस्टरों की संख्या का दोगुना होना

व्याख्या

सही उत्तर B, एक नियमित अवधि में चिप पर ट्रांजिस्टरों की संख्या का दोगुना होना है। इंटेल के सह संस्थापक गॉर्डन मूर ने 1965 में देखा कि एकीकृत परिपथ में मितव्ययी ढंग से भरे जा सकने वाले अवयवों की संख्या एक स्थिर दर से दोगुनी होती जा रही है, और यह प्रेक्षण, जिसे आगे लगभग प्रत्येक दो वर्ष में दोगुना होने के रूप में उद्धृत किया गया, पूरे उद्योग का नियोजन नियम बन गया। विकल्प A गलत है क्योंकि परम शून्य पर शुद्ध अर्धचालक का विद्युतरोधी जैसा व्यवहार बैंड सिद्धांत से निकलता है, मूर के किसी नियम से नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि डायोड का रोक वोल्टेज उसकी भंजन रेटिंग है। विकल्प D गलत है क्योंकि निर्वात नलिका में इलेक्ट्रॉन की चाल उस पुरानी प्रौद्योगिकी की बात है जिसे ट्रांजिस्टर ने हटाया। मूर का नियम अनुभवजन्य प्रवृत्ति है, भौतिकी का नियम नहीं।

Q9.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

भारत सेमीकंडक्टर मिशन किस केंद्रीय मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है?

  1. A.भारी उद्योग मंत्रालय
  2. B.विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय
  3. C.इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
  4. D.वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर C, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय है। भारत सेमीकंडक्टर मिशन सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम को लागू करने के लिए बनाया गया, जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिसंबर 2021 में 76,000 करोड़ रुपये के परिव्यय से स्वीकृत किया, और यह इसी मंत्रालय के अंतर्गत विशेष प्रभाग के रूप में काम करता है तथा सेमीकंडक्टर फैब, डिस्प्ले फैब, यौगिक अर्धचालक व पैकेजिंग इकाइयों तथा डिजाइन संबद्ध प्रोत्साहन की योजनाएं संभालता है। विकल्प A गलत है क्योंकि भारी उद्योग मंत्रालय पूंजीगत वस्तुएं तथा विद्युत वाहन प्रोत्साहन योजना देखता है। विकल्प B गलत है क्योंकि विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय विज्ञान तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग जैसे शोध विभाग चलाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय व्यापार नीति तथा व्यापक मेक इन इंडिया प्रयास देखता है। इतना और जोड़ लें कि यही मिशन डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन के भीतर एक स्वतंत्र प्रभाग के रूप में काम करता है और मोहाली की सेमी कंडक्टर प्रयोगशाला भी इसी मंत्रालय के अंतर्गत आती है।

Q10.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

अर्धचालक उद्योग में ATMP का पूरा रूप क्या है?

  1. A.एडवांस्ड ट्रांजिस्टर मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस
  2. B.असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग एंड पैकेजिंग
  3. C.ऑटोमेटेड थर्मल मेटल प्लेटिंग
  4. D.एप्लाइड टेक्नोलॉजी फॉर माइक्रोचिप प्रोडक्शन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग एंड पैकेजिंग

व्याख्या

सही उत्तर B, असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग एंड पैकेजिंग है। चिप निर्माण के तीन बड़े चरण हैं: डिजाइन, जो फैबलेस कंपनियां तथा डिजाइन संस्थान करते हैं; फैब्रिकेशन, जिसमें फैब के भीतर सिलिकॉन वेफर पर परिपथ बनाए जाते हैं; और पश्च चरण, जिसमें वेफर को काटकर अलग चिप बनाई जाती हैं और उन्हें जोड़ा, परखा, अंकित तथा पैक किया जाता है, और ATMP का अर्थ यही है। जो कंपनियां केवल यह पश्च कार्य दूसरों के लिए करती हैं उन्हें OSAT इकाई कहा जाता है, यानी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट। विकल्प A गलत है क्योंकि यह गढ़ा हुआ विस्तार है। विकल्प C गलत है क्योंकि थर्मल मेटल प्लेटिंग भिन्न औद्योगिक प्रक्रिया है। विकल्प D गलत है क्योंकि यह भी गढ़ा हुआ है। सेमीकॉन इंडिया के अंतर्गत भारत की पहली स्वीकृत परियोजनाएं बहुत कुछ इसी पश्च प्रकार की थीं।

Q11.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

इसरो तथा डीआरडीओ के लिए चिप बनाने वाली सरकारी सेमी कंडक्टर प्रयोगशाला कहां स्थित है?

  1. A.मोहाली
  2. B.हैदराबाद
  3. C.बेंगलूरु
  4. D.पुणे
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मोहाली

व्याख्या

सही उत्तर A, मोहाली है। पंजाब के मोहाली की सेमी कंडक्टर प्रयोगशाला इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत काम करती है और भारत की अपनी फैब्रिकेशन इकाई है, जो उपभोक्ता बाजार के लिए नहीं बल्कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन तथा रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन जैसे सामरिक उपयोगकर्ताओं के लिए पुराने प्रोसेस नोड पर चिप बनाती है। विकल्प B गलत है क्योंकि हैदराबाद चिप डिजाइन तथा औषधि निर्माण का बड़ा केंद्र है, इस प्रयोगशाला का स्थान नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि बेंगलूरु में भारत के सर्वाधिक अर्धचालक डिजाइन केंद्र हैं, पर यह सरकारी फैब वहां नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि पुणे अभियांत्रिकी तथा सॉफ्टवेयर का केंद्र है और वहां ऐसी सुविधा नहीं है। डिजाइन केंद्र और फैब्रिकेशन संयंत्र का अंतर स्वयं परीक्षा का पसंदीदा बिंदु है।

Q12.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

शुद्ध अर्धचालक का ताप बढ़ाने पर उसका विद्युत प्रतिरोध:

  1. A.बढ़ता है
  2. B.घटता है
  3. C.अपरिवर्तित रहता है
  4. D.पहले बढ़ता है और फिर शून्य हो जाता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. घटता है

व्याख्या

सही उत्तर B, घटता है है। अर्धचालक को गर्म करने पर अधिक इलेक्ट्रॉनों को वर्जित अंतराल पार कर चालन बैंड में जाने लायक ऊर्जा मिल जाती है, और पार जाने वाला प्रत्येक इलेक्ट्रॉन पीछे एक कोटर छोड़ता है, इसलिए आवेश वाहकों की संख्या तेजी से बढ़ती है और प्रतिरोध गिरता है; इस कारण अर्धचालक का प्रतिरोध ताप गुणांक ऋणात्मक होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि धातुओं में प्रतिरोध ताप के साथ बढ़ता है, जहां वाहकों की संख्या पहले से नियत है और गर्म करने से केवल टकराव बढ़ते हैं, और परीक्षार्थी धातु का नियम अर्धचालक पर लगाकर अंक खोते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि परिवर्तन बड़ा और सरलता से मापने योग्य है। विकल्प D गलत है क्योंकि प्रतिरोध कभी शून्य नहीं होता; वह अतिचालकता है, जो क्रांतिक ताप से नीचे कुछ पदार्थों में दिखने वाली अलग परिघटना है।

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