निम्नलिखित में से किसमें ऊष्मा की हानि मुख्य रूप से संवहन के कारण नहीं होती?
- A.उबलता हुआ पानी
- B.स्थलीय और समुद्री समीर
- C.धमन भट्टी के चारों ओर वायु का परिसंचरण
- D.फ़िलामेंट में धारा के कारण बल्ब की काँच की सतह का गर्म होना
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, फ़िलामेंट में धारा के कारण बल्ब की काँच की सतह का गर्म होना। जलते बल्ब का काँच मुख्यतः सफ़ेद-गर्म फ़िलामेंट से आने वाले विकिरण से गर्म होता है, संवहन से नहीं।
चालन में ऊष्मा ठोस में एक कण से दूसरे कण तक जाती है, संवहन में द्रव या गैस के वास्तविक प्रवाह से ऊष्मा पहुँचती है और विकिरण में ऊष्मा विद्युत-चुंबकीय तरंगों के रूप में जाती है बिना किसी माध्यम के। तापदीप्त बल्ब का फ़िलामेंट 2,000 °C से कहीं अधिक गर्म होता है और निर्वात या थोड़ी अक्रिय गैस में रहता है, इसलिए उसकी अधिकांश ऊष्मा अवरक्त विकिरण के रूप में काँच तक पहुँचती है।
A गलत है क्योंकि उबलते पानी में गर्म पानी ऊपर और ठंडा नीचे जाता है, यह संवहन है। B गलत है क्योंकि स्थलीय और समुद्री समीर स्थल और जल के असमान तापन से बना बड़े पैमाने का संवहन है। C गलत है क्योंकि धमन भट्टी के आसपास गर्म हवा उठती है और ठंडी हवा उसकी जगह लेती है, यह भी संवहन है।
परीक्षा टिप: चालन के लिए संपर्क, संवहन के लिए बहता तरल और विकिरण के लिए कोई माध्यम नहीं चाहिए; सूर्य की ऊष्मा हम तक विकिरण से आती है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविद्युत चुंबकीय तरंगों, ध्वनि तरंगों और जल तरंगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. इनमें परावर्तन होता है 2. ये ऊर्जा का वहन करती हैं 3. ये दाब डालती हैं 4. ये निर्वात में चल सकती हैं नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 3
- B.2 और 4
- C.केवल 1 और 3
- D.केवल 1
उत्तर देखें
तीनों प्रकार की तरंगें परावर्तित होती हैं, ऊर्जा ले जाती हैं और दाब डालती हैं, पर केवल विद्युत चुंबकीय तरंगें निर्वात में चल सकती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का मात्रक नहीं है?
- A.जूल
- B.वाट-घंटा
- C.न्यूटन-मीटर
- D.kg-मीटर/सेकंड²
उत्तर देखें
किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड² द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल है, यानी बल; यह न्यूटन है, ऊर्जा का मात्रक नहीं। ऊर्जा और कार्य की विमाएँ बल गुणा दूरी की होती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस्पात और लोहे को जंग से बचाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?
- A.मैग्नीशियम
- B.ज़िंक (जस्ता)
- C.ऐलुमिनियम
- D.लेड (सीसा)
उत्तर देखें
लोहे या इस्पात पर ज़िंक की पतली परत चढ़ाने को यशदलेपन (गैल्वनीकरण) कहते हैं और जंग से बचाने का यह सबसे आम तरीका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक विद्युत परिपथ में 10 Ω प्रतिरोध का एक तार प्रयुक्त है। यदि इस तार को खींचकर इसकी लंबाई मूल लंबाई की दोगुनी कर दी जाए, तो परिपथ में धारा हो जाएगी :
- A.अपने मूल मान की आधी।
- B.अपने मूल मान की दोगुनी।
- C.अपने मूल मान की एक-चौथाई।
- D.अपने मूल मान की चार गुनी।
उत्तर देखें
तार को खींचकर दोगुना लंबा करने से उसका प्रतिरोध चार गुना हो जाता है, इसलिए उसी वोल्टता पर धारा एक-चौथाई रह जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने बताया कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित किए बिना कुछ निश्चित स्थायी कक्षाओं में परिक्रमा कर सकता है?
- A.अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड
- B.जे. जे. थॉमसन
- C.नील्स बोर
- D.अल्बर्ट आइंस्टीन
उत्तर देखें
1913 के अपने परमाणु मॉडल में बोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं, जिन्हें स्थायी अवस्थाएँ कहा जाता है, में घूमते हैं और उनमें ऊर्जा विकिरित नहीं करते।
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