निम्नलिखित में से किसका उपयोग सरल सूक्ष्मदर्शी में किया जाता है?
- A.अपसारी लेंस
- B.अवतल दर्पण
- C.अभिसारी लेंस
- D.समतल दर्पण
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, अभिसारी लेंस। सरल सूक्ष्मदर्शी कम फोकस दूरी वाला एक उत्तल (अभिसारी) लेंस ही होता है, जिसे आंख के पास रखकर छोटी वस्तु का बड़ा प्रतिबिंब देखा जाता है।
जब वस्तु उत्तल लेंस की फोकस दूरी के भीतर रखी जाती है, तो लेंस वस्तु की ओर ही आभासी, सीधा और बड़ा प्रतिबिंब बनाता है। आवर्धक लेंस, घड़ीसाज़ का आईपीस और जौहरी का लूप इसी सिद्धांत पर काम करते हैं। फोकस दूरी जितनी कम होगी, आवर्धन उतना ही अधिक होगा। संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में दो अभिसारी लेंस, अभिदृश्यक और नेत्रिका, होते हैं जो कहीं अधिक आवर्धन देते हैं।
A गलत है, क्योंकि अपसारी (अवतल) लेंस हमेशा छोटा प्रतिबिंब बनाता है, इसलिए वह आवर्धन नहीं कर सकता। B गलत है, क्योंकि अवतल दर्पण शेविंग दर्पण की तरह बड़ा प्रतिबिंब बना सकता है, पर सरल सूक्ष्मदर्शी में लेंस लगता है, दर्पण नहीं। D गलत है, क्योंकि समतल दर्पण वस्तु के बराबर आकार का प्रतिबिंब बनाता है।
परीक्षा टिप: सरल सूक्ष्मदर्शी, आवर्धक लेंस और दूर-दृष्टि दोष सुधारने वाला चश्मा, तीनों में उत्तल लेंस होता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंप्रकाश संश्लेषण के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन किसके विघटन से आती है?
- A.जल
- B.कार्बन डाइऑक्साइड
- C.ऑक्सीजन
- D.प्रकाश
उत्तर देखें
प्रकाश संश्लेषण में हवा में छोड़ी जाने वाली ऑक्सीजन उन जल अणुओं से आती है जिन्हें प्रकाश ऊर्जा की सहायता से तोड़ा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा लोहे का गलनांक हो सकता है?
- A.25°C
- B.37°C
- C.500°C
- D.1500°C
उत्तर देखें
शुद्ध लोहा लगभग 1,538°C पर पिघलता है, इसलिए दिए गए विकल्पों में केवल 1,500°C ही उसके गलनांक के निकट है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रक्त किस प्रकार का ऊतक है?
- A.उपकला ऊतक
- B.पेशीय ऊतक
- C.तंत्रिका ऊतक
- D.संयोजी ऊतक
उत्तर देखें
रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है, जिसकी कोशिकाएँ प्लाज़्मा नामक तरल आधात्री में तैरती हैं। संयोजी ऊतक शरीर के अन्य भागों को जोड़ते और सहारा देते हैं, और इनकी कोशिकाएँ एक आधात्री में फैली रहती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा सूत्र विद्युत शक्ति को नहीं दर्शाता?
- A.IR
- B.I²R
- C.VI
- D.V²/R
उत्तर देखें
ओम के नियम के अनुसार धारा और प्रतिरोध का गुणनफल विभवांतर देता है, विद्युत शक्ति नहीं। विद्युत शक्ति वह दर है जिस पर विद्युत ऊर्जा का उपयोग होता है, और इसका मूल सूत्र P = VI है, जहाँ V विभवांतर और I धारा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी वस्तु में उसकी स्थिति या आकार में परिवर्तन के कारण निहित ऊर्जा को क्या कहते हैं?
- A.ऊष्मीय ऊर्जा
- B.स्थितिज ऊर्जा
- C.गतिज ऊर्जा
- D.विद्युत ऊर्जा
उत्तर देखें
स्थितिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी वस्तु में उसकी स्थिति के कारण या उसके आकार में परिवर्तन के कारण संचित रहती है।
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