निम्नलिखित में से कौन-सी राष्ट्रीय आंदोलन में नरमपंथियों की राजनीतिक पद्धति नहीं थी?
- A.विदेशी शासन को उखाड़ फेंकना
- B.संवैधानिक आंदोलन
- C.धीमी, व्यवस्थित राजनीतिक प्रगति
- D.जनमत को संगठित करना
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, विदेशी शासन को उखाड़ फेंकना। 1885 से लगभग 1905 तक कांग्रेस का नेतृत्व करने वाले नरमपंथी ब्रिटिश शासन को उखाड़ना नहीं चाहते थे; वे उसकी मूल न्यायप्रियता में विश्वास रखते थे और उसी के भीतर सुधार चाहते थे। दादाभाई नौरोजी, फ़िरोज़शाह मेहता, गोपाल कृष्ण गोखले, सुरेंद्रनाथ बनर्जी और डब्ल्यू. सी. बनर्जी जैसे नेताओं ने संवैधानिक आंदोलन का रास्ता अपनाया, यानी कानून के दायरे में याचिकाएँ, प्रार्थना-पत्र, ज्ञापन, भाषण और प्रस्ताव, जिसे आलोचक "3 P" कहते थे। वे धीमी, व्यवस्थित, चरणबद्ध राजनीतिक प्रगति में विश्वास रखते थे और विधान परिषदों व सेवाओं में अधिक भारतीयों, न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करने और कम सैन्य खर्च की माँग करते थे। उन्होंने भारत में समाचार-पत्रों और सभाओं से और ब्रिटेन में कांग्रेस की ब्रिटिश समिति जैसी संस्थाओं से जनमत को शिक्षित और संगठित करने का प्रयास किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि संवैधानिक आंदोलन उनकी मुख्य पद्धति थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि धीमी, व्यवस्थित प्रगति उनका घोषित लक्ष्य था। विकल्प D गलत है, क्योंकि जनमत संगठित करना उनके काम का केंद्र था। परीक्षा टिप: नरमपंथी ब्रिटिश शासन के भीतर सुधार चाहते थे; विदेशी शासन खत्म करने की माँग बाद में गरमपंथियों और गांधी के साथ आई।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंमक्का भारत में किस मार्ग से लाया गया था?
- A.अमेरिका और इंग्लैंड
- B.अफ्रीका और स्पेन
- C.फ्रांस और रूस
- D.पुर्तगाल और इटली
उत्तर देखें
मक्का अमेरिका महाद्वीप की फसल है और यह सोलहवीं-सत्रहवीं शताब्दी में अफ्रीका और स्पेन के रास्ते भारत पहुँचा; सत्रहवीं शताब्दी तक यह पश्चिमी भारत की प्रमुख फसलों में शामिल हो गया था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विजयनगर साम्राज्य के राजकीय केंद्र के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजकीय केंद्र बस्ती के दक्षिण-पश्चिमी भाग में स्थित था 2. इसमें 60 से अधिक मंदिर शामिल थे 3. इस स्थल के लगभग 30 भवन-परिसरों की पहचान महलों के रूप में की गई है ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1, 2 और 3
- D.केवल 1 और 2
उत्तर देखें
तीनों कथन विजयनगर (हम्पी) के राजकीय केंद्र का वही वर्णन करते हैं जो इस स्थल के पुरातात्विक अध्ययन में दर्ज है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आचार्य विनोबा भावे को भूदान आंदोलन के अंतर्गत भूमि का पहला दान कहाँ प्राप्त हुआ था?
- A.रामगढ़
- B.गढ़वा
- C.हैदराबाद
- D.पोचमपल्ली
उत्तर देखें
18 अप्रैल 1951 को तत्कालीन हैदराबाद राज्य (अब तेलंगाना) के नलगोंडा जिले के पोचमपल्ली गाँव में भूस्वामी वी. रामचंद्र रेड्डी ने भूमिहीन दलित परिवारों के लिए लगभग 100 एकड़ भूमि दी, और यही भूदान आंदोलन का पहला दान बना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मध्यकालीन बंगाल की सबसे बड़ी मस्जिद, पांडुआ की अदीना मस्जिद किसने बनवाई?
- A.सिकंदर शाह
- B.होशंग शाह
- C.इब्राहीम शाह शर्की
- D.अहमद शाह प्रथम
उत्तर देखें
सही उत्तर है A, सिकंदर शाह, जो शम्सुद्दीन इलियास शाह का पुत्र और उत्तराधिकारी था और जिसने चौदहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में पांडुआ में अदीना मस्जिद ऐसे पैमाने पर बनवाई जो पूर्वी भारत में अद्वितीय है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अलाउद्दीन हुसैन शाह, जिसके समय मध्यकालीन बंगाल का स्वर्ण युग आया, किस धार्मिक व्यक्तित्व का समकालीन था?
- A.कबीर
- B.चैतन्य महाप्रभु
- C.गुरु नानक देव
- D.रामानुज
उत्तर देखें
बंगाल में कृष्ण भक्ति के महान प्रचारक अलाउद्दीन हुसैन शाह के शासनकाल में हुए, जिसने बांग्ला साहित्य को संरक्षण दिया और जिसके शासन में वैष्णव भक्ति प्रांत में व्यापक रूप से फैली।
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