निम्नलिखित में से कौन-सी कंदुकूरि वीरेशलिंगम के विचार और दर्शन की विशेषता है?
- A.उनका मानना था कि विज्ञान और नैतिकता का सत्य से कोई संबंध नहीं है
- B.वे सार्वभौमिक शिक्षा में विश्वास करते थे
- C.उनका मानना था कि छात्रों में नैतिकता जगाने में भाषा की कोई भूमिका नहीं है
- D.उन्होंने सांस्कृतिक आधार पर राष्ट्रीय चेतना के निर्माण का कोई प्रयास नहीं किया
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, वे सार्वभौमिक शिक्षा में विश्वास करते थे। कंदुकूरि वीरेशलिंगम लड़कियों सहित सभी के लिए शिक्षा को समाज सुधार की नींव मानते थे।
वीरेशलिंगम (1848–1919) उन्नीसवीं सदी में आंध्र के सबसे बड़े समाज सुधारक थे और उन्हें तेलुगु पुनर्जागरण का जनक कहा जाता है। उन्होंने 1874 में "विवेक वर्धिनी" पत्रिका निकाली, उसी वर्ष लड़कियों के लिए विद्यालय खोला और 1881 में तेलुगु क्षेत्र का पहला विधवा पुनर्विवाह कराया। उन्होंने राजमुंदरी समाज सुधार संघ की स्थापना भी की। उन्होंने पहला तेलुगु उपन्यास लिखा और सरल गद्य में ऐसी रचनाएँ कीं जो आम पाठकों और छात्रों को नैतिक मूल्य सिखाएँ।
A गलत है: वे विज्ञान, तर्क और नैतिकता को सत्य तक पहुँचने का मार्ग मानते थे। C गलत है: उन्होंने तेलुगु भाषा को नैतिक शिक्षा के साधन के रूप में सोच-समझकर अपनाया। D गलत है: तेलुगु साहित्य और सुधार के माध्यम से उन्होंने सांस्कृतिक आधार पर राष्ट्रीय जागृति में योगदान दिया।
परीक्षा टिप: वीरेशलिंगम: आंध्र के सुधारक, विवेक वर्धिनी (1874), विधवा पुनर्विवाह (1881), स्त्री शिक्षा।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा स्रोत हमें उन महिलाओं के बारे में बताता है जिन्होंने अपने पतियों की बेवफ़ाई या परिवार के पुरुष मुखिया द्वारा पत्नी और बच्चों की उपेक्षा के विरुद्ध विरोध किया?
- A.किताब-उल-हिंद
- B.राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की ग्राम पंचायतों से संबंधित दस्तावेज़
- C.मंडोर की मूर्तियाँ
- D.अबुल फ़ज़ल की आइन-ए-अकबरी
उत्तर देखें
इन अभिलेखों में वे अर्ज़ियाँ सुरक्षित हैं जो महिलाओं ने न्याय पाने के लिए पंचायत को भेजी थीं। सोलहवीं और सत्रहवीं शताब्दी में ग्राम पंचायतें झगड़े सुलझाती थीं और दुराचार पर दंड देती थीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन स्वतंत्र भारत की भारतीय सेना के प्रथम भारतीय कमांडर-इन-चीफ थे?
- A.एस. एम. श्रीनागेश
- B.के. एम. करियप्पा
- C.के. एस. थिमैया
- D.के. एस. राजेंद्रसिंहजी
उत्तर देखें
जनरल के. एम. करियप्पा ने 15 जनवरी 1949 को भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ का पद संभाला। उन्होंने अंतिम ब्रिटिश सेना प्रमुख जनरल सर फ्रांसिस बुचर का स्थान लिया, और उनके पदभार ग्रहण करने का दिन हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के उद्घाटन पर महात्मा गांधी के भाषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. उन्होंने भारतीय अभिजात वर्ग पर मेहनतकश गरीबों के प्रति चिंता न रखने का आरोप लगाया। 2. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि हमारी मुक्ति केवल किसानों के माध्यम से ही हो सकती है। 3. उन्होंने अछूतों की दुर्दशा को उजागर किया। 4. उन्होंने अहमदाबाद के मिल मालिकों का पक्ष उठाने का वादा किया। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.1, 2, 3 और 4
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 1, 2 और 3
- D.केवल 3 और 4
उत्तर देखें
फ़रवरी 1916 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के उद्घाटन पर गांधीजी ने गरीबों की उपेक्षा के लिए अभिजात वर्ग की आलोचना की और कहा कि भारत की मुक्ति किसानों से ही होगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ऋग्वेद के 10वें मंडल में निम्नलिखित में से कौन-सा सूक्त विवाह संस्कारों पर प्रकाश डालता है?
- A.सूर्या सूक्त
- B.पुरुष सूक्त
- C.दान स्तुतियाँ
- D.ऊर्ण सूत्र
उत्तर देखें
सूर्या सूक्त (ऋग्वेद X.85) सूर्य की पुत्री सूर्या के विवाह का वर्णन करता है और वैदिक विवाह संस्कारों का मूल स्रोत है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सत्याग्रह के लिए प्रसिद्ध सानिकट्टा नमक कारखाना (साल्ट वर्क्स) कहाँ स्थित है?
- A.गुजरात
- B.तमिलनाडु
- C.केरल
- D.कर्नाटक
उत्तर देखें
सानिकट्टा तटीय कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ ज़िले में गोकर्ण के पास स्थित है। सानिकट्टा पश्चिमी तट के सबसे पुराने पारंपरिक नमक क्षेत्रों में से एक है, जहाँ अघनाशिनी नदी के मुहाने पर समुद्री जल को खेतों में भरकर धूप में सुखाया जाता है।
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