निम्नलिखित में से कौन-सी एक आग्नेय चट्टान का प्रकार है?
- A.संगमरमर
- B.हैलाइट
- C.ग्रेनाइट
- D.शेल
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, ग्रेनाइट। ग्रेनाइट एक आग्नेय चट्टान है, जो पिघले हुए मैग्मा के ठंडा होकर कठोर होने से बनती है। यह पृथ्वी की पर्पटी के भीतर गहराई में धीरे-धीरे ठंडी होती है, इसलिए इसके क्रिस्टल इतने बड़े हो जाते हैं कि आँख से दिख जाते हैं; इसी कारण इसे अंतर्वेधी या पातालीय आग्नेय चट्टान कहते हैं। यह मुख्यतः क्वार्ट्ज़ और फेल्सपार से, कुछ अभ्रक के साथ, बनी होती है, हल्के रंग की और बहुत कठोर होती है, और भवनों, फ़र्श व स्मारकों में खूब प्रयोग होती है। बहिर्वेधी आग्नेय चट्टान का उदाहरण बेसाल्ट है, जो ज्वालामुखी उद्गार के बाद सतह पर जल्दी ठंडी होती है और महीन दानों वाली होती है; दक्कन ट्रैप इसी से बना है। आग्नेय चट्टानों को प्राथमिक चट्टानें कहते हैं, क्योंकि बाकी चट्टानें इन्हीं से बनती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि संगमरमर कायांतरित चट्टान है, जो चूना पत्थर पर ताप और दाब से बनती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि हैलाइट या सेंधा नमक खारे पानी के वाष्पन से बनी रासायनिक अवसादी चट्टान है। विकल्प D गलत है, क्योंकि शेल दबी हुई मिट्टी और गाद से बनी अवसादी चट्टान है। परीक्षा टिप: ग्रेनाइट और बेसाल्ट आग्नेय; चूना पत्थर और शेल अवसादी; संगमरमर और स्लेट कायांतरित।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभू-राजस्व अभिलेखों के अनुसार, किसी भूमि को कृषि योग्य बंजर भूमि की श्रेणी में रखा जाता है यदि वह कितने से अधिक समय तक परती (बिना जुताई के) छोड़ दी गई हो?
- A.2 वर्ष
- B.3 वर्ष
- C.4 वर्ष
- D.5 वर्ष
उत्तर देखें
भारत के भूमि-उपयोग वर्गीकरण में जो भूमि पाँच कृषि वर्षों से अधिक समय तक बिना जुताई के छोड़ दी जाती है, उसे कृषि योग्य बंजर भूमि के रूप में दर्ज किया जाता है, भले ही सुधार करके उस पर फिर खेती की जा सकती हो।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस स्थान पर एक रेलवे ज़ोन का मुख्यालय स्थित है?
- A.कानपुर
- B.लखनऊ
- C.हाजीपुर
- D.न्यू जलपाईगुड़ी
उत्तर देखें
बिहार का हाजीपुर पूर्व मध्य रेलवे ज़ोन का मुख्यालय है, जिसने 2002 में काम शुरू किया। भारतीय रेल अनेक ज़ोन में बँटी है, जिनमें से प्रत्येक का अपना मुख्यालय और मंडल होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कायांतरण (मेटामॉर्फिज्म) का कारक नहीं है?
- A.ऊष्मा
- B.संपीडन
- C.अपघटन
- D.विलयन
उत्तर देखें
अपघटन धरातल पर चट्टानों को तोड़ता है और अपक्षय की प्रक्रिया है, जबकि कायांतरण भूपर्पटी के भीतर ऊष्मा, दाब और रासायनिक रूप से सक्रिय विलयनों से चट्टानों को बदलता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सूर्य से आने वाले विकिरण अधिकतर किस रूप में होते हैं?
- A.केवल प्रकाश
- B.प्रकाश और दीर्घ तरंगदैर्ध्य अवरक्त
- C.प्रकाश और लघु तरंगदैर्ध्य अवरक्त
- D.लघु और दीर्घ दोनों तरंगदैर्ध्य अवरक्त
उत्तर देखें
सूर्य की सतह का तापमान लगभग 6,000 °C है, इसलिए उसकी अधिकांश ऊर्जा पृथ्वी तक लघु तरंग विकिरण के रूप में पहुँचती है: दृश्य प्रकाश और निकट (लघु तरंगदैर्ध्य) अवरक्त, साथ में थोड़ा पराबैंगनी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा गुजरात में स्थित एक प्रमुख तेल क्षेत्र नहीं है?
- A.अंकलेश्वर
- B.कोसंबा
- C.मेहसाणा
- D.मोरान
उत्तर देखें
मोरान ऊपरी असम घाटी के डिब्रूगढ़ जिले में स्थित तेल क्षेत्र है, इसलिए यह गुजरात में नहीं है। गुजरात में भारत के प्रमुख स्थलीय तेल क्षेत्र खंभात (कैम्बे) बेसिन में हैं।
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