निम्नलिखित में से कौन-सा कायांतरण (मेटामॉर्फिज्म) का कारक नहीं है?
- A.ऊष्मा
- B.संपीडन
- C.अपघटन
- D.विलयन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, अपघटन। अपघटन धरातल पर चट्टानों को तोड़ता है और अपक्षय की प्रक्रिया है, जबकि कायांतरण भूपर्पटी के भीतर ऊष्मा, दाब और रासायनिक रूप से सक्रिय विलयनों से चट्टानों को बदलता है। कायांतरण का अर्थ है रूप में परिवर्तन। जब पहले से बनी आग्नेय या अवसादी चट्टानों पर उच्च ताप, भारी दाब या खनिजयुक्त गर्म तरल पदार्थ असर डालते हैं, तो उनके खनिज बिना पिघले पुनः क्रिस्टलित होते हैं और नई चट्टानें बनती हैं। चूना पत्थर से संगमरमर, बलुआ पत्थर से क्वार्टजाइट, शेल से स्लेट और ग्रेनाइट से नीस बनता है। इसके विपरीत, अपघटन रासायनिक अपक्षय है, जिसमें खनिज जल और वायु से क्रिया करते हैं और चट्टान भुरभुरी हो जाती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि पास के मैग्मा से मिलने वाली ऊष्मा तापीय या संपर्क कायांतरण का मुख्य कारक है। विकल्प B गलत है, क्योंकि ऊपरी चट्टानों और भू-हलचलों से होने वाला संपीडन गतिक और प्रादेशिक कायांतरण कराता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि चट्टानों में बहने वाले गर्म विलयन रासायनिक परिवर्तन लाते हैं और कायांतरण के कारक हैं। Exam tip: कायांतरण के कारक = ऊष्मा, दाब, विलयन; अपघटन = अपक्षय।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभू-राजस्व अभिलेखों के अनुसार, किसी भूमि को कृषि योग्य बंजर भूमि की श्रेणी में रखा जाता है यदि वह कितने से अधिक समय तक परती (बिना जुताई के) छोड़ दी गई हो?
- A.2 वर्ष
- B.3 वर्ष
- C.4 वर्ष
- D.5 वर्ष
उत्तर देखें
भारत के भूमि-उपयोग वर्गीकरण में जो भूमि पाँच कृषि वर्षों से अधिक समय तक बिना जुताई के छोड़ दी जाती है, उसे कृषि योग्य बंजर भूमि के रूप में दर्ज किया जाता है, भले ही सुधार करके उस पर फिर खेती की जा सकती हो।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस स्थान पर एक रेलवे ज़ोन का मुख्यालय स्थित है?
- A.कानपुर
- B.लखनऊ
- C.हाजीपुर
- D.न्यू जलपाईगुड़ी
उत्तर देखें
बिहार का हाजीपुर पूर्व मध्य रेलवे ज़ोन का मुख्यालय है, जिसने 2002 में काम शुरू किया। भारतीय रेल अनेक ज़ोन में बँटी है, जिनमें से प्रत्येक का अपना मुख्यालय और मंडल होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सूर्य से आने वाले विकिरण अधिकतर किस रूप में होते हैं?
- A.केवल प्रकाश
- B.प्रकाश और दीर्घ तरंगदैर्ध्य अवरक्त
- C.प्रकाश और लघु तरंगदैर्ध्य अवरक्त
- D.लघु और दीर्घ दोनों तरंगदैर्ध्य अवरक्त
उत्तर देखें
सूर्य की सतह का तापमान लगभग 6,000 °C है, इसलिए उसकी अधिकांश ऊर्जा पृथ्वी तक लघु तरंग विकिरण के रूप में पहुँचती है: दृश्य प्रकाश और निकट (लघु तरंगदैर्ध्य) अवरक्त, साथ में थोड़ा पराबैंगनी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा गुजरात में स्थित एक प्रमुख तेल क्षेत्र नहीं है?
- A.अंकलेश्वर
- B.कोसंबा
- C.मेहसाणा
- D.मोरान
उत्तर देखें
मोरान ऊपरी असम घाटी के डिब्रूगढ़ जिले में स्थित तेल क्षेत्र है, इसलिए यह गुजरात में नहीं है। गुजरात में भारत के प्रमुख स्थलीय तेल क्षेत्र खंभात (कैम्बे) बेसिन में हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नीलगिरि और पलनी पहाड़ियों में मिलने वाली आर्कियन समूह की शैल चार्नोकाइट का नाम किसके नाम पर पड़ा?
- A.जॉब चार्नोक
- B.विलियम जोंस
- C.जेम्स प्रिंसेप
- D.अलेक्जेंडर कनिंघम
उत्तर देखें
चार्नोकाइट आर्कियन आधार समूह की ग्रेनाइटी शैल है और दक्षिण की नीलगिरि तथा पलनी पहाड़ियों में मिलती है।
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